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Thu, 22 Jul 2021 11:55 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 11:55 PM IST
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Case resisterd on anath asharam Sanchalika
अनाथ आश्रम की संचालिका पर केस, दूसरे जिलों में भेजे गए बच्चे
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पडरौना (कुशीनगर)। क्षेत्र के परसौनी कला गांव में संचालित गैर पंजीकृत अनाथ आश्रम के सभी बच्चों व किशोरों को मुक्त कराकर मेडिकल परीक्षण कराने के बाद देवरिया, बलिया और लखनऊ के बाल कल्याण समिति के पास भेज दिया गया। इसके साथ ही अनाथ आश्रम की संचालिका के खिलाफ बाल संरक्षण अधिकारी ने तहरीर देकर धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में केस दर्ज कराया है। जबकि सिधुआं पुलिस चौकी के इंचार्ज ने सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए खुद वादी बनकर मुकदमा दर्ज कराया है।
गौरतलब है कि बच्चों का मेडिकल परीक्षण बुधवार देर रात जिला अस्पताल में कराया गया। 15 जुलाई को राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. सुचिता चतुर्वेदी की तरफ से किए गए निरीक्षण के दौरान इस अनाथ आश्रम में कई खामियां मिली थीं। उन्होंने अपनी रिपोर्ट प्रमुख सचिव, महिला कल्याण एवं बाल विकास उत्तर प्रदेश शासन और निदेशक महिला कल्याण विभाग लखनऊ को भेजी थी। इसके अलावा उन्होंने डीएम को भी पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट से अवगत कराया गया था। उन्होंने अनाथ आश्रम पर कई सवाल उठाए थे, जिसमें उन्होंने अनाथ आश्रम को बिना पंजीकरण संचालित करने, अनाथ आश्रम के बच्चों का धर्मांतरण कराने, बिना जगह के 25 बच्चों को रखने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद डीएम ने एसडीएम सदर कोमल यादव से इसकी जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद डीएम एस. राजलिंगम की तरफ से इन बच्चों और किशोरों को बाल कल्याण समिति को सौंपने का निर्देश दिया गया था। बुधवार को दोपहर में एसडीएम सदर और सीओ सदर के नेतृत्व में कोतवाल अनुज कुमार सिंह, महिला थाने की एसओ त्रिलोत्मा त्रिपाठी, सिधुआं पुलिस चौकी के इंचार्ज रत्नेश मौर्या पुलिसफोर्स के साथ पहुंचे थे। वहां बच्चों और किशोरों को ले जाने को लेकर उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ा था।
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रात में सभी बच्चों और किशोरों का बाल कल्याण समिति, प्रोबेशन विभाग और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में मेडिकल परीक्षण कराया गया। बाल कल्याण समिति की तरफ से बताया गया कि शून्य से दस साल, 10 से 18 और उससे अधिक उम्र के बच्चों और किशोरों को देवरिया, बलिया और लखनऊ की बाल कल्याण समिति के पास भेज दिया गया। इनकी संख्या 25 थी, जिसमें से 16 लड़के और नौ लड़कियां थीं।
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कोतवाल अनुज कुमार सिंह ने बताया कि बाल संरक्षण अधिकारी विनय शर्मा की तहरीर के आधार पर अनाथ आश्रम की संचालिका शिरीन बसुमता के खिलाफ धोखाधड़ी और बाल संरक्षण अधिनियम 2015 के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा सिधुआं पुलिस चौकी के इंचार्ज रत्नेश मौर्या ने वादी बनकर आश्रम संचालिका के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सीओ सदर संदीप वर्मा ने भी दी।
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