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Kushinagar News: जलस्तर घटते ही ठोकरों पर खतरा, गन्ने की फसल नदी में समाई

Thu, 20 Aug 2026 02:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Thu, 20 Aug 2026 02:13 AM IST
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As the water level decreases, the threat to the Thokars, the sugarcane crop is submerged in the river
तमकुहीरोड। नारायणी (गंडक) नदी का जलस्तर घटने के बाद भी कटान का खतरा कम नहीं हुआ है। एपी बांध के किमी 10.518 पर स्थित ठोकर के अपस्ट्रीम में सोमवार शाम से नदी में बैक रोलिंग शुरू हो गई। नदी ने ठोकर के साथ आसपास के गन्ने की फसल वाले खेतों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। कई किसानों की गन्ने की फसल कटान की भेंट चढ़ गई है। वहीं ठोकर के करीब 30 से 40 मीटर हिस्से पर भी कटान का खतरा बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए बाढ़ खंड के अभियंताओं ने बचाव कार्य तेज कर दिया है। संवेदनशील स्थानों पर जीओ बैग और परक्यूपाइन लगाए जा रहे हैं ताकि नदी की धारा को नियंत्रित कर कटान को रोका जा सके।
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एपी बांध के बाघा चौर में किमी 10.518 पर बाढ़ खंड सेवरही की ओर से वर्ष 2024 में 6.82 करोड़ रुपये की लागत से ठोकर का निर्माण कराया गया था। हालांकि, हर साल आने वाली बाढ़ के चलते ठोकर काफी जर्जर हो चुकी है। इस वर्ष वाल्मीकिनगर बैराज से नदी में छोड़े जाने वाले पानी का डिस्चार्ज पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम रहा है। नदी का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक से नीचे आने के बाद बाढ़ खंड के अभियंताओं के साथ ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली थी। लेकिन जलस्तर घटते ही अचानक ठोकर के पास बैक रोलिंग शुरू होने से एक बार फिर कटान का खतरा बढ़ गया है।
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ग्रामीणों के अनुसार नदी ने गन्ने की फसल वाले खेतों को काटना शुरू कर दिया है। इससे कई किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। नदी किनारे बसे लोगों का कहना है कि जब नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद घटता है तो कई स्थानों पर कटान का खतरा और बढ़ जाता है। क्षेत्र के दीनानाथ सिंह, पप्पू यादव, अशोक सिंह पटेल और गोरख यादव ने बताया कि पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में शासन की ओर से बाढ़ बचाव के पर्याप्त कार्य नहीं कराए गए हैं। अभी बरसात बाकी है।
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ऐसे में यदि कटान रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो दोबारा नदी का डिस्चार्ज बढ़ने पर ठोकर की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। इधर, बाढ़ खंड के जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील यादव सहित अन्य अभियंता लगातार मौके पर निगरानी कर रहे हैं। जीओ बैग और परक्यूपाइन लगाकर कटान रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। बुधवार को भी बचाव कार्य जारी रहा। बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। ठोकर को सुरक्षित बनाने के साथ ही सभी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
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