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‘संकट से निपटने के लिए आत्मविश्वास जरूरी’
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‘संकट से निपटने के लिए आत्मविश्वास जरूरी’
- राजकीय कन्या इंटर कॉलेज पडरौना में आयोजित हुआ आत्मरक्षा शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना (कुशीनगर)। संकटों से निपटने के लिए छात्राओं में आत्मविश्वास बहुत जरूरी है। अचानक सामने आई मुश्किल से घबराने की बजाय शांत रहकर उसका समाधान खोजना चाहिए। अपने आसपास होने वाली हरकत पर हमेशा चौकन्ना होकर नजर रखनी चाहिए। स्कूल, दफ्तर या बाजार जाते समय अगर कोई अवांछनीय गतिविधि दिखे तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
ये बातें नगर के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में शनिवार को आयोजित आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर में प्रधानाचार्य मंशा देवी ने बतौर मुख्य अतिथि कहीं। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत आयोजित शिविर में उन्होंने कहा कि संकट को भांपकर उससे मुकाबला करने की हिम्मत कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी जीत दिला सकती है। बेटियों की सुरक्षा के लिए सरकार की तरफ से भी कई कार्यक्रम संचालित हैं, लेेकिन अचानक आई किसी स्थिति से निपटने के लिए खुद को तैयार रखना जरूरी है। आत्मरक्षा शिविर में 106 छात्राएं शामिल हुईं।
प्रशिक्षक रोहित सैनी ने छात्राओं को आत्मरक्षा का अभ्यास कराते हुए कहा कि निडर होने के लिए ताकत जरूरी है। शारीरिक और मानसिक ताकत से ही सामने आए हमलावर को परास्त किया जा सकता है। स्कूल बैग, दुपट्टा, पेन आदि सामान्य सी दिखने वाली वस्तुएं भी आत्मरक्षा के लिए हथियार का काम कर सकती हैं। अगर सामने से कोई हमला करे तो स्वयं को बचाते हुए नाक को लक्ष्य बनाकर प्रहार करें। इससे हमलावर बेहोश भी हो सकता है और बचाव का मौका भी मिल जाएगा। इसी प्रकार पेन को मुट्ठी में रखकर प्रहार करने से भी हमलावर को खुद बचाव की मुद्रा में आना पड़ेगा। रोहित ने छात्राओं को शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सीख देते हुए कहा कि खुद को फिट रखने के लिए खेलकूद व योगाभ्यास में हिस्सा लें। इस प्रशिक्षण शिविर में 106 छात्राएं मौजूद रहीं। इस दौरान राजेश्वरी सिंह, तलत सुल्तान, ज्योत्सना, रेनू, अबुल हसन अंसारी, अनिल पांडेय आदि मौजूद रहे।
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शिक्षक व छात्राएं बोलीं, प्रशिक्षण से हौसला बढ़ा
शिक्षक ज्योत्सना ने कहा कि बढ़ते अपराध के चलते ही महिलाएं घर से बाहर निकलने से कतराती हैं। ऐसे प्रशिक्षण से ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियों का साहस बढ़ेगा। शिक्षक रेनू ने कहा कि छात्राओं को आत्मरक्षा के उपायों की जानकारी देकर उत्साहवर्धन करना जरूरी है। छात्रा अंजनी शर्मा ने कहा कि आत्मरक्षा के उपायों की जानकारी से आत्मविश्वास बढ़ा है। छात्रा शिवानी चौरसिया ने कहा कि मानसिक व शारीरिक मजबूती से ही लड़कियां अपने ऊपर होने वाले अत्याचार का सफलतापूर्वक मुकाबला कर सकती हैं।
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- राजकीय कन्या इंटर कॉलेज पडरौना में आयोजित हुआ आत्मरक्षा शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना (कुशीनगर)। संकटों से निपटने के लिए छात्राओं में आत्मविश्वास बहुत जरूरी है। अचानक सामने आई मुश्किल से घबराने की बजाय शांत रहकर उसका समाधान खोजना चाहिए। अपने आसपास होने वाली हरकत पर हमेशा चौकन्ना होकर नजर रखनी चाहिए। स्कूल, दफ्तर या बाजार जाते समय अगर कोई अवांछनीय गतिविधि दिखे तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
ये बातें नगर के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में शनिवार को आयोजित आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर में प्रधानाचार्य मंशा देवी ने बतौर मुख्य अतिथि कहीं। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत आयोजित शिविर में उन्होंने कहा कि संकट को भांपकर उससे मुकाबला करने की हिम्मत कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी जीत दिला सकती है। बेटियों की सुरक्षा के लिए सरकार की तरफ से भी कई कार्यक्रम संचालित हैं, लेेकिन अचानक आई किसी स्थिति से निपटने के लिए खुद को तैयार रखना जरूरी है। आत्मरक्षा शिविर में 106 छात्राएं शामिल हुईं।
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प्रशिक्षक रोहित सैनी ने छात्राओं को आत्मरक्षा का अभ्यास कराते हुए कहा कि निडर होने के लिए ताकत जरूरी है। शारीरिक और मानसिक ताकत से ही सामने आए हमलावर को परास्त किया जा सकता है। स्कूल बैग, दुपट्टा, पेन आदि सामान्य सी दिखने वाली वस्तुएं भी आत्मरक्षा के लिए हथियार का काम कर सकती हैं। अगर सामने से कोई हमला करे तो स्वयं को बचाते हुए नाक को लक्ष्य बनाकर प्रहार करें। इससे हमलावर बेहोश भी हो सकता है और बचाव का मौका भी मिल जाएगा। इसी प्रकार पेन को मुट्ठी में रखकर प्रहार करने से भी हमलावर को खुद बचाव की मुद्रा में आना पड़ेगा। रोहित ने छात्राओं को शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सीख देते हुए कहा कि खुद को फिट रखने के लिए खेलकूद व योगाभ्यास में हिस्सा लें। इस प्रशिक्षण शिविर में 106 छात्राएं मौजूद रहीं। इस दौरान राजेश्वरी सिंह, तलत सुल्तान, ज्योत्सना, रेनू, अबुल हसन अंसारी, अनिल पांडेय आदि मौजूद रहे।
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शिक्षक व छात्राएं बोलीं, प्रशिक्षण से हौसला बढ़ा
शिक्षक ज्योत्सना ने कहा कि बढ़ते अपराध के चलते ही महिलाएं घर से बाहर निकलने से कतराती हैं। ऐसे प्रशिक्षण से ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियों का साहस बढ़ेगा। शिक्षक रेनू ने कहा कि छात्राओं को आत्मरक्षा के उपायों की जानकारी देकर उत्साहवर्धन करना जरूरी है। छात्रा अंजनी शर्मा ने कहा कि आत्मरक्षा के उपायों की जानकारी से आत्मविश्वास बढ़ा है। छात्रा शिवानी चौरसिया ने कहा कि मानसिक व शारीरिक मजबूती से ही लड़कियां अपने ऊपर होने वाले अत्याचार का सफलतापूर्वक मुकाबला कर सकती हैं।