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Kushinagar News: अपार आईडी की शुरुआत नहीं करने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
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पडरौना। विद्यार्थियों के शैक्षिक रिकॉर्ड को एक जगह सुरक्षित रखने के लिए शुरू की गई अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की तैयारी है। करीब छह विद्यालय ऐसे सामने आए हैं, जहां अब तक विद्यार्थियों की अपार आईडी का कार्य शुरू नहीं हुआ है। 12 विद्यालयों में 90 प्रतिशत और 49 विद्यालयों में अभी तक 70 फीसदी बच्चों का अपार आई नहीं बना है। शिक्षा विभाग ने ऐसे विद्यालयों को चिह्नित करने की कवायद तेज कर दी है। संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और जिम्मेदार शिक्षकों से जवाब-तलब करने के साथ ही लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में कक्षा एक से 12वीं तक कुल विद्यालय 4838 संचालित होते हैं। इसमें कुल विद्यार्थी 676647 नामांकित है। इसमें से बीते 16 सितंबर तक 4,00,228 बच्चों की अपार आईडी जनरेट हो गई थी। शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयवार प्रगति की समीक्षा की जा रही है। इसमें यह देखा जा रहा है कि किन विद्यालयों में अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई है और किन विद्यालयों में अभी तक एक भी विद्यार्थी की आईडी नहीं बनाई गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, विद्यालयों को विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से आवश्यक सहमति एवं विवरण लेकर अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया पूरी करनी है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर जिम्मेदारी भी तय की गई है। इसके बावजूद काम शुरू नहीं करने वाले विद्यालयों की लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है। शिक्षा विभाग अब विद्यालयों से प्रगति रिपोर्ट लेकर वास्तविक स्थिति की पड़ताल करेगा। यदि किसी विद्यालय में संसाधन या तकनीकी समस्या के कारण काम नहीं शुरू हुआ है तो उसका समाधान कराया जाएगा। वहीं, बिना किसी ठोस कारण के प्रक्रिया लंबित रखने वाले विद्यालयों के जिम्मेदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अपार आईडी केवल वर्तमान शैक्षिक रिकॉर्ड के लिए ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई और शैक्षिक प्रमाणपत्रों से संबंधित कार्यों में भी उपयोगी होगी। ऐसे में विद्यालयों की ओर से इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं की जानी चाहिए। विभाग की निगरानी बढ़ने के बाद अब संबंधित विद्यालयों को जल्द से जल्द प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए जाने की तैयारी है।
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जिले में कक्षा एक से 12वीं तक कुल विद्यालय 4838 संचालित होते हैं। इसमें कुल विद्यार्थी 676647 नामांकित है। इसमें से बीते 16 सितंबर तक 4,00,228 बच्चों की अपार आईडी जनरेट हो गई थी। शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयवार प्रगति की समीक्षा की जा रही है। इसमें यह देखा जा रहा है कि किन विद्यालयों में अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई है और किन विद्यालयों में अभी तक एक भी विद्यार्थी की आईडी नहीं बनाई गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, विद्यालयों को विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से आवश्यक सहमति एवं विवरण लेकर अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया पूरी करनी है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर जिम्मेदारी भी तय की गई है। इसके बावजूद काम शुरू नहीं करने वाले विद्यालयों की लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है। शिक्षा विभाग अब विद्यालयों से प्रगति रिपोर्ट लेकर वास्तविक स्थिति की पड़ताल करेगा। यदि किसी विद्यालय में संसाधन या तकनीकी समस्या के कारण काम नहीं शुरू हुआ है तो उसका समाधान कराया जाएगा। वहीं, बिना किसी ठोस कारण के प्रक्रिया लंबित रखने वाले विद्यालयों के जिम्मेदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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बीएसए अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अपार आईडी केवल वर्तमान शैक्षिक रिकॉर्ड के लिए ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई और शैक्षिक प्रमाणपत्रों से संबंधित कार्यों में भी उपयोगी होगी। ऐसे में विद्यालयों की ओर से इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं की जानी चाहिए। विभाग की निगरानी बढ़ने के बाद अब संबंधित विद्यालयों को जल्द से जल्द प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए जाने की तैयारी है।
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