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Kushinagar News: 1695 स्कूलों को भेजा गया कंपोजिट ग्रांट का पैसा, होंगे जरूरी काम
Wed, 10 Apr 2024 03:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 10 Apr 2024 03:09 AM IST
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महराजगंज। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जिले के 1695 स्कूलों में कंपोजिट ग्रांट की किस्त भेज दी गई है। काम पूरा न होने पर आठ स्कूलों को सूची से बाहर कर दिया गया है।
प्रति स्कूल विद्यार्थी नामांकन के अनुसार 12 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये की धनराशि भेजी गई है। इसमें स्कूल की रंगाई-पोताई, डेस्क की मरम्मत, खराब पंखे, एलईडी लाइट बदलवाने, परिसर की झाड़ी सफाई और अन्य कार्य कराने हैं। यह भी ध्यान रखना है कि इंडिया मार्क हैंडपंप, समर्सिबल दूषित जल न उगलते हों। जलस्रोत के आसपास जलजमाव के हालात न उत्पन्न होने पाएं इसके लिए व्यापक प्रबंधन की जरूरत है। कार्य पूर्ण कराने के लिए व सही तरीके से कार्य पूरा कराने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी बेसिक शिक्षा के स्कूलों को पत्र भेजा है।
अब प्रधानाध्यापक बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में मनमाने कार्य के लिए कंपोजिट ग्रांट की धनराशि खर्च नहीं कर सकेंगे। बढ़ती शिकायतों को देखते हुए विभाग ने प्रधानाध्यापकों को जरूरी कार्य कराने के लिए निर्देशित किया है। विभाग की ओर से भेजे गए पत्र में स्कूल भवन की रंगाई पोताई, मरम्मत, शौचालय, स्कूल परिसर और जलस्रोत को विशेष रूप से साफ कराने। जलस्रोत अथवा शौचालय के आसपास जल न एकत्र होने देने, मौसमी सब्जी, औषधीय पौधे व अन्य वनस्पतियों को रोपने की बात शामिल हैं। इससे पहले अधिकतर राशि को प्रधानाध्यापक टीएलएम मद में खर्च कर लेते थे।
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इसमें ब्लैक बोर्ड, चाक, रजिस्टर, डेस्टर, चार्ट, मार्कर इत्यादि की फर्जी खरीद कंपोजिट ग्रांट से कर ली जाती थी, लेकिन बेसिक शिक्षा अधिकारी की सख्ती के बाद कंपोजिट ग्रांट की राशि सिर्फ तय कार्यों पर ही खर्च होगी तथा विभाग को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट में जीएसटी का पक्का बिल भी लगाना होगा। कवायद पूर्ण करने पर ही इस मद का अतिरिक्त पैसा मिलेगा।
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1695 स्कूलों को कंपोजिट राशि भेजने के साथ तय कार्य जो कराने हैं उसकी सूची भी सभी प्रधानाध्यापकों को भेजी गई है। कहीं राशि के दुरुपयोग की शिकायत मिली तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-श्रवण गुप्ता, जिला बेसिक अधिकारी
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प्रति स्कूल विद्यार्थी नामांकन के अनुसार 12 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये की धनराशि भेजी गई है। इसमें स्कूल की रंगाई-पोताई, डेस्क की मरम्मत, खराब पंखे, एलईडी लाइट बदलवाने, परिसर की झाड़ी सफाई और अन्य कार्य कराने हैं। यह भी ध्यान रखना है कि इंडिया मार्क हैंडपंप, समर्सिबल दूषित जल न उगलते हों। जलस्रोत के आसपास जलजमाव के हालात न उत्पन्न होने पाएं इसके लिए व्यापक प्रबंधन की जरूरत है। कार्य पूर्ण कराने के लिए व सही तरीके से कार्य पूरा कराने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी बेसिक शिक्षा के स्कूलों को पत्र भेजा है।
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अब प्रधानाध्यापक बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में मनमाने कार्य के लिए कंपोजिट ग्रांट की धनराशि खर्च नहीं कर सकेंगे। बढ़ती शिकायतों को देखते हुए विभाग ने प्रधानाध्यापकों को जरूरी कार्य कराने के लिए निर्देशित किया है। विभाग की ओर से भेजे गए पत्र में स्कूल भवन की रंगाई पोताई, मरम्मत, शौचालय, स्कूल परिसर और जलस्रोत को विशेष रूप से साफ कराने। जलस्रोत अथवा शौचालय के आसपास जल न एकत्र होने देने, मौसमी सब्जी, औषधीय पौधे व अन्य वनस्पतियों को रोपने की बात शामिल हैं। इससे पहले अधिकतर राशि को प्रधानाध्यापक टीएलएम मद में खर्च कर लेते थे।
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इसमें ब्लैक बोर्ड, चाक, रजिस्टर, डेस्टर, चार्ट, मार्कर इत्यादि की फर्जी खरीद कंपोजिट ग्रांट से कर ली जाती थी, लेकिन बेसिक शिक्षा अधिकारी की सख्ती के बाद कंपोजिट ग्रांट की राशि सिर्फ तय कार्यों पर ही खर्च होगी तथा विभाग को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट में जीएसटी का पक्का बिल भी लगाना होगा। कवायद पूर्ण करने पर ही इस मद का अतिरिक्त पैसा मिलेगा।
1695 स्कूलों को कंपोजिट राशि भेजने के साथ तय कार्य जो कराने हैं उसकी सूची भी सभी प्रधानाध्यापकों को भेजी गई है। कहीं राशि के दुरुपयोग की शिकायत मिली तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-श्रवण गुप्ता, जिला बेसिक अधिकारी