{"_id":"5fda1764b13633f98a902d2e1ee2f0cc","slug":"bjp-ex-state-president-are-arrested-free-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गिरफ्तार, रिहा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गिरफ्तार, रिहा
अमर उजाला ब्यूरो/हाटा
Updated Sun, 25 Oct 2015 10:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कसया में हुए हंगामे के बाद गिरफ्तार किए गए भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही को हाटा लाते समय कार्यकर्ता उनके काफिले को भड़कुलवा चौराहे के पास रोक कर उनकी रिहाई की मांग करने लगे।
कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच उन्हें ढाढा मिल के पास से रिहा कर दिया गया।
कसया में गिरफ्तारी के बाद पुलिस शाही और उनके समर्थकों को हाटा की ओर ला रही थी। इसकी भनक लगते ही हाटा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता भड़कुलवा चौराहे पर पहुंच गए।
पूर्व जिलाध्यक्ष तारा प्रसाद सिंह, पवन केडिया और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष नंदकिशोर नाथानी की अगुवाई में गिरफ्तारी का विरोध जताते हुए उनके काफिले को भड़कुलवा में हाइवे पर रोक कर रिहाई की मांग करने लगे।
विज्ञापन
इस चक्कर में करीब आधे घंटे तक पुलिस की गाड़ियों के साथ शाही का काफिला हाइवे पर खड़ा रहा। बाद में कार्यकर्ताओं को समझाने के बाद उन्हें हाटा की ओर आगे बढ़ाया गया।
कार्यकर्ता हाटा कस्बे में एक बार फिर केन यूनियन चौराहा और बाघनाथ चौराहे पर शाही के काफिले को रोक कर रिहाई के लिए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
बाद में एसडीएम अरुण कुमार के समझाने पर कार्यकर्ता शांत हुए और शाही और उनके समर्थकों को लेकर पुलिस ढ़ाढा मिल गेट पर पहुंची। पुलिस की रणनीति शाही को मिल के गेस्ट हाउस में रखने की थी, लेकिन कार्यकर्ता वहां फिर अड़ गए।
प्रशासन ने शाही और उनके समर्थकों को रिहा करने की मांग इस शर्त के साथ मान ली कि उन्हें पुलिस की हिरासत में जिले की सीमा के बाहर ले जाकर छोड़ दिया जाएगा।
शाही की सहमति पर पुलिस उन्हें लेकर बिहार सीमा की ओर चली गई। इस दौरान दो एसडीएम हाटा और कसया, सीओ कसया सहित कई थानों की पुलिस फोर्स और एक प्लाटून पीएसी शाही के काफिले के साथ रही।
विज्ञापन
कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच उन्हें ढाढा मिल के पास से रिहा कर दिया गया।
कसया में गिरफ्तारी के बाद पुलिस शाही और उनके समर्थकों को हाटा की ओर ला रही थी। इसकी भनक लगते ही हाटा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता भड़कुलवा चौराहे पर पहुंच गए।
विज्ञापन
पूर्व जिलाध्यक्ष तारा प्रसाद सिंह, पवन केडिया और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष नंदकिशोर नाथानी की अगुवाई में गिरफ्तारी का विरोध जताते हुए उनके काफिले को भड़कुलवा में हाइवे पर रोक कर रिहाई की मांग करने लगे।
विज्ञापन
इस चक्कर में करीब आधे घंटे तक पुलिस की गाड़ियों के साथ शाही का काफिला हाइवे पर खड़ा रहा। बाद में कार्यकर्ताओं को समझाने के बाद उन्हें हाटा की ओर आगे बढ़ाया गया।
कार्यकर्ता हाटा कस्बे में एक बार फिर केन यूनियन चौराहा और बाघनाथ चौराहे पर शाही के काफिले को रोक कर रिहाई के लिए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
बाद में एसडीएम अरुण कुमार के समझाने पर कार्यकर्ता शांत हुए और शाही और उनके समर्थकों को लेकर पुलिस ढ़ाढा मिल गेट पर पहुंची। पुलिस की रणनीति शाही को मिल के गेस्ट हाउस में रखने की थी, लेकिन कार्यकर्ता वहां फिर अड़ गए।
प्रशासन ने शाही और उनके समर्थकों को रिहा करने की मांग इस शर्त के साथ मान ली कि उन्हें पुलिस की हिरासत में जिले की सीमा के बाहर ले जाकर छोड़ दिया जाएगा।
शाही की सहमति पर पुलिस उन्हें लेकर बिहार सीमा की ओर चली गई। इस दौरान दो एसडीएम हाटा और कसया, सीओ कसया सहित कई थानों की पुलिस फोर्स और एक प्लाटून पीएसी शाही के काफिले के साथ रही।