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Kushinagar News: जगदगुरु रामभद्राचार्य के पूजन के बाद यज्ञमंडप की परिक्रमा में शामिल हुए श्रद्धालु
Thu, 07 Dec 2023 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 07 Dec 2023 12:34 AM IST
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पडरौना। तुर्कपट्टी क्षेत्र के सेमराधाम महासोन गांव के वनसप्ती मंदिर परिसर में चल रहे शतचंडी महायज्ञ एवं रामकथा में मंगलवार की देर शाम यज्ञमंडप में तैंतीस करोड़ देवी-देवता की स्थापना की गई। बुधवार की सुबह जगदगुरु रामभद्राचार्य ने पूजन किया। इसके बाद यज्ञ मंडप की परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा।
आकर्षण का केंद्र बने शतचंडी यज्ञमंडप में मंगलवार की देर शाम यज्ञकर्ता दिगंबर अखाड़ा के महामंडलेश्वर रामबालक दास त्यागीजी महाराज, यज्ञाचार्य पंडित कन्हैया उपाध्याय समेत अन्य आचार्यों ने सात यजमानों संग यज्ञ मंडप का पूजन शुरू किया। यजमान रामेश्वर सिंह, राममुनि दुबे, चंद्रप्रकाश चमन, राणा सिंह, श्रीप्रकाश प्रसाद ने यज्ञमंडप के चारों कोनों पर वास्तुपीठ मंडप, क्षेत्रपाल मंडप, नवग्रह मंडप, हवनकुंड सहित प्रधानमंडप की स्थापना कर तैंतीस कोटि देवी-देवता की स्थापना कराई। स्थापित मंडप की तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य ने भी वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अनुसार पूजन कर सर्वमंगल की कामना की। समस्त धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात बुधवार की सुबह से यज्ञमंडप को आम श्रदालुओं के पूजा अर्चना के लिए खोल दिया गया। यज्ञमंडप की परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। खासकर महिलाओं में परिक्रमा को लेकर काफी उत्सुकता रही। परिक्रमा के विषय में जानकारी देते हुए महामंडलेश्वर रामबालक दास त्यागी ने बताया कि कलश यात्रा में शामिल कन्याओं सहित अन्य की यज्ञमंडप की परिक्रमा और दीपक जलाना बड़े अनुष्ठानों में शामिल है।
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आकर्षण का केंद्र बने शतचंडी यज्ञमंडप में मंगलवार की देर शाम यज्ञकर्ता दिगंबर अखाड़ा के महामंडलेश्वर रामबालक दास त्यागीजी महाराज, यज्ञाचार्य पंडित कन्हैया उपाध्याय समेत अन्य आचार्यों ने सात यजमानों संग यज्ञ मंडप का पूजन शुरू किया। यजमान रामेश्वर सिंह, राममुनि दुबे, चंद्रप्रकाश चमन, राणा सिंह, श्रीप्रकाश प्रसाद ने यज्ञमंडप के चारों कोनों पर वास्तुपीठ मंडप, क्षेत्रपाल मंडप, नवग्रह मंडप, हवनकुंड सहित प्रधानमंडप की स्थापना कर तैंतीस कोटि देवी-देवता की स्थापना कराई। स्थापित मंडप की तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य ने भी वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अनुसार पूजन कर सर्वमंगल की कामना की। समस्त धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात बुधवार की सुबह से यज्ञमंडप को आम श्रदालुओं के पूजा अर्चना के लिए खोल दिया गया। यज्ञमंडप की परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। खासकर महिलाओं में परिक्रमा को लेकर काफी उत्सुकता रही। परिक्रमा के विषय में जानकारी देते हुए महामंडलेश्वर रामबालक दास त्यागी ने बताया कि कलश यात्रा में शामिल कन्याओं सहित अन्य की यज्ञमंडप की परिक्रमा और दीपक जलाना बड़े अनुष्ठानों में शामिल है।
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