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Kushinagar News: निर्माण की इस गति से 5 माह में नहीं बन पाएगा ओवरब्रिज
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- पडरौना-कप्तानंज एनएच-730 के रेलवे क्रासिंग पर बन रहा ओवरब्रिज
संवाद न्यूज एजेंसी
कप्तानगंज। पडरौना-कप्तानगंज एनएच-730 स्थित कप्तानगंज के रेलवे क्रासिंग पर बन रहे ओवरब्रिज का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। इसके कारण जगह-जगह खुदाई हुई है, सड़क पर चलना मुश्किल हो रहा है। जाम व धूल के कारण स्थानीय लोगों की दिक्कतें बढ़ रही है। 70 करोड़ की लागत से बन रहे 1100 मीटर लंबे व 12 मीटर चौड़े ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पिछले दस महीने से चल रहा है। इसे 31 मार्च तक पूरा करना है। पर, रफ्तार देखकर काम तो समय से पूरा होने की कोई सूरत नजर नहीं आ रही है। वहीं लोगों की दुश्वारियां भी कम होती नहीं दिख रही हैं।
पडरौना-कप्तानगंज एनएच 730 पर बन रही रेलवे क्राॅसिंग पर लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से 1100 मीटर लंबे और 12 मीटर चौड़े ओवरब्रिज निर्माण का कार्य जनवरी से शुरू हुआ। इसे 31 मार्च तक पूरा किया जाना है। निर्माण शुरू होने से लेकर अब तक करीब पांच महीने बीत जाने के बाद भी कस्बे में आने वाले लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। ओवरब्रिज निर्माण के बाद भले ही लोगों को सहूलियत हो पर, वर्तमान में स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। निर्माण की धीमी गति और उड़ती धूल के दौरान लोगों को हर दिन जाम से भी जूझना पड़ रहा है, लेकिन एनएच और निर्माण कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी कोई तेजी नहीं दिखा रहे हैं। लोगों को जलनिकासी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। रेलवे क्रॉसिंग के दूसरी तरफ परतावल रोड पर सड़क वनवे और संकरी होने के कारण और सुभाष चौक पर निर्माण स्थल के चारों तरफ सुबह से शाम तक फल की दुकानों के अतिक्रमण के कारण और दिक्कतें हो रही हैं। इसे हटाया नहीं जा रहा है। इसी कारण राहगीर, दुकानदार और स्कूली बस घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं।
इतनी महत्वपूर्ण है सड़क
पडरौना-कप्तानगंज एनएच-730 काफी महत्वपूर्ण सड़क है। यह जनपद मुख्यालय को तो जोड़ती ही है, कप्तानगंज के आगे परतावल, बस्ती और गोरखपुर को जोड़ती है। इसके अलावा यह सड़क आगे इंदरपुर चौराहे से महराजगंज जिले के घुघली और सिसवा भी जाती है। नतीजतन इस सड़क पर ट्रैफिक अधिक रहता है।
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ओवरब्रिज निर्माण में लापरवाही दिखाई देती है। क्योंकि निर्माण के दौरान एनएच और निर्माण करा रही कार्यदायी संस्था का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं रहता है, ताकि लोग अपनी बात और निर्माण से संबंधित कोई जानकारी हासिल कर सकें। नाली निर्माण गलत होने के कारण जलनिकासी की समस्या बरकरार है।
गोलू मिश्रा, निवासी सुभाषनगर
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परतावल रोड ओवरब्रिज का निर्माण कार्य जब से चल रहा है, तभी से हम सभी लोग ऐसा लगता है कि धूल फांक रहे हैं। लोगों की मांग पर टैंकर से कभी कभार पानी गिराया जाता है। निर्माण के एक तरफ से ही सड़क चालू किया गया है। संकरी होने के कारण उस पर जाम लगा रहता है। अभी तक ओवरब्रिज के बाद कितनी जमीन और खाली की जाएगी, कार्यदायी संस्था की ओर से सीमांकन नहीं किया गया।
- यशपाल सिंह, निवासी परतावल रोड
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सुभाषचौक और पीडब्ल्यूडी डाक बगला के बीच दो और पिलर बनाने की मांग दुकानदारों की ओर से की गई थी। एनएच के उच्चाधिकारियों ने स्थल निरीक्षण कर कुछ समाधान निकालने का आश्वासन दिया था। वह केवल आश्वासन ही रह गया। इसके चलते व्यवसाय भारी मात्रा में प्रभावित होगा। क्योंकि ओवरब्रिज के कारण दोनों तरफ से आपस में संपर्क कट जाने से आवागमन में असुविधा होगी।
- हरि नारायण शर्मा, दुकानदार, सुभाष चौक
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कार्यदायी संस्था ने जमीन की पैमाइश कराई गई तो विभाग की ओर से कुछ नहीं बताया गया कि सड़क का निर्माण कहां तक किया जाएगा। इसके कारण हम लोगों के बीच काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि ओवरब्रिज के निर्माण के बाद सड़क का निर्माण कहां तक किया जाएगा।
- इंद्रेश कुशवाहा, बाइक मैकेनिक, सुभाष चौक
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कप्तानगंज में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास ट्रैफिक बंद करने के लिए विभाग की ओर से एसपी को पत्र भेजा गया है। धूल से बचाव के लिए ठेकेदार को मौके पर पहुंचकर फटकार लगाई गई है। उसे नियमित रूप से पानी डालने का निर्देश दिया गया है।
