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डीएम की चेतावनी पर सहमे व्यापारी, नाली निर्माण शुरू
kushinagar
Updated Fri, 05 Jan 2018 11:16 PM IST
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नाली बनवाने के लिए गिराई गई मिट्टी।
- फोटो : amar ujala
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पडरौना।
नगर में टूटी नालियों, साफ-सफाई और उसके निर्माण का जो कार्य नगरपालिका को कराना होता है, वह कार्य अब पडरौना के व्यापारी कर रहे हैं। बीते माह डीएम ने रामकोला रोड पर निरीक्षण किया था। यहां पाया कि दुकानदारों के कूड़ा-करकट से उनके सामने की नालियां जाम हो गई हैं और कुछ नालियां अतिक्रमण के चलते टूट चुकी हैं। इस पर उन्होंने व्यापारियों से अपनी दुकानों के आगे नालियां दुरुस्त कराने को कहा था। एक व्यापारी ने तो डीएम के अल्टीमेटम के बाद ही अपने दुकान के सामने की नाली और फुटपाथ को ठीक करा दिया, जबकि एक व्यापारी ने नाली निर्माण का कार्य शुक्रवार को शुरू करा दिया है।
बीते दिनों रामकोला रोड पर डीएम आंद्रा वामसी गंदगी और नालियों की स्थिति देख बिफर पड़े थे। जिन दुकानदारों के प्रतिष्ठान के आगे गंदगी बिखरी हुई थी, उन्हें बुलाकर नालियों का निर्माण कराने तथा वहां चूना का छिड़काव कराने को कहा था। इसी तरह रामकोला रोड पर कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों के सामने नाली पूरी तरह टूटकर जाम हो गई थी। यह देखते ही डीएम ने उन व्यापारियों को स्वयं के रुपये से नाली निर्माण कराए जाने की जिम्मेदारी भी सौंप दी। यह देख यहां के कुछ व्यवसायियों ने नाली का निर्माण करा दिया और एक व्यापारी ने शुक्रवार को काम शुरू कराया।
एक व्यवसायी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि जो काम नगर पालिका को कराना चाहिए, उसकी जिम्मेदारी हम लोगों को मिल रही है। वर्षों से यहां की नालियां जाम हैं, तब तो कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन निरीक्षण के दौरान इसके निर्माण का ठीकरा व्यापारियों पर फोड़ना गलत है।
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इसी तरह एक व्यापारी ने कहा कि गलती किसी और की, सजा किसी और को दी जा रही है। बरसात के दिनों में इस सड़क की हालत यदि डीएम को पता होती तो शायद व्यापारियों में गलती ढूंढने की बजाय नगरपालिका की गलती नजर आती।
इस संबंध में पडरौना नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष विनय जायसवाल का कहना है कि शहर में नाली निर्माण कराने की जिम्मेदारी नगरपालिका प्रशासन की है। इसके लिए व्यापारियों पर नाराजगी या उनसे निर्माण कराना अनुचित है। जो भी नालियां क्षतिग्रस्त हैं, उनका नियमसंगत तरीके से निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए विभाग के जेई से सर्वे करा लिया गया है।
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नगर में टूटी नालियों, साफ-सफाई और उसके निर्माण का जो कार्य नगरपालिका को कराना होता है, वह कार्य अब पडरौना के व्यापारी कर रहे हैं। बीते माह डीएम ने रामकोला रोड पर निरीक्षण किया था। यहां पाया कि दुकानदारों के कूड़ा-करकट से उनके सामने की नालियां जाम हो गई हैं और कुछ नालियां अतिक्रमण के चलते टूट चुकी हैं। इस पर उन्होंने व्यापारियों से अपनी दुकानों के आगे नालियां दुरुस्त कराने को कहा था। एक व्यापारी ने तो डीएम के अल्टीमेटम के बाद ही अपने दुकान के सामने की नाली और फुटपाथ को ठीक करा दिया, जबकि एक व्यापारी ने नाली निर्माण का कार्य शुक्रवार को शुरू करा दिया है।
बीते दिनों रामकोला रोड पर डीएम आंद्रा वामसी गंदगी और नालियों की स्थिति देख बिफर पड़े थे। जिन दुकानदारों के प्रतिष्ठान के आगे गंदगी बिखरी हुई थी, उन्हें बुलाकर नालियों का निर्माण कराने तथा वहां चूना का छिड़काव कराने को कहा था। इसी तरह रामकोला रोड पर कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों के सामने नाली पूरी तरह टूटकर जाम हो गई थी। यह देखते ही डीएम ने उन व्यापारियों को स्वयं के रुपये से नाली निर्माण कराए जाने की जिम्मेदारी भी सौंप दी। यह देख यहां के कुछ व्यवसायियों ने नाली का निर्माण करा दिया और एक व्यापारी ने शुक्रवार को काम शुरू कराया।
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एक व्यवसायी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि जो काम नगर पालिका को कराना चाहिए, उसकी जिम्मेदारी हम लोगों को मिल रही है। वर्षों से यहां की नालियां जाम हैं, तब तो कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन निरीक्षण के दौरान इसके निर्माण का ठीकरा व्यापारियों पर फोड़ना गलत है।
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इसी तरह एक व्यापारी ने कहा कि गलती किसी और की, सजा किसी और को दी जा रही है। बरसात के दिनों में इस सड़क की हालत यदि डीएम को पता होती तो शायद व्यापारियों में गलती ढूंढने की बजाय नगरपालिका की गलती नजर आती।
इस संबंध में पडरौना नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष विनय जायसवाल का कहना है कि शहर में नाली निर्माण कराने की जिम्मेदारी नगरपालिका प्रशासन की है। इसके लिए व्यापारियों पर नाराजगी या उनसे निर्माण कराना अनुचित है। जो भी नालियां क्षतिग्रस्त हैं, उनका नियमसंगत तरीके से निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए विभाग के जेई से सर्वे करा लिया गया है।