Kushinagar: सेल्फी के चक्कर में जीजा की ट्रेन से कटकर मौत, बाल-बाल बची साली
सालिकपुर पुलिस की चौकी के इंचार्ज एसआई राजेश गौतम ने शव को कब्जे में ले लिया। साली को रेलवे ट्रैक से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले गए।
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गुरुवार दोपहर में जटहां बाजार थानाक्षेत्र के हिरनही गांव के खलवा टोला निवासी 34 वर्षीय तसलीन सिद्दीकी अपनी साली रामकोला थानाक्षेत्र के निहाल छपरा निवासी 17 वर्षीय सबीना के साथ पनियहवा पुल पर घूमने आए थे। दोपहर करीब एक बजे पुल के पश्चिम सिरे पर बाइक खड़ी कर साली के साथ सेल्फी लेने के लिए पुल के अंदर रेलवे ट्रैक पर जैसे पहुंचे कि पनियहवा रेलवे स्टेशन की तरफ आ रही सत्याग्रह एक्सप्रेस ट्रेन को देखकर पुल के अंदर से बाहर आने का प्रयास किया, लेकिन देर हो गई।
इसी दौरान साली सबीना को बचाने के लिए रेलवे ट्रैक से धक्का दे दिया। उसने पुल का पाया पकड़कर अपनी जान बचा ली, लेकिन तसलीन सिद्दीकी ट्रेन की चपेट में आ गए। सालिकपुर पुलिस की चौकी के इंचार्ज एसआई राजेश गौतम ने शव को कब्जे में ले लिया। साली को रेलवे ट्रैक से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले गए।
मृतक तसलीन के भाई अबरार आलम ने बताया कि घर से गुरुवार सुबह दस बजे निकले थे और करीब डेढ़ बजे दुर्घटना की सूचना मिली।
सेल्फी लेने के चक्कर में और लोगों की भी जा चुकी है जान
सेल्फी के लिए जान दांव पर लगाने का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी पनियहवा पुल पर स्टंट दिखाने में जान जा चुकी है या जाते जाते बची है। 2017 में नेपाल के नवलपरासी जिले के दो युवक शिवेंद्र कुमार व धनेश कुर्मी अपनी बुआ के अंतिम संस्कार में शामिल होने पनियहवा घाट पर आए थे। रेलवे पुल पर सेल्फी लेने के चक्कर में ट्रेन की चपेट में आ गए और दोनों की दर्दनाक मौत हो गई।
वर्ष 2020 में खड्डा थाना क्षेत्र के बसडीला गांव की एक किशोरी सेल्फी लेते समय पुल से नदी में गिर गई थी। नाविक ने किसी तरह जान बचाई थी। एक साल पहले एक युवक रेलवे पुल पर पटरियों के बीच बाइक चलाकर स्टंट दिखाते हुए सेल्फी ले रहा था, तभी ट्रेन आ गई। बाल बाल बचा था।
अक्सर सड़क पुल पर लोग गुजरते समय थोड़ा रुककर परिजनों के साथ सेल्फी या फोटो खींचते हैं, जो इसे अपने यादों में सहेजने तथा नारायणी के दर्शन की इच्छा रखते हैं, लेकिन कुछ युवक व युवती रेल पुल पर चहलकदमी करने या अन्य तरह के स्टंट करके अपनी जान जोखिम में डाल लेते हैं।