-अवधेश गुप्ता, जेई, एनएचएआई
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संवाद न्यूज एजेंसी
कप्तानगंज। पडरौना-कप्तानगंज एनएच-730 स्थित कप्तानगंज के रेलवे क्रासिंग पर बन रहे ओवरब्रिज का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। इसके कारण जगह-जगह खुदाई हुई है, सड़क पर चलना मुश्किल हो रहा है। जाम व धूल के कारण स्थानीय लोगों की दिक्कतें बढ़ रही है। 70 करोड़ की लागत से बन रहे 1100 मीटर लंबे व 12 मीटर चौड़े ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पिछले दस महीने से चल रहा है। इसे 31 मार्च तक पूरा करना है। पर, रफ्तार देखकर काम तो समय से पूरा होने की कोई सूरत नजर नहीं आ रही है। वहीं लोगों की दुश्वारियां भी कम होती नहीं दिख रही हैं।
पडरौना-कप्तानगंज एनएच 730 पर बन रही रेलवे क्राॅसिंग पर लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से 1100 मीटर लंबे और 12 मीटर चौड़े ओवरब्रिज निर्माण का कार्य जनवरी से शुरू हुआ। इसे 31 मार्च तक पूरा किया जाना है। निर्माण शुरू होने से लेकर अब तक करीब पांच महीने बीत जाने के बाद भी कस्बे में आने वाले लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। ओवरब्रिज निर्माण के बाद भले ही लोगों को सहूलियत हो पर, वर्तमान में स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। निर्माण की धीमी गति और उड़ती धूल के दौरान लोगों को हर दिन जाम से भी जूझना पड़ रहा है, लेकिन एनएच और निर्माण कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी कोई तेजी नहीं दिखा रहे हैं। लोगों को जलनिकासी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। रेलवे क्रॉसिंग के दूसरी तरफ परतावल रोड पर सड़क वनवे और संकरी होने के कारण और सुभाष चौक पर निर्माण स्थल के चारों तरफ सुबह से शाम तक फल की दुकानों के अतिक्रमण के कारण और दिक्कतें हो रही हैं। इसे हटाया नहीं जा रहा है। इसी कारण राहगीर, दुकानदार और स्कूली बस घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं।
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इतनी महत्वपूर्ण है सड़क
पडरौना-कप्तानगंज एनएच-730 काफी महत्वपूर्ण सड़क है। यह जनपद मुख्यालय को तो जोड़ती ही है, कप्तानगंज के आगे परतावल, बस्ती और गोरखपुर को जोड़ती है। इसके अलावा यह सड़क आगे इंदरपुर चौराहे से महराजगंज जिले के घुघली और सिसवा भी जाती है। नतीजतन इस सड़क पर ट्रैफिक अधिक रहता है।
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ओवरब्रिज निर्माण में लापरवाही दिखाई देती है। क्योंकि निर्माण के दौरान एनएच और निर्माण करा रही कार्यदायी संस्था का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं रहता है, ताकि लोग अपनी बात और निर्माण से संबंधित कोई जानकारी हासिल कर सकें। नाली निर्माण गलत होने के कारण जलनिकासी की समस्या बरकरार है।
गोलू मिश्रा, निवासी सुभाषनगर
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परतावल रोड ओवरब्रिज का निर्माण कार्य जब से चल रहा है, तभी से हम सभी लोग ऐसा लगता है कि धूल फांक रहे हैं। लोगों की मांग पर टैंकर से कभी कभार पानी गिराया जाता है। निर्माण के एक तरफ से ही सड़क चालू किया गया है। संकरी होने के कारण उस पर जाम लगा रहता है। अभी तक ओवरब्रिज के बाद कितनी जमीन और खाली की जाएगी, कार्यदायी संस्था की ओर से सीमांकन नहीं किया गया।
- यशपाल सिंह, निवासी परतावल रोड
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सुभाषचौक और पीडब्ल्यूडी डाक बगला के बीच दो और पिलर बनाने की मांग दुकानदारों की ओर से की गई थी। एनएच के उच्चाधिकारियों ने स्थल निरीक्षण कर कुछ समाधान निकालने का आश्वासन दिया था। वह केवल आश्वासन ही रह गया। इसके चलते व्यवसाय भारी मात्रा में प्रभावित होगा। क्योंकि ओवरब्रिज के कारण दोनों तरफ से आपस में संपर्क कट जाने से आवागमन में असुविधा होगी।
- हरि नारायण शर्मा, दुकानदार, सुभाष चौक
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कार्यदायी संस्था ने जमीन की पैमाइश कराई गई तो विभाग की ओर से कुछ नहीं बताया गया कि सड़क का निर्माण कहां तक किया जाएगा। इसके कारण हम लोगों के बीच काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि ओवरब्रिज के निर्माण के बाद सड़क का निर्माण कहां तक किया जाएगा।
- इंद्रेश कुशवाहा, बाइक मैकेनिक, सुभाष चौक
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कप्तानगंज में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास ट्रैफिक बंद करने के लिए विभाग की ओर से एसपी को पत्र भेजा गया है। धूल से बचाव के लिए ठेकेदार को मौके पर पहुंचकर फटकार लगाई गई है। उसे नियमित रूप से पानी डालने का निर्देश दिया गया है।
-अवधेश गुप्ता, जेई, एनएचएआई