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Kushinagar News: बैठक में अधिवक्ताओं से पोशाक में आने की अपील
Sat, 29 Jul 2023 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 29 Jul 2023 12:04 AM IST
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जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में हुई अधिवक्ताओं की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जनपद सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन कुशीनगर पडरौना की बैठक शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में हुई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष संजय कुमार शाही ने की। इस दौरान अधिवक्ताओं से अपनी पोशाक में आने की अपील की गई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कुमार शाही एवं मंत्री राकेश कुमार मिश्र की मौजूदगी में बैठक में इस आशय प्रस्ताव पारित किया कि न्यायालय में बहुत से लोग अधिवक्ता न होते हुए भी न्यायिक कार्य कर रहे हैं, जो घोर आपत्तिजनक है। यह बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के दिशा निर्देशों का खुला उल्लंघन है।
इसके पूर्व एक फर्जी अधिवक्ता न्यायालय में पकड़ा गया था, जिसके विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर जेल भेजवाया जा चुका है। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि अधिवक्ता नियुक्त करते समय व जूनियर अधिवक्ता रखते समय पूरी तरह से जांच-परख लें।
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अधिवक्ता के लाइसेंस एवं सीओपी की जांच करके ही अपने मुकदमे की पैरवी के लिए अपना अधिवक्ता नियुक्त करें। अन्यथा बार एसोसिएशन की ओर से फर्जी अधिवक्ता पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्हें संरक्षण देने वाले अधिवक्ता की जवाबदेही भी तय होगी। इस बैठक में एसोसिएशन से जुड़े कई अधिवक्ता मौजूद थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जनपद सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन कुशीनगर पडरौना की बैठक शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में हुई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष संजय कुमार शाही ने की। इस दौरान अधिवक्ताओं से अपनी पोशाक में आने की अपील की गई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कुमार शाही एवं मंत्री राकेश कुमार मिश्र की मौजूदगी में बैठक में इस आशय प्रस्ताव पारित किया कि न्यायालय में बहुत से लोग अधिवक्ता न होते हुए भी न्यायिक कार्य कर रहे हैं, जो घोर आपत्तिजनक है। यह बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के दिशा निर्देशों का खुला उल्लंघन है।
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इसके पूर्व एक फर्जी अधिवक्ता न्यायालय में पकड़ा गया था, जिसके विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर जेल भेजवाया जा चुका है। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि अधिवक्ता नियुक्त करते समय व जूनियर अधिवक्ता रखते समय पूरी तरह से जांच-परख लें।
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अधिवक्ता के लाइसेंस एवं सीओपी की जांच करके ही अपने मुकदमे की पैरवी के लिए अपना अधिवक्ता नियुक्त करें। अन्यथा बार एसोसिएशन की ओर से फर्जी अधिवक्ता पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्हें संरक्षण देने वाले अधिवक्ता की जवाबदेही भी तय होगी। इस बैठक में एसोसिएशन से जुड़े कई अधिवक्ता मौजूद थे।