फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Caring for the elderly is the biggest social service: Prof. Poonam Tandon

वृद्धों की चिंता करना सबसे बड़ी समाज सेवा : प्रो. पूनम टंडन

Thu, 03 Oct 2024 05:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Thu, 03 Oct 2024 05:29 AM IST
विज्ञापन
Caring for the elderly is the biggest social service: Prof. Poonam Tandon
फोटो-
विज्ञापन

-बुद्ध पीजी कॉलेज में सफल वयोवृद्धता : मुद्दे और चुनौतियां पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी

पकवा इनार। बुद्ध पीजी कॉलेज में सफल वयोवृद्धता : मुद्दे एवं चुनौतियां पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का समापन हुआ। मुख्य अतिथि दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि वृद्ध जन को अपने जीवन की प्राथमिकता में रखना और उनकी चिंता करना समाज की सबसे बड़ी सेवा है। जीवंतता और सक्रियता वृद्धावस्था को समस्या नहीं बनने देती।
ओपी जिंदल विश्वविद्यालय में व्यवहार विज्ञान विभाग के संस्थापक निदेशक प्रो. संजीव पी साहनी ने कहा कि वैश्विक दुनिया में वृद्ध योजना निर्माताओं, नीति निर्माताओं और विमर्शों में अछूते हैं। सामुदायिक मनोविज्ञान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. एवी मदनावत ने कहा कि सक्रियता उम्र नहीं आदत का विषय है। मन से बूढ़ा होने के बजाए जिंदगी में शरारतें करते रहना चाहिए। इससे जीवंतता बनी रहती है।
विज्ञापन

प्रो. जितेंद्र मोहन ने कहा कि वृद्धावस्था खात्मे की अवस्था नहीं है। यह भाव जब तक रहेगा तब तक वृद्धावस्था प्रभावी नहीं होगी। प्रो. एनके सक्सेना ने कहा कि सफल वृद्धावस्था के लिए शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य, अर्थपूर्ण व्यस्तता, सक्रियता और जीवन में गत्यात्मकता जरूरी हैं। डॉ. आदेश अग्रवाल ने अच्छी व्यवस्था से युक्त जीवन को कुशल वयोवृद्धता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि वृद्धों के जीवन को सुव्यवस्थित करके उनके बुढ़ापे को सुधारा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कालेज प्रबंध समिति सचिव वीरेंद्र सिंह अहलूवालिया और प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र ने स्वागत किया। कम्युनिटी साइकोलॉजी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव प्रो. रामजी लाल ने आगंतुकों का परिचय कराया। एक स्मारिका का विमोचन भी हुआ। मनोविज्ञान विभाग प्रो. रामभूषण मिश्र ने आभार ज्ञापित किया। अध्यक्षता भिक्षु भदंत एबी ज्ञानेश्वर और संचालन प्रो. अमृतांशु शुक्ल व प्रो. सीमा त्रिपाठी ने किया।

-

सम्मानित कर स्मृतियों को किया साझा

मनोविज्ञान विभाग में कार्यरत आचार्यों के स्मृतियों में उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। इनमें प्रो. राघवेंद्र शरण सिंह के पुत्र शैलेश सिंह, डाॅ. अष्टानंद तिवारी के पुत्र डाॅ. अमित त्रिपाठी व प्रो. बृजकिशोर तिवारी के भाई कृपाशंकर तिवारी व संतोष तिवारी को स्मृति चिह्न और अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।


-

सेमिनार में शिरकत करने वाले सम्मानित:-

राष्ट्रीय सेमिनार में शिरकत करने वाले मनोवैज्ञानिकों, आचार्य, सह आचार्य सहित अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया। उनमें प्रो. प्रेम सागर नाथ तिवारी, प्रो. सुषमा पांडेय, डाॅ. सीपी गुप्ता, प्रो. अनुपम नाथ त्रिपाठी, प्रो. सुशील तिवारी, डाॅ. विद्यावती, डाॅ. शीला सिंह, डॉ. वीरेंद्र मणि त्रिपाठी, डाॅ. दयाशंकर तिवारी, डाॅ. रमेश मणि त्रिपाठी, डाॅ. विनय, प्रो. प्रशीला सैम, डाॅ. विष्णु कुमार टिबड़ेवाल, प्रो. एनएस तुंग, प्रो. आनंद कुमार, प्रो. मधु अस्थाना, डाॅ. प्रमोद कुमार, प्रो. अमरनाथ राय, सुनील कुमार श्रीवास्तव, प्रो. मीना सहगल, प्रो. आरएन पांडेय, प्रो. आराधना शुक्ल, प्रो एसएन दूबे, प्रो. मधुलिका प्रधान व वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र नाथ शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed