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101 दीपों से अस्ताचलगामी सूर्य को किया नमन
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हिरण्यावती नदी के बुद्धा घाट पर शंखनाद करते संस्कार भारती के कला साधक।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
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101 दीपों से अस्ताचलगामी सूर्य को किया नमन
नवसंवत्सर 2079 की पूर्व संध्या पर शंख ध्वनि से गूंजा वातावरण
कसया(कुशीनगर)। संस्कार भारती कुशीनगर की ओर से हिरण्यावती नदी के बुद्धा घाट पर दीप जलाकर अस्ताचलगामी सूर्य को नमन किया गया। यह आयोजन कलासाधकों ने नवसंवत्सर 2079 की पूर्व संध्या वि.सं 2078 के अंतिम दिवस को आयोजित किया।
कलासाधकों ने अस्ताचलगामी सूर्य के भावपूर्ण विदाई के लिए 101 दीपों को प्रज्ज्वलित किया और शंख ध्वनि से वातावरण को गुंजायमान किया। बौद्धिक शिक्षण विभाग के प्रमुख सुरेश प्रसाद गुुप्ता ने कहा कि भारतीय कालगणना अति प्राचीन एवं वैज्ञानिक है। यह कालगणना सूर्य एवं चंद्रमा की गतियों पर आधारित है। इसमें एक परमाणु काल की सूक्ष्मतम अवस्था है, जबकि वर्तमान में समय की सूक्ष्मतम गणना सेकेंड है। वृहतम समय की गणना ब्रह्मा का एक वर्ष है। ब्रह्मा का एक दिन 4320000000 मानव वर्ष के बराबर है।
इस मौके पर पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी, जिला संघ चालक डॉ. चंद्रशेखर सिंह, संस्कार भारती के जिलाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार सिन्हा, बिरला धर्मशाला के प्रबंधक वीरेंद्र कुमार तिवारी, पूर्व जिला जज संतोष कुमार श्रीवास्तव, नरेंद्र प्रताप सिंह, दिनेश तिवारी, महादेव प्रसाद गुप्त, सुरेंद्र पांडेय, मदन अग्रहरि, अरुण कुमार राय, जगदीश सिंह, राम अशीष राय, वंदना मद्धेशिया, शशिप्रभा सिन्हा, शिव अवतार सिंह, डॉ. अंबरीष विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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नवसंवत्सर 2079 की पूर्व संध्या पर शंख ध्वनि से गूंजा वातावरण
कसया(कुशीनगर)। संस्कार भारती कुशीनगर की ओर से हिरण्यावती नदी के बुद्धा घाट पर दीप जलाकर अस्ताचलगामी सूर्य को नमन किया गया। यह आयोजन कलासाधकों ने नवसंवत्सर 2079 की पूर्व संध्या वि.सं 2078 के अंतिम दिवस को आयोजित किया।
कलासाधकों ने अस्ताचलगामी सूर्य के भावपूर्ण विदाई के लिए 101 दीपों को प्रज्ज्वलित किया और शंख ध्वनि से वातावरण को गुंजायमान किया। बौद्धिक शिक्षण विभाग के प्रमुख सुरेश प्रसाद गुुप्ता ने कहा कि भारतीय कालगणना अति प्राचीन एवं वैज्ञानिक है। यह कालगणना सूर्य एवं चंद्रमा की गतियों पर आधारित है। इसमें एक परमाणु काल की सूक्ष्मतम अवस्था है, जबकि वर्तमान में समय की सूक्ष्मतम गणना सेकेंड है। वृहतम समय की गणना ब्रह्मा का एक वर्ष है। ब्रह्मा का एक दिन 4320000000 मानव वर्ष के बराबर है।
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इस मौके पर पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी, जिला संघ चालक डॉ. चंद्रशेखर सिंह, संस्कार भारती के जिलाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार सिन्हा, बिरला धर्मशाला के प्रबंधक वीरेंद्र कुमार तिवारी, पूर्व जिला जज संतोष कुमार श्रीवास्तव, नरेंद्र प्रताप सिंह, दिनेश तिवारी, महादेव प्रसाद गुप्त, सुरेंद्र पांडेय, मदन अग्रहरि, अरुण कुमार राय, जगदीश सिंह, राम अशीष राय, वंदना मद्धेशिया, शशिप्रभा सिन्हा, शिव अवतार सिंह, डॉ. अंबरीष विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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