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नौतार तटबंध पर प्रशासन और ग्रामीण आमने-सामने

Sat, 04 Jun 2022 12:36 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jun 2022 12:36 AM IST
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Administration and villagers face to face on Nautar embankment
पिछले बरसात में लोगों ने नौतार तटबंध को काट दिया था। (फाइल फोटो)संवाद - फोटो : KUSHINAGAR
नौतार तटबंध पर प्रशासन और ग्रामीण आमने-सामने
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खड्डा(कुशीनगर)। वर्ष 1973 में बने करीब तीन किमी लंबे नौतार तटबंध को लेकर चार बार ग्रामीण व प्रशासन आमने-सामने आ चुके हैं। फिर ऐसी स्थिति बन रही है। पिछले वर्ष ग्रामीणों की तरफ से तटबंध काटने को लेकर उत्पन्न हुआ तनाव अब तक रहा है। बाढ़ खंड की ओर से कट भरने के प्रयास को ग्रामीण रोक रहे हैं।
खड्डा तहसील क्षेत्र में गोरखपुर-नरकटियागंज रेल लाइन से गंडक नदी के छितौनी तटबंध को जोड़ने वाले नौतार तटबंध को पार कर तुर्कहा नाले का पानी पनियहवा पुल के पास गंडक नदी में जाकर मिलता है। नाले का पानी निकलने के लिए बाढ़ खंड की ओर से ह्यूम पाइप लगाकर वाल सिस्टम का साइफन बनाया गया है। बरसात के दिनों में नाला उफान पर होता है तो इस पाइप के रास्ते पानी नहीं निकल पाता है। इस वजह से माघी, भगवानपुर, नौतार, रंजीता, शाहपुर, नौका टोला, लक्ष्मीपुर पड़रहवा, हनुमानगंज, पकड़ी बृजलाल, तुर्कहां, बसडीला, मनमन टोला, अहिरौली, नौका टोला आदि गांव बारिश के पानी से प्रभावित हो जाते हैं तथा फसल बर्बाद हो जाती है। इससे निजात पाने के लिए ग्रामीण तटबंध को काट देते हैं। पिछले वर्ष भी लोगों ने तटबंध को काट दिया था। इसे लेकर प्रशासन व ग्रामीण आमने-सामने आ गए थे। बाढ़ खंड की ओर से हनुमानगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। ग्रामीणों की मांग है कि बांध में फाटकयुक्त पुल बनाया जाए, जिससे पानी का तेजी से निकास हो सके। अब तक कटे हुए हिस्से को पाटा नहीं जा सका है। इसके लिए बाढ़ खंड ने प्रयास किया तो लोग भड़क गए। मंगलवार को एसडीएम ने पहुंचकर लोगों को शांत कराया था।
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फाटकयुक्त पुल के लिए नहीं मिली अनुमति
बाढ़ खंड के अभियंताओं के मुताबिक बाढ़ समस्या के समाधान के लिए कुछ माह पहले विशेषज्ञों की हाई लेवल कमेटी दौरे पर आई थी। उस समय लोगों की मांग को उनके समक्ष रखा गया था, लेकिन कमेटी ने अस्वीकार कर दिया और पहले से लगे पाइप और नाले की सफाई कराने पर रजामंदी जताई थी। इसी क्रम में वर्तमान में कार्य किया जा रहा है। इसमें कटे स्थान को भरना भी है। लोग उसे भरने नहीं दे रहे हैं।
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तटबंध नहीं भरा गया तो मच सकती है तबाही
यदि तटबंध नहीं भरा गया तो बाढ़ के समय नदी का पानी वापस नाले में घुसकर तबाही मचा सकता है। तटबंध में जो पाइप लगे हैं, उनमें वाल (ढक्कन) लगा है, जो जलनिकासी की तरफ पानी ज्यादा होने पर बंद हो जाता है। फिर कम होने पर खुल जाता है। आशंका जताई जा रही है कि नदी में जलस्तर ज्यादा होने के बाद बाढ़ का पानी वापस तुर्कहां नाले में भरकर तबाही मचा देगा, क्योंकि बांध कटा होने के चलते रुकावट नहीं है।

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काटे गए तटबंध को भरना जरूरी है। अन्यथा पानी वापस आ सकता है। हाईलेवल कमेटी व उच्चाधिकारियों के आदेश के मुताबिक जलनिकासी के लिए समुचित उपाय किए जा रहे हैं।
मनोरंजन चौधरी, एसडीओ, बाढ़ खंड
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