फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   aprajita,aprajita kushinagar

अपराध को छिपाएं नहीं, उजागर करें

Sun, 31 Jan 2021 12:23 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2021 12:23 AM IST
विज्ञापन
aprajita,aprajita kushinagar
विद्यावती देवी महाविद्यालय परिसर में नारी सुरक्षा जागरूकता गोष्ठी आयोजित
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीराज। अपराध को छिपाएं नहीं बल्कि उसे उजागर कर अपराधी को सजा दिलाने में मदद करें। अपराध छिपाने से सामने वाले का दुस्साहस बढ़ता है। इससे वे अन्य आपराधिक घटनाओं में भी बेखौफ होकर शामिल हो जाते हैं। इसके विपरीत एक अपराधी को सजा मिलने पर 100 अपराधियों का हौसला पस्त होता है। वह अपराध करने से पहले कई बार सोचने को विवश होते हैं।
ये बातें सीओ तमकुहीराज फूलचंद कन्नौजिया ने कहीं। मौका था अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से अपराजिता मुहिम के तहत शनिवार को तमकुहीराज के विद्यावती देवी महाविद्यालय में नारी सुरक्षा जागरूकता गोष्ठी का।
विज्ञापन

सीओ ने कहा कि घर हो या स्कूल, या कोई अन्य स्थान। अगर असुरक्षा महसूस हो रही हो तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस आपकी हर तरह की मदद करने को तैयार है। अक्सर लड़कियां किसी के द्वारा की गई छींटाकशी या अपमानजनक टिप्पणी को लोकलाज के भय से नजरअंदाज कर देती हैं। कई बार यह संकोच आगे चलकर बड़ी घटना का कारण बन जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसी स्थिति आने पर अपने माता-पिता, शिक्षक या पुलिस की मदद लें। घटना की तत्काल जानकारी मिलने पर पुलिस को मामले में त्वरित कार्रवाई करने में सहूलियत रहती है। सूचना देर से मिलने पर अपराधी को बच निकलने का मौका मिल जाता है। उन्होंने कहा कि शिकायत के दौरान यह पूरा प्रयास होना चाहिए कि किसी निर्दोष को सजा न मिले। सजा से जहां अपराधी अपराध करने से घबराता है, वहीं निर्दोष के मन में बदले की भावना जागृत होती है। जो बड़ी घटनाओं को जन्म देती है।
पटहेरवा थाने के सब इंस्पेक्टर राजेश यादव ने कहा कि सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए डायल 112, 181, 1090 जैसे कई टोल फ्री नंबर संचालित हो रहे हैं। संकट के समय इन नंबरों पर फोन कर समस्याओं से अवगत कराया जा सकता है। यहां महिलाओं द्वारा ही आपकी बात सुनी जाती है। स्थानीय पुलिस के माध्यम से त्वरित कार्रवाई की कराई जाती है। इसमें शिकायतकर्ता की पहचान उजागर न हो, इसका भी ध्यान रहता है। कार्यक्रम में 160 लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में सभी ने नारी गरिमा की रक्षा का संकल्प भी लिया।
इस दौरान रमेशचंद्र यादव, सुधीर सिंह, राजेश यादव, मारकंडेय, सतेंद्र साहनी, महेंद्र कुमार, विनोद राय, पवन गिरी, संदीप कुशवाहा, राजन, उषा सिंह, शिवानी, विनीता यादव, गुंजन गुप्ता, कमलेश यादव, शिखा राय आदि मौजूद रहे।

मन में भरा आत्मविश्वास
बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा सुनीता कुशवाहा का कहना था कि नारी सुरक्षा पर आधारित ऐसे कार्यक्रम से अन्याय के खिलाफ लड़ने की ताकत मिलती है। साहिमा खातून ने कहा कि सीओ व अन्य पुलिस अफसरों ने जो जानकारी दी, उससे मन का संशय दूर हुआ है। नुसरा सिद्दीकी बोलीं, ग्रामीण क्षेत्र में अभी भी महिलाओं को सुरक्षा संबंधी कानूनी उपायों की कम जानकारी है, जिसके चलते तमाम दिक्कत आती है। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के कार्यक्रम से जानकारी बढ़ती है। अंजली यादव बोलीं, समाज में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति के खिलाफ यह जनचेतना है। जब तक प्रत्येक महिला जागरूक होकर सामने नहीं आएगी, तब तक महिलाओं के प्रति हो रहे अपराध में कमी नहीं आएगी। यह कार्यक्रम महिलाओं को जागरूक करने में मदद करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed