{"_id":"60e34d218ebc3e297d420c5d","slug":"central-minister-shekhawat-has-planting-rudraksh-kushinagar-news-gkp40078752","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलशक्ति मंत्री के निरीक्षण से संबंधित खबर--","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलशक्ति मंत्री के निरीक्षण से संबंधित खबर--
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने लगाया रुद्राक्ष का पौधा
तमकुहीरोड (कुशीनगर)। नोनियापट्टी गांव के सामने एपी तटबंध का निरीक्षण करने के बाद मंत्रियों व अफसरों ने पौधरोपण भी किया। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और प्रदेश के जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने एक-एक रुद्राक्ष का पौधा लगाया। इसके अलावा सिंचाई विभाग के अफसरों ने पारिजात, जामुन व पाकड़ का पौधा लगाया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने इन पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी स्थानीय अफसरों को दी।
इंतजार करते रहे लोग, नहीं गए मंत्रीजी
तमकुहीरोड। पिपराघाट-नरवाजोत बांध के किनारे बसे गांवों के लोगों को उम्मीद थी कि केंद्रीय व प्रांतीय जलशक्ति मंत्री नरवाजोत बांध का निरीक्षण करने आएंगे तो वे लोग अपनी व्यथा कह सकेंगे। इस बांध पर 40.85 करोड़ की लागत वाली चार परियोजनाओं का कार्य चल रहा है। लेकिन मंत्रीगण का काफिला अहिरौलीदान से ही वापस लौट गया तो लोग काफी निराश हुए। जलशक्ति मंत्रियों के इस निरीक्षण के लिए पहले पिपराघाट से दो किलोमीटर दूर भावपुर में हेलीपैड का निर्माण कराया गया था लेकिन बाद में स्थान बदलकर इंटर कॉलेज बेदुपार कर दिया गया। इससे पिपराघाट की तरफ मंत्री का आगमन नहीं हुआ।
विज्ञापन
तमकुहीरोड (कुशीनगर)। नोनियापट्टी गांव के सामने एपी तटबंध का निरीक्षण करने के बाद मंत्रियों व अफसरों ने पौधरोपण भी किया। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और प्रदेश के जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने एक-एक रुद्राक्ष का पौधा लगाया। इसके अलावा सिंचाई विभाग के अफसरों ने पारिजात, जामुन व पाकड़ का पौधा लगाया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने इन पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी स्थानीय अफसरों को दी।
इंतजार करते रहे लोग, नहीं गए मंत्रीजी
तमकुहीरोड। पिपराघाट-नरवाजोत बांध के किनारे बसे गांवों के लोगों को उम्मीद थी कि केंद्रीय व प्रांतीय जलशक्ति मंत्री नरवाजोत बांध का निरीक्षण करने आएंगे तो वे लोग अपनी व्यथा कह सकेंगे। इस बांध पर 40.85 करोड़ की लागत वाली चार परियोजनाओं का कार्य चल रहा है। लेकिन मंत्रीगण का काफिला अहिरौलीदान से ही वापस लौट गया तो लोग काफी निराश हुए। जलशक्ति मंत्रियों के इस निरीक्षण के लिए पहले पिपराघाट से दो किलोमीटर दूर भावपुर में हेलीपैड का निर्माण कराया गया था लेकिन बाद में स्थान बदलकर इंटर कॉलेज बेदुपार कर दिया गया। इससे पिपराघाट की तरफ मंत्री का आगमन नहीं हुआ।
विज्ञापन