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Kushinagar News: बाजूपट्टी में अतिक्रमण हटाने के विरोध में चौहान समाज ने किया प्रदर्शन
Tue, 07 Oct 2025 01:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 07 Oct 2025 01:45 AM IST
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बाजूपट्टी में प्रदर्शन करते चौहान समाज के लोग। स्रोत-सोशल मीडिया
मंसाछापर। जटहा बाजार थाना क्षेत्र के बाजूपट्टी गांव में रविवार को न्यायालय के आदेश पर राजस्व टीम ने हाट बाजार की जमीन से अतिक्रमण हटाया था। इस कार्रवाई में पांच भूमिहीन परिवारों और सात झोपड़ी डालकर दुकान को गिरा दिए गए। इसको लेकर सोमवार की दोपहर चौहान समाज के जिलाध्यक्ष नरसिंह चौहान के नेतृत्व में ग्रामीणों और गृहस्वामियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार के आदेश के अनुसार किसी भी भूमिहीन परिवार को हटाने से पहले उनके लिए वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराई जानी चाहिए, लेकिन प्रशासन ने बिना जमीन दिए ही घर गिरा दिए। बरसात के मौसम में ये परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। जिलाध्यक्ष नरसिंह चौहान ने चेतावनी दी कि यदि शासन इन भूमिहीन परिवारों को तत्काल आवासीय पट्टा उपलब्ध नहीं कराता है तो चौहान समाज के लोग आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने बताया कि मोती चौहान, नागेंद्र चौहान, हरेंद्र चौहान और महेश चौहान सहित पांचों परिवार कई वर्षों से बाजार की जमीन पर झोपड़ी बनाकर जीवन यापन कर रहे थे। दो वर्ष पूर्व इसी गांव में भीषण आग लगी थी, जिसमें तीस से अधिक घर जल गए थे, उस समय तत्कालीन डीएम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचकर संवेदना प्रकट किए थे और भूमिहीन परिवारों को आवासीय पट्टा देने का आश्वासन दिया था। मगर राजस्व विभाग की लापरवाही के कारण न तो अब तक पट्टा मिला, न आवास। अब उन्हीं परिवारों के घरों को जेसीबी मशीन से तोड़कर उन्हें फिर से बेसहारा कर दिया गया है।
प्रदर्शन में महेश चौहान, रबी चौहान, राजेश चौहान, अजय, जगदीश, सुरेंद्र, छट्ठू, जयराम चौहान आदि मौजूद रहे।
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प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार के आदेश के अनुसार किसी भी भूमिहीन परिवार को हटाने से पहले उनके लिए वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराई जानी चाहिए, लेकिन प्रशासन ने बिना जमीन दिए ही घर गिरा दिए। बरसात के मौसम में ये परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। जिलाध्यक्ष नरसिंह चौहान ने चेतावनी दी कि यदि शासन इन भूमिहीन परिवारों को तत्काल आवासीय पट्टा उपलब्ध नहीं कराता है तो चौहान समाज के लोग आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने बताया कि मोती चौहान, नागेंद्र चौहान, हरेंद्र चौहान और महेश चौहान सहित पांचों परिवार कई वर्षों से बाजार की जमीन पर झोपड़ी बनाकर जीवन यापन कर रहे थे। दो वर्ष पूर्व इसी गांव में भीषण आग लगी थी, जिसमें तीस से अधिक घर जल गए थे, उस समय तत्कालीन डीएम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचकर संवेदना प्रकट किए थे और भूमिहीन परिवारों को आवासीय पट्टा देने का आश्वासन दिया था। मगर राजस्व विभाग की लापरवाही के कारण न तो अब तक पट्टा मिला, न आवास। अब उन्हीं परिवारों के घरों को जेसीबी मशीन से तोड़कर उन्हें फिर से बेसहारा कर दिया गया है।
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प्रदर्शन में महेश चौहान, रबी चौहान, राजेश चौहान, अजय, जगदीश, सुरेंद्र, छट्ठू, जयराम चौहान आदि मौजूद रहे।