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सीमा सील पर केंद्र की सख्ती का नहीं दिखा असर
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लॉक डाउन तोड़नेवालों से सख्ती से निपटने के लिए हाटा नगर के श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज में बनाए ?
- फोटो : KUSHINAGAR
सीमा सील पर केंद्र की सख्ती का नहीं दिखा असर
पडरौना (कुशीनगर)। बड़े शहरों से पलायन कर रहे लोगों की भीड़ सोमवार को भी नहीं थमी। बार्डर सील करने समेत तमाम सख्ती के बावजूद लगभग डेढ़ हजार लोग जिले में पहुंचे। प्रशासन ने गोरखपुर जिले के बार्डर रामपुर 15 मील चौराहा तथा पडरौना बस स्टेशन पर मजदूरों की जांच के बाद दूसरे वाहनों से उनके घर की तरफ भेजवाया।
लॉकडाउन होने के बाद लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली, जालंधर, गुरुग्राम समेत देश के कई बड़े शहरों से बड़ी संख्या में पूर्वी उत्तर प्रदेश व बिहार के लोग अपने घर लौट रहे हैं। साधन नहीं मिलने पर पैदल ही निकले मजदूरों की इस भीड़ के चलते ग्रामीण इलाकों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है। हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने रविवार को ही इस पर सख्ती के निर्देश दिए थे। प्रदेश सरकार ने भी राहगीरों को रोककर जांच व भोजन आदि का प्रबंध स्थानीय स्तर पर ही करने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद सोमवार को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर दिखे। अकेले पडरौना बस स्टेशन पर सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक लगभग 600 लोग बिहार प्रांत के तथा 66 लोग कुशीनगर जिले के पहुंचे थे। इन सभी की आरंभिक जांच करने के बाद बसों व ट्रैक्टर-ट्राली से उनके गंतव्य की तरफ भेज दिया गया। यही हाल गोरखपुर जिले के बार्डर रामपुर 15 मील चौराहे का था। हाटा के नायब तहसीलदार योगेंद्र पांडेय के अनुसार दोपहर एक बजे तक गोरखपुर की तरफ से आने वाले लगभग 750 लोगों की जांच की गई। सभी को बसों व अन्य साधनों से उनके घर की तरफ भेज दिया गया। नायब तहसीलदार का कहना था कि बाहर से आए लोगों के लिए भी रुकने का इंतजाम नहीं है। जांच के बाद सभी को बिहार बार्डर तक भेजा जा रहा है।
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पडरौना (कुशीनगर)। बड़े शहरों से पलायन कर रहे लोगों की भीड़ सोमवार को भी नहीं थमी। बार्डर सील करने समेत तमाम सख्ती के बावजूद लगभग डेढ़ हजार लोग जिले में पहुंचे। प्रशासन ने गोरखपुर जिले के बार्डर रामपुर 15 मील चौराहा तथा पडरौना बस स्टेशन पर मजदूरों की जांच के बाद दूसरे वाहनों से उनके घर की तरफ भेजवाया।
लॉकडाउन होने के बाद लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली, जालंधर, गुरुग्राम समेत देश के कई बड़े शहरों से बड़ी संख्या में पूर्वी उत्तर प्रदेश व बिहार के लोग अपने घर लौट रहे हैं। साधन नहीं मिलने पर पैदल ही निकले मजदूरों की इस भीड़ के चलते ग्रामीण इलाकों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है। हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने रविवार को ही इस पर सख्ती के निर्देश दिए थे। प्रदेश सरकार ने भी राहगीरों को रोककर जांच व भोजन आदि का प्रबंध स्थानीय स्तर पर ही करने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद सोमवार को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर दिखे। अकेले पडरौना बस स्टेशन पर सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक लगभग 600 लोग बिहार प्रांत के तथा 66 लोग कुशीनगर जिले के पहुंचे थे। इन सभी की आरंभिक जांच करने के बाद बसों व ट्रैक्टर-ट्राली से उनके गंतव्य की तरफ भेज दिया गया। यही हाल गोरखपुर जिले के बार्डर रामपुर 15 मील चौराहे का था। हाटा के नायब तहसीलदार योगेंद्र पांडेय के अनुसार दोपहर एक बजे तक गोरखपुर की तरफ से आने वाले लगभग 750 लोगों की जांच की गई। सभी को बसों व अन्य साधनों से उनके घर की तरफ भेज दिया गया। नायब तहसीलदार का कहना था कि बाहर से आए लोगों के लिए भी रुकने का इंतजाम नहीं है। जांच के बाद सभी को बिहार बार्डर तक भेजा जा रहा है।
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