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Kushinagar News: सीसीटीवी कैमरे होगी पशु तस्करों के गांवों की निगरानी

Mon, 09 Feb 2026 01:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Mon, 09 Feb 2026 01:18 AM IST
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CCTV cameras will be used to monitor the villages of animal smugglers.
पडरौना। जिले में पांच थाना क्षेत्र के गांवों को पुलिस ने चिह्नित किया गया है, जिनमें अधिकतर पशु तस्कर रहते हैं। पशु तस्कर गिरोह से जुड़े सदस्यों के इन गांवों के आसपास पुलिस सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी में है ताकि गांव में आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखने के साथ पशु तस्करों और इनके परिवार की गतिविधियों की जानकारी हो सके। जिला पंचायत सदस्य अमरेश यादव के करीबियों की सूची पुलिस तैयार कर रही है। पशु तस्करों की संपत्ति का ब्योरा जुटाने के लिए पुलिस परिवहन और तहसील प्रशासन से पत्राचार शुरू किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पडरौना कोतवाली, तुर्कपट्टी, कुबेरस्थान, तरयासुजान और तमकुहीराज थाना क्षेत्र के कुछ गांव ऐसे हैं, जहां पशु तस्करों की संख्या अधिक है।
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पशु तस्कर कुशीनगर की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाते हैं। पश्चिमी यूपी से लेकर पूरब तक पशु तस्करों का जिस तरह से जाल फैला है। इसमें कुशीनगर जिले को सेफ काॅरिडोर के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। लेकिन पुलिस बिहार को जोड़ने से प्रमुख मार्गों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर 100 से अधिक बैरियर लगा रखा है। स्थानीय पुलिस के अलावा डायल 112 की पुलिस भी निगरानी कर रही है।
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पुलिस की घेराबंदी के बाद पशु तस्करों की रफ्तार कम तो हुई है। इसकी बड़ी वजह है कि जो सरगना पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ रहे थे, उनको पुलिस पिछले चार महीने में गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है और जिले में जो पशु तस्करी के सरगना हैं और राजनीतिक चोला ओढ़कर या सफेदपाेशों के आगे-पीछे रहकर पशु तस्करी को गति देने में लगे हैं।
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अब वह पुलिस के रडार पर हैं। इसमें जिला पंचायत सदस्य अमरेश यादव को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। इससे जुड़े गिरोह के सदस्यों को पुलिस सूचीबद्ध करने में जुटी है। इसमें पहले स्थान पर पडरौना कोतवाली के गांव और दूसरे स्थान पर तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र गांव हैं। इसके अलावा बाकी थाना क्षेत्र के गांवों का नाम सामने आया है। ऐसे बीस से अधिक गांवों को पुलिस ने चिह्नित किया है। इन पशु तस्करों की संपत्ति का ब्योरा जुटाया जा रहा है। इसके लिए परिवहन, तहसील प्रशासन से पत्राचार कर जानकारी मांगी गई है।

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पशु तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए यह तरीका अपनाया जा रहा है। बिहार को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों और चौराहों पर सीसीटीवी कैमरा लगा दिया गया है। पशु तस्करों के गांवों की गतिविधियों पर कैमरे की मदद से नजर रखी जाएगी। इसके अलावा पशु तस्करी से अर्जित संपत्ति का भी ब्योरा पुलिस जुटा रही है। - सिद्धार्थ वर्मा, एएसपी कुशीनगर
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