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Kushinagar News: बेसन और मिठाई के अलावा दूध को भी नहीं छोड़ रहे धंधेबाज

Sat, 01 Mar 2025 11:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sat, 01 Mar 2025 11:51 PM IST
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Apart from gram flour and sweets, businessmen are not leaving milk also
पडरौना। मार्च के दूसरे पखवाड़े में होली है। त्योहारों पर खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले सक्रिय हो जाते हैं। मिलावटखोर मिठाई और दूध ही नहीं बेसन, रिफाइन समेत अन्य खाद्य पदार्थों को नहीं छोड़ रहे हैं। पिछले महीने मिली जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई हे।
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त्योहार में मिठाई की मांग कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन जिले में सक्रिय हो गया है। टीम गठित कर निरीक्षण के दौरान संदेह के आधार नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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पिछले माह खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को प्राप्त जांच रिपोर्ट के अनुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लिए गए पनीर, दूध, खोवा, मिठाई, बेसन के सैंपल अधोमानक पाए गए थे। एक बार फिर दिवाली में लिए गए कुल 28 नमूने की जांच रिपोर्ट 25 फरवरी को विभाग के पास आई है, इसमें 12 नमूने अधोमानक मिले हैं। विभाग फेल नमूनों के आधार पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए केस दर्ज करने की तैयारी कर रहा है। सैंपल फेल पाए जाने पर संबंधित दुकानों पर सामानों के विक्रय और भंडारण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन तब भी मिलावटखोर बाज नहीं आ रहे हैं। होली में सबसे अधिक खपत खोवा, दूध, पनीर और दूध से बनी मिठाइयों की होती है। हर घर में खोवे से गुझिया बनती है। मिठाई की दुकानों पर गुझिया समेत अन्य मिठाइयां बनती हैं। मैदे में खोवा भरकर गुझिया तैयार की जाती है। मिलावट करने वाले कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के लिए होली जैसे पर्व पर सक्रियता बढ़ा देते हैं।
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दूध में पानी, मावा में मिल्क पाउडर, चने के बेसन में मटर का बेसन या मक्के का आटा मिलाकर ग्राहकों को बेच दिया जा रहा है। कई दुकानदार ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में घटिया घी और तेल की बिक्री करते हैं।

मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने को खाद्य विभाग सैंपल लेकर जांच के लिए भेज रही है। पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव सुमन ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने से सबसे ज्यादा नुकसान पाचन तंत्र और लीवर पर असर पड़ता है। मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से आंत में इंफेक्शन होने की संभावना अधिक होती है। लोग विश्वसनीय दुकानों से ही गुणवत्तायुक्त मिठाई खरीदें। लोगों को अधिक आकर्षित करने वाले मिठाई और रंग वाले मिठाई से भी परहेज करना चाहिए। इसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है।
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