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Kushinagar News: महिलाओं से जुड़े मामलों में बरतें संवेदनशीलता
Wed, 15 Jan 2025 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 15 Jan 2025 11:59 PM IST
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पडरौना। कलेक्ट्रट सभागार में बुधवार को डीएम की अध्यक्षता में अभियोजन/ई- प्रॉसिक्यूशन पोर्टल पर की गई फीडिंग कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें न्यायालयों में निस्तारित होने वाले मामलों की समीक्षा कर खराब प्रगति वाले अधिवक्ताओं को अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
साथ ही शासन की तरफ से दिए गए निर्देश का पालन करते हुए तीव्र गति से लंबित पत्रावलियों में पैरवी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा महिलाओं से संबंधित अपराध/गैंगस्टर सहित संवेदनशील मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा के दौरान विगत माह में कुल अधीनस्थ न्यायालयों विभिन्न अधिनियमों के तहत 982 मामलों में निर्णय लिया गया। सत्र न्यायालय में पांच का, सत्र न्यायालय डीजीसी भादवि के तहत पांच का निर्णय, अन्य अधिनियम में सात का निर्णय और एससी-एसटी के छह मामलों में निर्णय लिया गया है। इसी तरह सत्र न्यायालय में अभियोजकवार वादों के निस्तारण का विवरण दिया गया।
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फौजदारी, गैंगस्टर एक्ट, पीएफ एक्ट, ईसी एक्ट के मुकदमों की स्थिति से अभियोजन अधिकारी ने अवगत कराया। बैठक में पॉक्सो एक्ट के तहत हुए निर्णय के नकल की जानकारी ली गई।
डीएम विशाल भारद्वाज ने नाराजगी जताते हुए कहा कि करीब एक माह पूर्ण होने के बाद भी नकल नहीं मिलना चिंता की बात है।
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साथ ही शासन की तरफ से दिए गए निर्देश का पालन करते हुए तीव्र गति से लंबित पत्रावलियों में पैरवी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा महिलाओं से संबंधित अपराध/गैंगस्टर सहित संवेदनशील मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराने का निर्देश दिया गया।
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समीक्षा के दौरान विगत माह में कुल अधीनस्थ न्यायालयों विभिन्न अधिनियमों के तहत 982 मामलों में निर्णय लिया गया। सत्र न्यायालय में पांच का, सत्र न्यायालय डीजीसी भादवि के तहत पांच का निर्णय, अन्य अधिनियम में सात का निर्णय और एससी-एसटी के छह मामलों में निर्णय लिया गया है। इसी तरह सत्र न्यायालय में अभियोजकवार वादों के निस्तारण का विवरण दिया गया।
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फौजदारी, गैंगस्टर एक्ट, पीएफ एक्ट, ईसी एक्ट के मुकदमों की स्थिति से अभियोजन अधिकारी ने अवगत कराया। बैठक में पॉक्सो एक्ट के तहत हुए निर्णय के नकल की जानकारी ली गई।
डीएम विशाल भारद्वाज ने नाराजगी जताते हुए कहा कि करीब एक माह पूर्ण होने के बाद भी नकल नहीं मिलना चिंता की बात है।