फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Blood component machine will be installed in district hospital

जिला अस्पताल में लगेगी ब्लड कंपोनेंट मशीन

Sat, 09 Oct 2021 11:33 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 Oct 2021 11:33 PM IST
विज्ञापन
Blood component machine will be installed in district hospital
जिला अस्पताल में लगेगी ब्लड कंपोनेंट मशीन
विज्ञापन

कुशीनगर। जरूरतमंद को खून चढ़ाने में आने वाली समस्या को दूर करने के लिए जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट मशीन लगाई जाएगी। इसके लिए 150 वर्गमीटर जमीन की आवश्यकता है। मशीन लगाने के लिए स्थल का सर्वे होना है।
इस मशीन के लग जाने से खून से लाल रक्त कणिकाएं (आरबीसी), श्वेत रक्त कणिकाएं (डब्ल्यूबीसी), प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा (एफएफपी) को अलग करके मरीज को चढ़ाया जा सकेगा। डेंगू सहित कई रोगों में इस तरह के खून की आवश्यकता होती है, लेकिन जिला अस्पताल में सिर्फ होल ब्लड के आदान-प्रदान की ही सुविधा होने की वजह से लोगों को मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है।
विज्ञापन

ब्लड बैंक से जुड़े जानकारों के मुताबिक, ब्लड कंपोनेंट मशीन खून में शामिल तत्वों को अलग-अलग कर देती है। थैलेसीमिया के मरीजों को आरबीसी, डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स, बर्न के मरीजों को प्लाज्मा, एफएफपी और एड्स के मरीजों को डब्ल्यूबीसी की जरूरत पड़ती है। यह मशीन आरबीसी, श्वेत रक्त कणिकाएं, फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा, एफएफपी, लाल रक्त कणिकाएं, डब्ल्यूबीसी, प्लेटलेट्स, प्लाज्मा को अलग-अलग कर देती है। ऐसी स्थिति में मरीज को एक यूनिट खून चढ़ाने की जगह आवश्यक तत्व ही चढ़ाए जाते हैं। इसका लाभ यह होता है कि एक यूनिट खून में से चार मरीजों की जिंदगी बचाई जा सकती है। जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट मशीन लगाए जाने के लिए अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तर प्रदेश अमित मोहन प्रसाद की तरफ से पत्र भेजा गया है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

जनपद में कहीं नहीं है ब्लड कंपोनेंट मशीन
दुर्घटना से लेकर गंभीर बीमारियों, एनीमिया सहित अन्य स्थितियों में मरीजों को खून चढ़ाने की आवश्यकता होती है, लेकिन जनपद में कहीं भी ब्लड कंपोनेंट मशीन नहीं है। ऐसे में प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, आरबीसी, डब्ल्यूबीसी आदि चढ़ाने के लिए लोगों को मेडिकल कॉलेज लेकर जाना पड़ता है। इसमें समय और धन खर्च होने के अलावा जोखिम भी अधिक रहता है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में कंपोनेंट मशीन लग जाने से यह समस्या दूर होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed