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Kushinagar News: तहसील परिसर में अराजकता, सीसीटीवी कैमरा लगवाने की मांग
Tue, 14 Jan 2025 12:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 14 Jan 2025 12:31 AM IST
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हाटा। तहसील परिसर रात में अराजक तत्वों का अड्डा बन जा रहा है। परिसर में सीसीटीवी कैमरा न होने से अराजक तत्वों की निगरानी भी नहीं हो पा रही है। आए दिन वे परिसर में कुछ न कुछ नुकसान कर देते है। शनिवार की रात अराजक तत्वों ने परिसर में लगे पीपल के पौधे को सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए ईंट के ट्री गार्ड को तोड़कर उसमें लगे पौधे को तोड़ दिया। सोमवार को तहसील खुलने पर लोगों को इसकी जानकारी हुई। अराजक तत्वों ने अधिवक्ता शेड में लगे बिजली के तारों और उपकरणों को भी क्षति पहुंचाई है। तहसील के अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों ने इस पर नाराजगी जताई है। लोगों को कहना है कि परिसर में अगर सीसीटीवी कैमरा लगा होता तो अराजक तत्वों की पहचान करना आसान होता।
वरिष्ठ अधिवक्ता रविंद्र मणि ने बताया कि परिसर में छाया करने के लिए पीपल का पौधा लगाया गया था। जानवर उसे नुकसान न पहुंचाए उसके लिए ईंट का ट्री गार्ड भी बनाया गया था, लेकिन छुट्टी होने के बाद परिसर में आए अराजक तत्वों ने न सिर्फ इसे तोड़ दिया बल्कि उसमें लगे पीपल के पौधे को भी उखाड़ दिया है। अधिवक्ता सचिन श्रीवास्तव ने कहा कि परिसर में अगर सीसीटीवी कैमरा लगा होता तो अराजक तत्वों की करतूत कैमरे में रिकाॅर्ड हो जाती। इससे उनकी पहचान भी हो जाती। उन्होंने बताया कि तहसील भवन में भी जो कैमरे लगे हैं वह भी काफी दिनों से शो-पीस बने हुए है। उनके में कोई रिकार्डिंग नहीं होती है। कुछ दिनों पहले निरीक्षण में आए डीएम ने भी इस पर नाराजगी जताई थी।
बैनामा लेखक संतोष बरनवाल और मुंशी ध्यानचंद यादव ने कहा कि परिसर में अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों के बैठने के लिए कुर्सी मेज आदि खुले में रहता है। कई बार अराजक तत्व उसे भी नुकसान पहुंचा देते है। तहसील प्रशासन को सुरक्षा को देखते हुए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगवाना चाहिए।
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वरिष्ठ अधिवक्ता रविंद्र मणि ने बताया कि परिसर में छाया करने के लिए पीपल का पौधा लगाया गया था। जानवर उसे नुकसान न पहुंचाए उसके लिए ईंट का ट्री गार्ड भी बनाया गया था, लेकिन छुट्टी होने के बाद परिसर में आए अराजक तत्वों ने न सिर्फ इसे तोड़ दिया बल्कि उसमें लगे पीपल के पौधे को भी उखाड़ दिया है। अधिवक्ता सचिन श्रीवास्तव ने कहा कि परिसर में अगर सीसीटीवी कैमरा लगा होता तो अराजक तत्वों की करतूत कैमरे में रिकाॅर्ड हो जाती। इससे उनकी पहचान भी हो जाती। उन्होंने बताया कि तहसील भवन में भी जो कैमरे लगे हैं वह भी काफी दिनों से शो-पीस बने हुए है। उनके में कोई रिकार्डिंग नहीं होती है। कुछ दिनों पहले निरीक्षण में आए डीएम ने भी इस पर नाराजगी जताई थी।
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बैनामा लेखक संतोष बरनवाल और मुंशी ध्यानचंद यादव ने कहा कि परिसर में अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों के बैठने के लिए कुर्सी मेज आदि खुले में रहता है। कई बार अराजक तत्व उसे भी नुकसान पहुंचा देते है। तहसील प्रशासन को सुरक्षा को देखते हुए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगवाना चाहिए।
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