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Kushinagar News: आपदा से बचाव का प्रशिक्षण लेंगे बच्चे, दूसरों को करेंगे जागरूक
Tue, 18 Jun 2024 04:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 18 Jun 2024 04:07 AM IST
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पडरौना। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित विद्यालयों में बच्चों को आपदा से बचाव के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। आग और पानी में डूबने से बचाव सहित अन्य प्रकार की आपदा में कैसे बचें इसके बारे में प्रशिक्षक जानकारी देंगे।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित स्कूलों व कॉलेजों के बच्चों को आपदा प्रबंधन के गुर सिखाएं जाएंगे। स्कूलों में माक ड्रिल के माध्यम से विद्यार्थियों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के तरीके बताएं जाएंगे। शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में आपदा प्रबंधन को लेकर अधिक जोर दिया जा रहा है। स्कूली बच्चों आपदा के दौरान आत्मरक्षा करने और दूसरों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बाढ़, आगजनी, भूकंप या अन्य प्राकृतिक आपदा के समय होने वाले नुकसान व उससे बचाव के तौर तरीके बच्चों को सिखाएं जाएंगे। इधर, स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूली बच्चों को सर्पदंश व आकाशीय बिजली से बचाने के लिए सतर्कता जारी किया है। बच्चों को जागरूक करने के को स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। सरकारी व निजी स्कूलों में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव और सुरक्षा संबंधी उपायों और जागरूकता के लिए आपदा प्रबंधन कार्ययोजना तैयार करने के साथ माक ड्रिल कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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स्कूली बच्चों को प्रमुखता से बताई जाएंगे ये बातें
सर्पदंश होने पर काटे गए जगह पर दर्द, नींद आना, सांस लेने में परेशानी हो सकती है, सांप के डसे हुए अंग को नीचे रखें और सांत्वना दें। घबराहट से हृदयगति, खून का संचरण तेज हो जाता है, जहरीले सांप ने डसा है तो डॉक्टर एंटी वीनम सीरम इंजेक्शन का उपयोग कर सकते हैं। धंसी हुई पलकें, नेक्रोसिस और शरीर की कोशिकाओं का मृत हो जाना, मुंह में झाग आना, निगलने में परेशानी, पसीना आना, धुंधला दिखना, सांप से कटे हुए स्थान को स्थिर करें। अर्थात व्यक्ति को चलने-फिरने न दें। सर्पदंश से बचाव के लिए सांप के रहने के स्थल की जानकारी रखी जाए। बारिश, बाढ़, रात और खेत में सतर्क रहने की आवश्यकता है, पांव को जूता से ढक कर रखें, अंधेरे और रात में टार्च का उपयोग किया जाए, जमीन पर न सोंए।
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बिजली गिरने पर इस तरह बचें
बाइक, बिजली या टेलीफोन का खंभा, तार की बाड़ और मशीन से दूर रहें। बिजली गिरने के दौरान बिजली के उपकरणों को बिजली के संपर्क से हटा दें। पैरों की नीचे सूखी चीजें जैसे- लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें। सफर के दौरान अपने वाहन में ही रहें और हो सकें तो रुक जाएं। खुले स्थान पर हैं, तो शीघ्र किसी पक्के मकान की शरण लें। धातु से बने कृषि यंत्र, डंडा आदि से अपने को दूर रखें, आसमानी बिजली के झटके से घायल होने पर पीड़ित व्यक्ति अस्पताल ले जाएं। स्कूली बच्चों को आपदा प्रबंधन से बचने के तौर-तरीके बताएं जाएंगे। साथ ही सर्पदंश व बिजली और बाढ़ आदि प्राकृतिक आपदा से बचाव को लेकर भी जागरूक किया जाएगा। -रविंद्र सिंह, डीआईओएस, कुशीनगर।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित स्कूलों व कॉलेजों के बच्चों को आपदा प्रबंधन के गुर सिखाएं जाएंगे। स्कूलों में माक ड्रिल के माध्यम से विद्यार्थियों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के तरीके बताएं जाएंगे। शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में आपदा प्रबंधन को लेकर अधिक जोर दिया जा रहा है। स्कूली बच्चों आपदा के दौरान आत्मरक्षा करने और दूसरों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बाढ़, आगजनी, भूकंप या अन्य प्राकृतिक आपदा के समय होने वाले नुकसान व उससे बचाव के तौर तरीके बच्चों को सिखाएं जाएंगे। इधर, स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूली बच्चों को सर्पदंश व आकाशीय बिजली से बचाने के लिए सतर्कता जारी किया है। बच्चों को जागरूक करने के को स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। सरकारी व निजी स्कूलों में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव और सुरक्षा संबंधी उपायों और जागरूकता के लिए आपदा प्रबंधन कार्ययोजना तैयार करने के साथ माक ड्रिल कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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स्कूली बच्चों को प्रमुखता से बताई जाएंगे ये बातें
सर्पदंश होने पर काटे गए जगह पर दर्द, नींद आना, सांस लेने में परेशानी हो सकती है, सांप के डसे हुए अंग को नीचे रखें और सांत्वना दें। घबराहट से हृदयगति, खून का संचरण तेज हो जाता है, जहरीले सांप ने डसा है तो डॉक्टर एंटी वीनम सीरम इंजेक्शन का उपयोग कर सकते हैं। धंसी हुई पलकें, नेक्रोसिस और शरीर की कोशिकाओं का मृत हो जाना, मुंह में झाग आना, निगलने में परेशानी, पसीना आना, धुंधला दिखना, सांप से कटे हुए स्थान को स्थिर करें। अर्थात व्यक्ति को चलने-फिरने न दें। सर्पदंश से बचाव के लिए सांप के रहने के स्थल की जानकारी रखी जाए। बारिश, बाढ़, रात और खेत में सतर्क रहने की आवश्यकता है, पांव को जूता से ढक कर रखें, अंधेरे और रात में टार्च का उपयोग किया जाए, जमीन पर न सोंए।
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बिजली गिरने पर इस तरह बचें
बाइक, बिजली या टेलीफोन का खंभा, तार की बाड़ और मशीन से दूर रहें। बिजली गिरने के दौरान बिजली के उपकरणों को बिजली के संपर्क से हटा दें। पैरों की नीचे सूखी चीजें जैसे- लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें। सफर के दौरान अपने वाहन में ही रहें और हो सकें तो रुक जाएं। खुले स्थान पर हैं, तो शीघ्र किसी पक्के मकान की शरण लें। धातु से बने कृषि यंत्र, डंडा आदि से अपने को दूर रखें, आसमानी बिजली के झटके से घायल होने पर पीड़ित व्यक्ति अस्पताल ले जाएं। स्कूली बच्चों को आपदा प्रबंधन से बचने के तौर-तरीके बताएं जाएंगे। साथ ही सर्पदंश व बिजली और बाढ़ आदि प्राकृतिक आपदा से बचाव को लेकर भी जागरूक किया जाएगा। -रविंद्र सिंह, डीआईओएस, कुशीनगर।