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Kushinagar News: वारंट में छेड़छाड़ कर किया चालान...दरोगा और दीवान भेजे गए जेल

Tue, 22 Oct 2024 05:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Tue, 22 Oct 2024 05:36 AM IST
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Challan issued by tampering with warrant...Inspector and Diwan sent to jail
पडरौना। वारंट में कूटरचना कर पीड़ित का चालान करने वाले दरोगा और दीवान को कोर्ट ने जेल भेज दिया। गैर जमानती वारंट जारी कर कोर्ट ने वेतन बाधित किया तो दरोगा और दीवान सोमवार को हाजिर हुए। कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में दोनों को जेल भेज दिया। दरोगा बस्ती में डीसीआरबी प्रभारी है जबकि दीवान महराजगंज जिले के निचलौल थाने में तैनात है।
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कप्तानगंज थाना क्षेत्र के इंदरपुर गांव निवासी कपिलदेव कुमार 10 फरवरी वर्ष 2019 को अपने कुआं और नाली की सफाई कर रहे थे। गांव के कुछ लोगों ने उनकी पिटाई कर दी थी। कपिलदेव की अंगुली टूट गई थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत थाने में की, लेकिन कार्रवाई के बजाए पुलिस ने पीड़ित का शांतिभंग में चालान कर दिया था। एसडीएम कोर्ट में लंबित शांतिभंग के मुकदमे में तारीख पर नहीं जाने पर 12 अप्रैल 2019 को अगली तारीख पर उपस्थित होकर पक्ष रखने के लिए एसडीएम कोर्ट ने 29 मार्च 2019 को वारंट (बीडब्ल्यू) जारी किया था।
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कप्तानगंज थाने में तैनात दरोगा भगवान सिंह और दीवान सोमदेव यादव ने जमानती वारंट में कूटरचना कर गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) बना दिया और 31 मार्च 2019 आधी रात को घर से कपिलदेव और इसकी पत्नी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। पीड़ित कपिलदेव ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय एससीएसटी एक्ट सुनील कुमार यादव के यहां परिवाद दाखिल किया था।
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साक्ष्य के आधार पर आरोपी दरोगा और दीवान को कोर्ट ने समन जारी किया। कई बार वारंट, गैर जमानती वारंट जारी करने के बाद वेतन रोकने का आदेश दिया। बावजूद आरोपी दरोगा और दीवान कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। सोमवार को आरोपी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय एससीएसटी एक्ट सुनील कुमार यादव के न्यायालय में सरेंडर किया और अपनी जमानत याचिका प्रस्तुत की। न्यायालय ने दरोगा और दीवान को जेल भेज दिया। कोर्ट ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट की धारा 15/क/3 में परिवादी को सुना जाना आवश्यक है। जमानत याचिका की सुनवाई 23 अक्तूबर को होगी।
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