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Kushinagar News: कसा शिकंजा तो गायब हो गई छोटी पर्ची...अब सरकारी पर्ची पर ही एक दो दवा बाहर की
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दीवार की दूसरी तरफ से दवा देता दलाल।
पडरौना। मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक दावों और चहारदीवारी की ऊंचाई भले ही बढ़ गई है, लेकिन डॉक्टरों और दवा के धंधेबाजों के बीच खेल बदस्तूर जारी है। प्रशासन की सख्ती के बाद बस खेल का तरीका बदल गया है। पहले जो डॉक्टर अलग से छोटी पर्ची पर बाहरी दवाएं लिखते थे, अब वे सीधे सरकारी पर्चे पर ही एक से दो दवाएं बाहर की लिख रहे हैं। नतीजा, हर दिन आने वाले 1000 से 1200 मरीज इलाज के नाम सिर्फ ओपीडी और एक्स-रे कक्ष में धक्का-मुक्की झेल रहे हैं। दवा काउंटर पर सरकारी पर्चे पर लिखी बाहरी दवाओं को लेकर मरीज कहासुनी करते देखे जाते हैं।
यह हाल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड व पैथोलॉजी में भी मरीज सिस्टम की बेरुखी से परेशान हैं। हालात यह कि एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड में मरीजों की भीड़ के सापेक्ष मशीनें उपलब्ध नहींं हैं। इससे जांच कराने पहुंचने वाले मरीजों का काफी परेशानी होती है। बाउंड्रीवॉल का होल बंद कराने के बावजूद पोस्टमार्टम हाउस के पास एक मेडिकल स्टोर खुला है, पुरुष हो या महिला बाउंड्री फांदकर आते-जाते हैं। एक्सरे कक्ष में भी मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां सक्रिय दलालों की मदद से 100 रुपये देने पर बिना नंबर लगाए एक्सरे कक्ष के अंदर मरीज का नाम कर्मचारी बोलते हैं। ऐसा एक्सरे के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे मरीजों का आरोप है।
-मेडिकल कॉलेज में सभी दवाएं उपलब्ध हैं, बाहर से दवा लिखना गंभीर है, पहले शिकायत मिलने पर डाॅक्टरों को चेतावनी दी गई थी। अगर बाहर से दवा लिखने का मामला दोबारा सामने आ रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी और संबंधित डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
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डॉ. दिलीप जायसवाल, सीएमएस मेडिकल कॉलेज कुशीनगर
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यह हाल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड व पैथोलॉजी में भी मरीज सिस्टम की बेरुखी से परेशान हैं। हालात यह कि एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड में मरीजों की भीड़ के सापेक्ष मशीनें उपलब्ध नहींं हैं। इससे जांच कराने पहुंचने वाले मरीजों का काफी परेशानी होती है। बाउंड्रीवॉल का होल बंद कराने के बावजूद पोस्टमार्टम हाउस के पास एक मेडिकल स्टोर खुला है, पुरुष हो या महिला बाउंड्री फांदकर आते-जाते हैं। एक्सरे कक्ष में भी मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां सक्रिय दलालों की मदद से 100 रुपये देने पर बिना नंबर लगाए एक्सरे कक्ष के अंदर मरीज का नाम कर्मचारी बोलते हैं। ऐसा एक्सरे के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे मरीजों का आरोप है।
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-मेडिकल कॉलेज में सभी दवाएं उपलब्ध हैं, बाहर से दवा लिखना गंभीर है, पहले शिकायत मिलने पर डाॅक्टरों को चेतावनी दी गई थी। अगर बाहर से दवा लिखने का मामला दोबारा सामने आ रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी और संबंधित डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
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डॉ. दिलीप जायसवाल, सीएमएस मेडिकल कॉलेज कुशीनगर