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श्रीलंका से आए बुद्ध के धातु अवशेष की पूजा की
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- बुद्धिस्ट कान्क्लेव-2021
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया (कुशीनगर)। प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंका से आए बुद्ध के धातु अवशेष पर पुष्ष चढ़ाकर पूजा की। भगवान बुद्ध का धातु अवशेष 141 साल बाद श्रीलंका का प्रतिनिधिमंडल लेकर भारत आया है। इसे श्रीलंकन एयरलाइंस विमान में अलग सीट पर रखकर लाया गया था। यह अवशेष वर्ष 1880 में भारत से ही श्रीलंका गया था। बौद्ध धर्मानुयायियों के अनुसार धातु अवशेष का बौद्ध धर्म में खास महत्व है। मूर्ति पूजा से पहले इसी की पूजा की जाती है। जहां इसे रखा जाता है, उसे धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। इस पूजा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-श्रीलंका के संबंधों को और प्रगाढ़ करने का काम किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कसया (कुशीनगर)। प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंका से आए बुद्ध के धातु अवशेष पर पुष्ष चढ़ाकर पूजा की। भगवान बुद्ध का धातु अवशेष 141 साल बाद श्रीलंका का प्रतिनिधिमंडल लेकर भारत आया है। इसे श्रीलंकन एयरलाइंस विमान में अलग सीट पर रखकर लाया गया था। यह अवशेष वर्ष 1880 में भारत से ही श्रीलंका गया था। बौद्ध धर्मानुयायियों के अनुसार धातु अवशेष का बौद्ध धर्म में खास महत्व है। मूर्ति पूजा से पहले इसी की पूजा की जाती है। जहां इसे रखा जाता है, उसे धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। इस पूजा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-श्रीलंका के संबंधों को और प्रगाढ़ करने का काम किया है।