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Kushinagar News: नेबुआ नौरंगिया में फर्जी अस्पतालों की जांच को सीएमओ पत्र
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नवजात की मौत के बाद सीएचसी के अधीक्षक हुए सक्रिय
पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत निजी अस्पतालों की जांच होगी। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा है। यह पत्र क्षेत्र में संचालित निजी और फर्जी चिकित्सालयों को चिह्नित करने के लिए भेजा गया है। चार दिन पूर्व हुए नवजात की मौत के बाद सीएचसी अधीक्षक सक्रिय हुए हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेबुआ नौरंगिया के प्रभारी चिकित्साधिकारी ने आठ अक्तूबर को यह पत्र भेजा। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कुशीनगर से जांच का अनुरोध किया है। पत्र में स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले निजी चिकित्सालयों की जांच के लिए टीम गठित करने को कहा गया है। इससे फर्जी चिकित्सालयों को आसानी से चिह्नित किया जा सकेगा।
फर्जी चिकित्सालयों के कारण मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों का सामना करना पड़ता है। जांच टीम गठित होने के बाद इन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कब तक जांच शुरू होती है, यह देखना बाकी है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि अवैध तरीके से संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई के लिए सूची तैयार कर सीएमओ को पत्र भेजा गया है।
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पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत निजी अस्पतालों की जांच होगी। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा है। यह पत्र क्षेत्र में संचालित निजी और फर्जी चिकित्सालयों को चिह्नित करने के लिए भेजा गया है। चार दिन पूर्व हुए नवजात की मौत के बाद सीएचसी अधीक्षक सक्रिय हुए हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेबुआ नौरंगिया के प्रभारी चिकित्साधिकारी ने आठ अक्तूबर को यह पत्र भेजा। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कुशीनगर से जांच का अनुरोध किया है। पत्र में स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले निजी चिकित्सालयों की जांच के लिए टीम गठित करने को कहा गया है। इससे फर्जी चिकित्सालयों को आसानी से चिह्नित किया जा सकेगा।
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फर्जी चिकित्सालयों के कारण मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों का सामना करना पड़ता है। जांच टीम गठित होने के बाद इन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कब तक जांच शुरू होती है, यह देखना बाकी है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि अवैध तरीके से संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई के लिए सूची तैयार कर सीएमओ को पत्र भेजा गया है।
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