{"_id":"5abd33bf4f1c1bbf618b4646","slug":"ashes-burned-as-33-households-of-33-houses","type":"story","status":"publish","title_hn":"आग लगने से 33 घरों की गृहस्थी हुई खाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आग लगने से 33 घरों की गृहस्थी हुई खाक
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Fri, 30 Mar 2018 12:13 AM IST
विज्ञापन
आग से जले घर।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामकोला/टेकुआटार। भठही बुजुर्ग गांव में बृहस्पतिवार को दोपहर में आग लगने से 33 घर व सामान जलकर नष्ट हो गए। आगलगी की घटना से गांव में हाहाकार मच गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने गांव के लोगों के साथ मिलकर आग पर काबू पाया। तहसीलदार कप्तानगंज ने राजस्व टीम के साथ गांव पहुंचकर क्षति का आकलन किया। आगलगी की इस घटना ने गांव के एक परिवार की शादी की खुशियों पर भी ग्रहण लगा दिया है।
भठही बुजुर्ग के अल्पसंख्यक बिरादरी की बस्ती में अचानक एक झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते अगल-बगल की झोपड़ियां भी जलने लगीं। गांव में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी झोपड़ियों में रखा सामान व दरवाजे पर बंधे जानवरों को सुरक्षित निकालने लगे। लेकिन लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि सामान छोड़कर जानवरों समेत लोग गांव से निकलकर बाहर भागे। आगलगी की सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम गांव पहुंची और पंपिंगसेट चलाकर पानी का इंतजाम करके आग पर काबू पाया गया था। तब तक गांव के मुर्तुजा, मुस्तफा, हदीश, कैसर, इस्लाम, फौजदार, रोजदिन, इश्हाक, निजामुद्दीन, लकुमुदीन, मोहर्रम, असलम, बैतुल्लाह, कमरूदीन, आलमीन, युनुस, आरिफ, साकिर, असगर, वाजिद आदि के घर जल गए। वाजिद की चार बकरियां जलकर मर गईं। तहसीलदार कप्तानगंज अशोक कुमार राजस्व टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और क्षति का आकलन कर पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
खाने-सोने का संकटआग लगी से 33 परिवारों का आशियाना तो छिना ही, रहने-खाने का भी संकट गहरा गया है। पीड़ित परिवारों के पास न तो सिर छिपाने की जगह बची है और न ही विश्राम के लिए बिस्तर। सबसे बड़ा संकट भोजन का है। सामान तो जला ही है, बर्तन भी खराब हो गए हैं। कई घरों का हैंडपंप भी सूख गया है। इसकी वजह से इन परिवारों के सामने भोजन का संकट है।
विज्ञापन
लकमुद्दीन की पुत्री सहाना की 10 अप्रैल को शादी है। इसके लिए रखा सारा सामान भी खरीदकर रख लिया गया था। लेकिन आगलगी में सब कुछ जलकर नष्ट हो गया। बेटी की शादी के लिए रखा सामान नष्ट होने से परिवार के लोगों के आंसू थम नहीं रहे थे। उन्हें सामान जलने से ज्यादे चिंता इस बात की है कि अब बिटिया की शादी के लिए सामान का इंतजाम कैसे होगा।
विज्ञापन
भठही बुजुर्ग के अल्पसंख्यक बिरादरी की बस्ती में अचानक एक झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते अगल-बगल की झोपड़ियां भी जलने लगीं। गांव में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी झोपड़ियों में रखा सामान व दरवाजे पर बंधे जानवरों को सुरक्षित निकालने लगे। लेकिन लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि सामान छोड़कर जानवरों समेत लोग गांव से निकलकर बाहर भागे। आगलगी की सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम गांव पहुंची और पंपिंगसेट चलाकर पानी का इंतजाम करके आग पर काबू पाया गया था। तब तक गांव के मुर्तुजा, मुस्तफा, हदीश, कैसर, इस्लाम, फौजदार, रोजदिन, इश्हाक, निजामुद्दीन, लकुमुदीन, मोहर्रम, असलम, बैतुल्लाह, कमरूदीन, आलमीन, युनुस, आरिफ, साकिर, असगर, वाजिद आदि के घर जल गए। वाजिद की चार बकरियां जलकर मर गईं। तहसीलदार कप्तानगंज अशोक कुमार राजस्व टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और क्षति का आकलन कर पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
खाने-सोने का संकटआग लगी से 33 परिवारों का आशियाना तो छिना ही, रहने-खाने का भी संकट गहरा गया है। पीड़ित परिवारों के पास न तो सिर छिपाने की जगह बची है और न ही विश्राम के लिए बिस्तर। सबसे बड़ा संकट भोजन का है। सामान तो जला ही है, बर्तन भी खराब हो गए हैं। कई घरों का हैंडपंप भी सूख गया है। इसकी वजह से इन परिवारों के सामने भोजन का संकट है।
विज्ञापन
लकमुद्दीन की पुत्री सहाना की 10 अप्रैल को शादी है। इसके लिए रखा सारा सामान भी खरीदकर रख लिया गया था। लेकिन आगलगी में सब कुछ जलकर नष्ट हो गया। बेटी की शादी के लिए रखा सामान नष्ट होने से परिवार के लोगों के आंसू थम नहीं रहे थे। उन्हें सामान जलने से ज्यादे चिंता इस बात की है कि अब बिटिया की शादी के लिए सामान का इंतजाम कैसे होगा।