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Kushinagar News: आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे पोषण और जागरूकता के मॉडल
Mon, 02 Feb 2026 01:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 02 Feb 2026 01:47 AM IST
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पडरौना। जिले के आंगनबाड़ी केंद्र पोषण और जागरूकता के मॉडल के रूप में विकसित किए जाएंगे। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र योजना के तहत जिले के 133 आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प किया जा रहा है। सभी केंद्रों पर पोषण वाटिका विकसित की जा रही है, जहां सहजन और आंवले के पौधे लगाने के साथ सब्जियां भी उगाई जाएंगी। इससे बच्चों को पौष्टिक आहार मिलेगा और वे प्रकृति के महत्व को समझ सकेंगे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी एके दूबे ने बताया कि इस योजना के तहत 133 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका का निर्माण कराया जाएगा, जहां सहजन व आंवला के पौधों के साथ मौसमी सब्जियों की खेती की जाएगी। इससे बच्चों को पौष्टिक आहार के साथ-साथ पोषण के प्रति जागरूक करने में मदद मिलेगी। वहीं इन सभी केंद्रों पर वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हारवेस्टिंग) की व्यवस्था की जा रही है। जिससे जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने इन कार्यों के लिए कार्यदायी संस्थाओं का भी निर्धारण कर दिया है। पोषण वाटिका का कार्य ग्राम पंचायत स्तर से, वाल पेंटिंग का कार्य खंड विकास अधिकारी के माध्यम से व रेनवाटर हारवेस्टिंग का कार्य लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराया जा रहा है। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र योजना के तहत कराए जा रहे इन कार्यों से आंगनबाड़ी केंद्रों की भौतिक स्थिति में सुधार होगा।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी एके दूबे ने बताया कि इस योजना के तहत 133 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका का निर्माण कराया जाएगा, जहां सहजन व आंवला के पौधों के साथ मौसमी सब्जियों की खेती की जाएगी। इससे बच्चों को पौष्टिक आहार के साथ-साथ पोषण के प्रति जागरूक करने में मदद मिलेगी। वहीं इन सभी केंद्रों पर वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हारवेस्टिंग) की व्यवस्था की जा रही है। जिससे जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
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बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने इन कार्यों के लिए कार्यदायी संस्थाओं का भी निर्धारण कर दिया है। पोषण वाटिका का कार्य ग्राम पंचायत स्तर से, वाल पेंटिंग का कार्य खंड विकास अधिकारी के माध्यम से व रेनवाटर हारवेस्टिंग का कार्य लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराया जा रहा है। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र योजना के तहत कराए जा रहे इन कार्यों से आंगनबाड़ी केंद्रों की भौतिक स्थिति में सुधार होगा।
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