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Kushinagar News: फल विक्रेताओं की मौत पर उबाल, छह घंटे जाम

Sun, 25 May 2025 01:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 25 May 2025 01:32 AM IST
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Anger over death of fruit vendors, six hours long jam
कसया में सड़क जाम करते फल विक्रेताओं के परिजन व लोग। संवाद 
कसया। कस्बे में स्कार्पियो की चपेट में आने से घायल दूसरे फल विक्रेता की मौत इलाज के दौरान लखनऊ में शुक्रवार को हो गई। इससे पहले एक की मौत हादसे के दौरान मौके पर ही हो गई थी। शनिवार की सुबह शव आने की सूचना पर गोला बाजार में कस्बे के लोगों की भीड़ जुट गई। नाराज लोग स्थानीय पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर नारेबाजी करने लगे। भीड़ के तेवर देख मौके पर मौजूद पुलिस बैकफुट पर आ गई।
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कुछ देर बाद सीओ व तहसीलदार पहुंचे और कई बार वार्ता की, लेकिन नाराज लोगों ने किसी की बात नहीं सुनी। इसमें शामिल महिलाएं चौकी इंचार्ज और थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग कर रही थीं। मामला बढ़ता देख करीब छह घंटे बाद पहुंचे एडीएम व एएसपी ने परिजनों से वार्ता किया। नियमानुसार आश्वासन को पूरा करने का लिखित पत्र दिया। इसके बाद जाम खत्म हुआ और शव का दाह संस्कार पुलिस की मौजूदगी में परिजनों ने किया। इसको लेकर कई थानों की पुलिस मौके पर जमी रही। कसया नगर के वार्ड नंबर 24 सुभाष नगर निवासी मोनू (24), आशीष उर्फ मंटू (22) नगर में फल की दुकान चलाते थे। मंगलवार की रात को दोनों युवक दुकान बंद कर पैदल घर जाने के लिए निकले। इस दौरान गांधी चौक से देवरिया की ओर जा रही तेज रफ्तार स्कार्पियो ने गलत दिशा में जाकर दोनों को कुचल दिया। इसमें मोनू की मौके पर मौत हो गई, जबकि आशीष का इलाज लखनऊ में निजी अस्पताल में चल रहा था। इलाज के दौरान शुक्रवार को इसकी मौत हो गई।
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आक्रोशित लोगों का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने स्कार्पियो चालक को हिरासत में कुछ देर के लिए लिया था और बाद में छोड़ दिया। इस मामले में काई उचित कार्रवाई नहीं की। कस्बे के लोगों जानकारी हुई कि आशीष का शव घर आने वाला है, इस पर गोला बाजार पर पहुंचे लोगों ने सुबह आठ बजे हाईवे जाम कर चौकी इंचार्ज अमित सिंह और थानाध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सड़क जाम की सूचना पर पुलिस कुछ देर बाद पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन आक्रोशित लोगों ने पुलिस की एक नहीं सुनी धरना जारी रखा। इसकी खबर मिलते ही सीओ कुंदन सिंह, तहसीलदार धर्मवीर सिंह, तमकुहीराज न्यायिक एसडीएम पहुंचे और लोगों से वार्ता किया, लेकिन लोग लिखित आश्वासन की मांग कर रहे थे। करीब दो घंटे प्रयास के बाद बात नहीं बनी तो दिन में करीब 12.30 बजे एडीएम वैभव मिश्रा, एएसपी पहुंचे। परिजनों व लोगों से वार्ता किया। लोगोंं ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने, लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, हादसा स्थल पर डिवाइडर का निर्माण कराने की मांग किया।
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वाहन चालक पर सख्त कार्रवाई को कहा। दिन में दो बजे छह घंटे के प्रदर्शन में पुलिस से नोंकझोंक भी हुई और पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा। एडीएम प्रशासन ने पूरे मामले का जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद शव को लेकर रमाभार पुल पर लोग पहुंचे और अंतिम संस्कार हुआ। धरने के दौरान पांच थाने की पुलिस और तहसील प्रशासन तैनात रहा।
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