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Kushinagar News: हर घंटे एक मीटर कटा एपी बांध, लाचार दिखे अफसर

Thu, 01 Oct 2026 02:52 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2026 02:52 AM IST
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AP dam eroding at a rate of one meter per hour; officials appeared helpless.
कुशीनगर। नेपाल से आए सैलाब ने कुशीनगर के गांवों में भारी तबाही मचाई है। एपी तटबंध सोमवार की रात 1:30 बजे टूट गया, जिससे 20 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। नदी का बहाव इतना तेज था कि हर घंटे 10 मीटर तटबंध कट रहा था। चीफ इंजीनियर का कहना था कि पांच मिनट का भी मौका नहीं मिला। धार इतनी तेज कि कुछ नहीं सूझ रहा था।
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सोमवार रात करीब 10:20 बजे एपी बांध में कटान शुरू हुआ। यह बांध जवही दयाल और बीरवट के बीच टूटा। शुरुआत में लगभग 10 मीटर हिस्सा कटा, पर गंडक की तेज धारा से कटान लगातार बढ़ता गया। शाम को पांच बजे तक एपी बांध करीब 100 मीटर टूट गया था। मंगलवार रात 10 बजे तक करीब 120 मीटर बांध कट चुका था। बाढ़ खंड के अफसर नदी की तेज धारा के सामने लाचार दिखे। मुख्य अभियंता विकास सिंह ने बताया कि पानी की धार इतनी तेज थी कि कुछ भी डालने पर बह जा रहा था। प्रशासन ने नदी के 10 किलोमीटर के दायरे के गांवों को खाली कराना शुरू किया। एपी तटबंध पर तीन किलोमीटर क्षेत्र में 10 से अधिक स्थानों पर रिसाव भी हो रहा था।
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घटना के बाद प्रशासन और बाढ़ खंड के अधिकारी मौके पर पहुंचे। कटान रोकने के लिए मिट्टी की बोरियां, मोरंग, मिट्टी और छोटे बोल्डर डाले गए। हालांकि, तेज बहाव के सामने ये इंतजाम कारगर साबित नहीं हुए। ये प्रयास केवल दिखावटी नजर आ रहे थे, क्योंकि गंडक का पानी सागर जैसा दिख रहा था। बांध को दोबारा बांधने के लिए बड़े स्तर पर संसाधनों की उपलब्धता पर सवाल उठे।
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बहाव कम होने पर ली राहत की सांस

बांध टूटने से पहले दिनभर एपी बांध के अलग-अलग हिस्सों में रिसाव की शिकायतें सामने आ रही थीं। चैन पट्टी के पास किलोमीटर 3,500 और 4 के बीच कई स्थानों पर रिसाव देखा गया। प्रशासन और बाढ़ खंड की टीमें मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों ने भी श्रमदान किया। इसके बावजूद रात में इन्हीं संवेदनशील हिस्सों के बीच वाला बांध टूट गया। बुधवार सुबह 6 बजे के बाद कटान स्थल पर पानी का बहाव कम होने पर अफसरों ने राहत की सांस ली।
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