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गोरखपुर के सरस्वती शिशु गृह भेजी गई नवजात

Sat, 28 Sep 2019 11:48 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 28 Sep 2019 11:48 PM IST
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baby sent to gorakhpur
मथौली बाजार के पास लावारिस मिली नवजात को गोरखपुर के सरस्वती शिशु गृह भेजा गया । - फोटो : KUSHINAGAR
गोरखपुर के सरस्वती शिशु गृह भेजी गई नवजात
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गोद लेने की इच्छुक महिलाओं को वेबसाइट पर आवेदन की दी गई नसीहत
पडरौना। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के मथौली बाजार के निकट झाड़ियों में जख्मी हाल में लावारिस मिली नवजात को शनिवार को सरस्वती शिशु गृह गोरखपुर भेज दिया गया। उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था। उसे अपनाने के लिए दो महिलाओं ने जोर आजमाइश शुरू कर दी थीं।
एक सप्ताह पहले मथौली बाजार के आगे लोहेपार और घिवहीं गांव के बीच सड़क के किनारे झाड़ियों में यह नवजात लावारिस हाल में मिली थी। कुछ लोगों ने दिलेरी दिखाते हुए उसे तत्काल मथौली बाजार स्थित सीएचसी में भर्ती कराया था। उसके पैर में किसी जानवर के काट लेने से जख्म हो गया था। सूचना पर यूपी-100 पुलिस ने इलाज के बाद उसे चाइल्ड लाइन को सौंप दिया था। चाइल्ड लाइन ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराने के बाद बाल कल्याण समिति को सूचना दी थी। तब से सीडब्ल्यूसी की देखरेख में ही उसका इलाज चल रहा था।
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बाल संरक्षण अधिकारी विनय कुमार शर्मा ने बताया कि नवजात के मिलने के बाद से ही उसे गोद लेने के लिए दो महिलाओं में आजमाइश शुरू हो गई थी। उनके बीच विवाद बढ़ता जा रहा था और जिला अस्पताल तक पहुंच गई थीं। दोनों महिलाओं के पक्ष में बीस से अधिक लोग थे। एक पक्ष तो दबाव बनाने के लिए बाल संरक्षण इकाई के दफ्तर तक पहुंच गया था।
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बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष दिपाली सिन्हा ने बताया कि नवजात को गोद लेने की इच्छुक दोनों महिलाओं और उनके समर्थकों को किशोर न्याय बोर्ड के नियमों के बारे में समझाया गया। उन्हें बताया गया कि परित्यक्त बच्चे अब आसानी से गोद नहीं लिए जा सकते। इसके लिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण अभिकरण की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। इसके लिए कुछ आवश्यक प्रमाण पत्र की भी आवश्यकता होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि कारा की वेबसाइट से नियम के बारे में जानकारी कर आवेदन करें, तभी लावारिस बच्चा गोद ले सकेंगे। इसके बाद लोग शांत हुए। बाद में बाल कल्याण समिति ने अपने कर्मचारियों की देखरेख में नवजात को सरस्वती शिशु गृह गोरखपुर भेज दिया।
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