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सड़क बदहाल

Wed, 13 Oct 2021 10:27 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 13 Oct 2021 10:27 PM IST
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Bad road is increasing pain, responsible silence
बदहाल सड़क बढ़ा रही पीड़ा, जिम्मेदार खामोश
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टेकुआटार से जिला मुख्यालय जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त होने से परेशानी
12 किलोमीटर लंबी सड़क में ज्यादातर स्थानों पर गड्ढे में तब्दील हैै सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
टेकुआटार। रामकोला क्षेत्र में टेेकुआटार से सिधावें होते हुए जिला मुख्यालय आने वाली सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। कई जगह तो इस कदर टूट चुकी है कि अक्सर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। गड्ढायुक्त सड़क की वजह से राहगीर कष्ट झेलकर आते हैं। 12 किलोमीटर लंबी सड़क से प्रतिदिन 20 गांवों के लोगों का आवागमन होता है।
टेकुआटार से जिला मुख्यालय रवींद्रनगर की दूरी लगभग 12 किलोमीटर है। यह मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए जिला मुख्यालय आने के लिए बाईपास के समान है। इस मार्ग से सिधावे, कठघरही, विजयपुर, परवरपार, सोहसा, कुरहवा, फुर्सतपुर, हरिहरपट्टी, रामबर बुजुर्ग, नौगावां, सोमाली, जनूबी कछुहिया, मठिया, खैरेटवा, सिहुलिया मठिया, नादह, डूम्मरभार सहित अन्य लोगों के लोगों के लिए जनपद मुख्यालय आने का यह सीधा रास्ता है। इस क्षेत्र के लोगों को कलेक्ट्रेट, विकास भवन, जिला अस्पताल, पुलिस कार्यालय, जिला एवं सत्र न्यायालय सहित अन्य विभागों के दफ्तरों के आना पड़ता है, लेकिन सड़क इतनी खस्ताहाल है कि या तो वाहन खराब हो जाते हैं या फिर इस रास्ते आने वाले लोगों की तबियत खराब हो जाने की चिंता भी रहती है। यह मार्ग इतना महत्वपूर्ण है कि इस रास्ते 500 से अधिक वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। इस बाबत लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन हेमराज सिंह ने बताया कि बरसात के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। बरसात खत्म होने को है। अब इनकी मरम्मत कराई जाएगी।
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आवागमन मुश्किल
टेकुआटार निवासी मनोज यादव ने बताया कि जिला मुख्यालय जाने के लिए यह प्रमुख सड़क है, लेकिन पिच सड़क जगह-जगह टूटने की वजह से आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क काफी दिनों से खराब है। कोई अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। व्यवसायी शेषनाथ विश्वकर्मा ने कहा कि हम लोगों को हमेशा इसी रास्ते आना-जाना रहता है, लेकिन सड़क के गड्ढायुक्त हो जाने से हमेशा वाहन खराब होने का अंदेशा रहता है। जनहित को देखते हुए यह सड़क बनवाना बेहद जरूरी है। छत्रसाल मद्धेशिया का कहना है कि सरकार का निर्देश था कि सभी सड़कें गड्ढामुक्त होनी चाहिए, लेकिन यह मुख्यालय को जोड़ने का मार्ग होने के बावजूद बदहाल है। भागवत यादव का कहना है कि यह सड़क बहुत ही खराब है। काफी जगह टूटने से गड्ढे में तब्दील हो गई है। इस मार्ग से गुजर रहे लोग आए दिन दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं।
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आर्थोपेडिक सर्जन बोले
आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. वीके सिंह का कहना है कि गड्ढायुक्त सड़कों पर अथवा खराब शॉकर वाले वाहन से चलने पर वाहन चालक और सवार लोगों को परेशानी होती है। सर्वाइकल स्पांडिलाइसिस हो सकता है। हाथ-पैर में दर्द, कमर और गर्दन में दर्द की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा क्षतिग्रस्त रास्तों से चलने पर दुर्घटना की आशंका भी रहती है।
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