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Kushinagar News: कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल नहीं करने पर दरोगा पर केस
Sun, 20 Apr 2025 12:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 20 Apr 2025 12:55 AM IST
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खडडा। एक मुकदमे में विवेचना के बावजूद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल नहीं करना एक दरोगा को महंगा पड़ गया। केस डायरी करने के आरोप में खड्डा के तत्कालीन दरोगा रामअवध राम पर थानाध्यक्ष ने केस दर्ज कराया है। वर्तमान में दरोगा की तैनाती देवरिया जिले में है। करीब आठ साल पूर्व मारपीट, बलवा और छेड़खानी का कुछ लोगों पर केस दर्ज हुआ था। खडडा कस्बा निवासी सुनील, रामपुर गोनहा, अभिषेक निवासी मदन कुशवाहा समेत कई लोगों पर छेड़खानी, बलवा, मारपीट का केस वर्ष 2017 में थाने में दर्ज हुआ था। इसकी विवेचना तत्कालीन दरोगा राम अवध राम कर रहे थे। विवेचना के दौरान घर में घुसने, छेड़छाड़, बलवा का आरोप गलत मिलने पर विवेचक ने मारपीट, धमकी देने का आरोप पत्र तैयार किया, लेकिन आरोप पत्र को इन्द्राज जेड रजिस्टर में दर्ज नहीं किया और न ही कोर्ट में केस डायरी प्रस्तुत की गई।
अभिषेक अपने असलहा का रिनुवल कराने थाने पर पहुंचा तो दरोगा ने बताया कि अपके खिलाफ केस दर्ज है और कोर्ट में मामला चल रहा है। यह सुनकर अभिषेक दंग रह गया और उसने कहा कि इतना पुराना मुकदमा है, अगर कोर्ट में रहता तो समन आया होता। इसके बाद कोर्ट में पता लगाने पर मालूम हुआ कि इस मुकदमा नंबर की कोई केस डायरी नहीं आई है। इसके बाद हाईकोर्ट में रिट दाखिल किया। कोर्ट ने जवाब तलब किया तो पता चला कि इस मुकदमा नंबर की केस डायरी ही गायब है। आनन-फानन में विवेचक रामअवध राम पर थानाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 (5) के तहत केस दर्ज कराकर कोर्ट को जवाब दिया। थानाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट में रिट दाखिल हुई है, इस क्रम में जांच की गई तो केस डायरी गायब मिली। इसके लिए तत्कालीन विवेचक पर केस दर्ज कराया गया है। इसकी विवेचना चल रही है।
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अभिषेक अपने असलहा का रिनुवल कराने थाने पर पहुंचा तो दरोगा ने बताया कि अपके खिलाफ केस दर्ज है और कोर्ट में मामला चल रहा है। यह सुनकर अभिषेक दंग रह गया और उसने कहा कि इतना पुराना मुकदमा है, अगर कोर्ट में रहता तो समन आया होता। इसके बाद कोर्ट में पता लगाने पर मालूम हुआ कि इस मुकदमा नंबर की कोई केस डायरी नहीं आई है। इसके बाद हाईकोर्ट में रिट दाखिल किया। कोर्ट ने जवाब तलब किया तो पता चला कि इस मुकदमा नंबर की केस डायरी ही गायब है। आनन-फानन में विवेचक रामअवध राम पर थानाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 (5) के तहत केस दर्ज कराकर कोर्ट को जवाब दिया। थानाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट में रिट दाखिल हुई है, इस क्रम में जांच की गई तो केस डायरी गायब मिली। इसके लिए तत्कालीन विवेचक पर केस दर्ज कराया गया है। इसकी विवेचना चल रही है।
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