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Kushinagar News: चक्रवाती तूफान से केले की फसल हुई बर्बाद, किसानों की पूंजी डूबी
Wed, 10 Jun 2026 01:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 10 Jun 2026 01:20 AM IST
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जियनपुर गांव आंधी से क्षतिग्रस्त केले की फसल ।संवाद
पकड़ियार बाजार। खड्डा क्षेत्र में सोमवार रात आए चक्रवाती तूफान से केले की फसल को भारी नुकसान हुआ है। सैकड़ों एकड़ में खड़ी तैयार एवं अर्द्ध-तैयार फसल धराशायी हो गई। किसानों की पूंजी डूबने की आशंका है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति की मांग की है।
खड्डा क्षेत्र के विंदवलिया, जियनपुर, कोप जंगल, भेड़ी, बरवा रतनपुर और आसपास के कई गांवों में बड़ी संख्या में किसान व्यावसायिक रूप से केले की खेती करते हैं। इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने के कारण फसल की स्थिति काफी अच्छी थी और किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद थी। सोमवार देर रात अचानक आए चक्रवाती तूफान ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में केले के पौधे जड़ समेत उखड़ गए, जबकि कई पौधे फलों के भार से खेतों में गिर पड़े।
किसानों का कहना है कि केले की खेती में अन्य फसलों की तुलना में अधिक लागत आती है। एक एकड़ फसल तैयार करने में पौध, खाद, सिंचाई, दवा और मजदूरी पर भारी खर्च होता है। कई किसानों ने तो कर्ज लेकर खेती की थी, जिससे फसल बर्बाद होने से उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है। विंदवलिया गांव के किसानों ने बताया कि फसल कटाई के करीब थी। यदि मौसम कुछ दिन और अनुकूल रहता तो उन्हें अच्छा लाभ मिलता, लेकिन एक ही रात में महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई। किसानों का कहना है कि खेतों में गिरे पौधों से अब उत्पादन मिलने की संभावना नहीं है। एसडीएम के निर्देश पर क्षेत्र में पहुंचे लेखपाल धर्मेंद्र सिंह फसल की क्षति आकलन किया। संवाद
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खड्डा क्षेत्र के विंदवलिया, जियनपुर, कोप जंगल, भेड़ी, बरवा रतनपुर और आसपास के कई गांवों में बड़ी संख्या में किसान व्यावसायिक रूप से केले की खेती करते हैं। इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने के कारण फसल की स्थिति काफी अच्छी थी और किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद थी। सोमवार देर रात अचानक आए चक्रवाती तूफान ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में केले के पौधे जड़ समेत उखड़ गए, जबकि कई पौधे फलों के भार से खेतों में गिर पड़े।
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किसानों का कहना है कि केले की खेती में अन्य फसलों की तुलना में अधिक लागत आती है। एक एकड़ फसल तैयार करने में पौध, खाद, सिंचाई, दवा और मजदूरी पर भारी खर्च होता है। कई किसानों ने तो कर्ज लेकर खेती की थी, जिससे फसल बर्बाद होने से उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है। विंदवलिया गांव के किसानों ने बताया कि फसल कटाई के करीब थी। यदि मौसम कुछ दिन और अनुकूल रहता तो उन्हें अच्छा लाभ मिलता, लेकिन एक ही रात में महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई। किसानों का कहना है कि खेतों में गिरे पौधों से अब उत्पादन मिलने की संभावना नहीं है। एसडीएम के निर्देश पर क्षेत्र में पहुंचे लेखपाल धर्मेंद्र सिंह फसल की क्षति आकलन किया। संवाद
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