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एएनएम सेंटर पर स्वास्थ्य कर्मी का कब्जा
ब्यूरो/अमर उजाला कुशीनगर
Updated Thu, 14 Jul 2016 11:52 PM IST
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एएनएम सेंटर पर स्वास्थ्य कर्मी का कब्जा
- फोटो : अमर उजाला
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विशुनपुरा ब्लाक के कंठीछपरा गांव में करीब आठ लाख रुपये की लागत से बने एएनएम सेंटर पर गांव की एक स्वास्थ्य कर्मी ने ही कब्जा जमा लिया है। सेंटर पर कब्जा हो जाने के चलते यहां तैनात एएनएम गांव में घूम-घूमकर अपने दायित्वों का निर्वहन करती हैं। गांव के लोगों ने कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत की, इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कंठीछपरा गांव के जमुआन टोले पर स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2005-06 में एएनएम सेंटर का निर्माण करवाया। उस वक्त बरती गई लापरवाही के चलते भवन का निर्माण स्वास्थ्य विभाग को मिली जमीन के बजाय एक व्यक्ति की निजी जमीन पर करा दिया गया। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद गांव की स्वास्थ्य कर्मी ने नए भवन में अपना कब्जा जमा लिया। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से शिकायत की, परंतु आश्चर्यजनक रूप से विभाग ने इसकी खोजबीन भी नहीं कराई। एएनएम सेंटर चालू न होने से इस गांव समेत अगल-बगल के गांवों की गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण और प्रसव के लिए मंसाछापर स्थित सीएचसी विशुनपुरा जाना पड़ता है। अवैध कब्जा जमाए परिवार के बुजुर्ग सदस्य पारस कुशवाहा का कहना है कि सेंटर निर्माण के वक्त उन्हें कहा गया था कि बदले में दूसरी जमीन दी जाएगी लेकिन अब विभाग और जिम्मेदार लोग जमीन नहीं दे रहे हैं। ग्राम प्रधान कुसुमी देवी का कहना है कि जमीन के बदले जमीन देने की बात हुई थी। जल्दी ही इसकी प्रक्रिया पूर्ण कराते हुए एएनएम सेंटर खाली कराया जाएगा।
इस संबंध में सीएमओ डॉक्टर अखिलेश कुमार ने कहा कि इस गंभीर प्रकरण की जांच विशुनपुरा सीएचसी प्रभारी से कराई जाएगी। सेंटर पर से अवैध कब्जा हटवाते हुए उसे चालू कराया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
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कंठीछपरा गांव के जमुआन टोले पर स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2005-06 में एएनएम सेंटर का निर्माण करवाया। उस वक्त बरती गई लापरवाही के चलते भवन का निर्माण स्वास्थ्य विभाग को मिली जमीन के बजाय एक व्यक्ति की निजी जमीन पर करा दिया गया। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद गांव की स्वास्थ्य कर्मी ने नए भवन में अपना कब्जा जमा लिया। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से शिकायत की, परंतु आश्चर्यजनक रूप से विभाग ने इसकी खोजबीन भी नहीं कराई। एएनएम सेंटर चालू न होने से इस गांव समेत अगल-बगल के गांवों की गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण और प्रसव के लिए मंसाछापर स्थित सीएचसी विशुनपुरा जाना पड़ता है। अवैध कब्जा जमाए परिवार के बुजुर्ग सदस्य पारस कुशवाहा का कहना है कि सेंटर निर्माण के वक्त उन्हें कहा गया था कि बदले में दूसरी जमीन दी जाएगी लेकिन अब विभाग और जिम्मेदार लोग जमीन नहीं दे रहे हैं। ग्राम प्रधान कुसुमी देवी का कहना है कि जमीन के बदले जमीन देने की बात हुई थी। जल्दी ही इसकी प्रक्रिया पूर्ण कराते हुए एएनएम सेंटर खाली कराया जाएगा।
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इस संबंध में सीएमओ डॉक्टर अखिलेश कुमार ने कहा कि इस गंभीर प्रकरण की जांच विशुनपुरा सीएचसी प्रभारी से कराई जाएगी। सेंटर पर से अवैध कब्जा हटवाते हुए उसे चालू कराया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
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