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Kushinagar News: फर्जी खतौनी पर 34.80 लाख बैंक से ऋण लेने वाले छह लोगों पर केस
Mon, 29 Jan 2024 03:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 29 Jan 2024 03:07 AM IST
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पडरौना। फर्जी खतौनी पर बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर 34.80 लाख रुपये ऋण लेने वाले छह लोगों पर शाखा प्रबंधक ने केस दर्ज कराया है। ऋण जमा नहीं करने पर बैंक अफसरों की जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। फर्जी दस्तावेज पर ऋण देने वाले तत्कालीन बैंक कर्मचारियों पर विभागीय नकेल कसने की तैयारी चल रही है। केस दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हैं।
खड्डा कस्बा के बड़ौदा यूपी बैंक से वर्ष 2016-17 में छह लोगों ने केसीसी के लिए बैंक में आवेदन किया। बैंक की ओर से मांगे गए दस्तावेज और जमीन की खतौनी मुहैया किसानों ने कराया। अपने अधिवक्ता के माध्यम से बैंक की ओर से जांच कराई गई। जांच में दस्तावेजों के आधार पर हनुमानगंज थाना क्षेत्र के बोधि छपरा गांव की रहने वाले सरस्वती देवी को 4.41 लाख,राधिका देवी को 6.34 लाख, छट्ठू को 6.80 संतोष को 4.93 बसडिला गांव निवासी इसरावती देवी को 5.77 लाख और अहिरौली गांव निवासी रीता देवी को 6.55 लाख ऋण दिए गए। आरोपियों ने ऋण की रकम बैंक को नहीं चुकाई। इसके लिए बैंक की ओर से कई बार नोटिस दिया गया। कोई जवाब नहीं मिलने पर इसकी जानकारी शाखा प्रबंधक ने विभाग के उच्चाधिकारियों को दी। अफसरों की ओर से बंधक रखी गई जमीन की खतौनी की जांच कराई गई तो यह ज्ञात हुआ कि ऋण लेने के लिए बैंक में जमा खसरा-खतौनी फर्जी है। उस समय बैंक से ऋण देने वाले शाखा प्रबंधक और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने इसकी शिकायत एसपी से की। एसपी के आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट का शरण ली। कोर्ट के आदेश पर खड्डा पुलिस ने फर्जी खतौनी पर ऋण लेने वाले छह लोगों पर धोखाधड़ी, कूटरचना समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है। एसओ नीरज कुमार राय ने बताया कि केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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खड्डा कस्बा के बड़ौदा यूपी बैंक से वर्ष 2016-17 में छह लोगों ने केसीसी के लिए बैंक में आवेदन किया। बैंक की ओर से मांगे गए दस्तावेज और जमीन की खतौनी मुहैया किसानों ने कराया। अपने अधिवक्ता के माध्यम से बैंक की ओर से जांच कराई गई। जांच में दस्तावेजों के आधार पर हनुमानगंज थाना क्षेत्र के बोधि छपरा गांव की रहने वाले सरस्वती देवी को 4.41 लाख,राधिका देवी को 6.34 लाख, छट्ठू को 6.80 संतोष को 4.93 बसडिला गांव निवासी इसरावती देवी को 5.77 लाख और अहिरौली गांव निवासी रीता देवी को 6.55 लाख ऋण दिए गए। आरोपियों ने ऋण की रकम बैंक को नहीं चुकाई। इसके लिए बैंक की ओर से कई बार नोटिस दिया गया। कोई जवाब नहीं मिलने पर इसकी जानकारी शाखा प्रबंधक ने विभाग के उच्चाधिकारियों को दी। अफसरों की ओर से बंधक रखी गई जमीन की खतौनी की जांच कराई गई तो यह ज्ञात हुआ कि ऋण लेने के लिए बैंक में जमा खसरा-खतौनी फर्जी है। उस समय बैंक से ऋण देने वाले शाखा प्रबंधक और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने इसकी शिकायत एसपी से की। एसपी के आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट का शरण ली। कोर्ट के आदेश पर खड्डा पुलिस ने फर्जी खतौनी पर ऋण लेने वाले छह लोगों पर धोखाधड़ी, कूटरचना समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है। एसओ नीरज कुमार राय ने बताया कि केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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