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सर्द हवाओं ने बढ़ाई गलन, ठिठुर रहे लोग
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Wed, 10 Jan 2018 11:41 PM IST
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आग तापते लोग।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना। कड़ाके की ठंड से हर कोई परेशान है। अलाव का सहारा लेकर लोग ठंड से निजात पाने की कोशिश कर रहे है। सर्द हवाओं के चलते गलन और बढ़ गई है। लोगों के अलावा बेजुबानों पर भी यह ठंड भारी पड़ रही है। सुभाष चौक पर पुलिस विभाग की ओर से बनाए गए रैन बसेरा में व्यवस्था नाकाफी है। इसके चलते यहां मुसाफिर भी परेशान हैं और रिक्शा चालक भी। नगर के कुछ प्रमुख स्थानों पर ही अलाव की व्यवस्था की गई है। लोग अपने घरों में ही कोयला, लकड़ी, गत्ता व प्लास्टिक जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे है। शाम के वक्त पारा और लुढक गया। इसके चलते लोग अपने घरों को जल्दी लौट गए।
बुधवार की सुबह कोहरे के बीच थोड़ा सा मौसम साफ हुआ तो लगा कि मंगलवार की तरह ही दोपहर में धूप निकल जाएगी, लेकिन लोगों का अनुमान गलत निकला। दिन चढ़ने के साथ ही मौसम और खराब होता चला गया। सर्द हवाओं के चलते पारा और लुढक गया है। पूरे दिन बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। सुभाष चौक पर पुलिस विभाग की ओर से रैन बसेरा बनाया गया है लेकिन यहां ठहरने वाले लोग व्यवस्था देख बाहर से ही लौट जा रहे है। यहां नीचे सिर्फ पुआल ही पड़ा हुआ है। बाहर अलाव के नाम पर जो लकड़ी रखी गई है, वह भी गीली है।
ठंड का असर लोगों पर इस कदर भारी पड़ रहा है कि अलाव के लिए लोग कोयला व लकड़ी खरीद रहे हैं। कोयला व्यवसाई ओमप्रकाश ने बताया कि इन दिनों कोयला की बिक्री बढ़ी है। छोटे टुकड़ों को खरीदने के लिए लोग आ रहे हैं। 14 रुपए प्रति किलो के हिसाब से कोयला की बिक्री हो रही है। लकड़ी व्यापारी जयप्रकाश का कहना था कि अलाव के लिए लोग लकड़ी खरीदने आ रहे है। लेकिन अब सूखी लकड़ी भी खत्म होने के कगार पर हैं।
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कड़ाके की ठंड में रिक्शा चालकों की संख्या में कम हो गई है। शहर के एक मुहल्ले से दूसरे मुहल्ले में सवारी लेकर जाने वाले रिक्शा चालक मटियरवां के दिनेश, सोहनपुर के मुन्ना का कहना था कि ठंड के चलते सवारी भी नहीं आ रही है। रोजीरोटी का सवाल है, इसलिए मजबूरी में शहर आना पड़ रहा है।
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बुधवार की सुबह कोहरे के बीच थोड़ा सा मौसम साफ हुआ तो लगा कि मंगलवार की तरह ही दोपहर में धूप निकल जाएगी, लेकिन लोगों का अनुमान गलत निकला। दिन चढ़ने के साथ ही मौसम और खराब होता चला गया। सर्द हवाओं के चलते पारा और लुढक गया है। पूरे दिन बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। सुभाष चौक पर पुलिस विभाग की ओर से रैन बसेरा बनाया गया है लेकिन यहां ठहरने वाले लोग व्यवस्था देख बाहर से ही लौट जा रहे है। यहां नीचे सिर्फ पुआल ही पड़ा हुआ है। बाहर अलाव के नाम पर जो लकड़ी रखी गई है, वह भी गीली है।
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ठंड का असर लोगों पर इस कदर भारी पड़ रहा है कि अलाव के लिए लोग कोयला व लकड़ी खरीद रहे हैं। कोयला व्यवसाई ओमप्रकाश ने बताया कि इन दिनों कोयला की बिक्री बढ़ी है। छोटे टुकड़ों को खरीदने के लिए लोग आ रहे हैं। 14 रुपए प्रति किलो के हिसाब से कोयला की बिक्री हो रही है। लकड़ी व्यापारी जयप्रकाश का कहना था कि अलाव के लिए लोग लकड़ी खरीदने आ रहे है। लेकिन अब सूखी लकड़ी भी खत्म होने के कगार पर हैं।
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कड़ाके की ठंड में रिक्शा चालकों की संख्या में कम हो गई है। शहर के एक मुहल्ले से दूसरे मुहल्ले में सवारी लेकर जाने वाले रिक्शा चालक मटियरवां के दिनेश, सोहनपुर के मुन्ना का कहना था कि ठंड के चलते सवारी भी नहीं आ रही है। रोजीरोटी का सवाल है, इसलिए मजबूरी में शहर आना पड़ रहा है।