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Kushinagar News: पट्टन में 100 एकड़ सरकारी जमीन पर कार्रवाई तेज, नोटिस की तैयारी

Sat, 08 Aug 2026 01:47 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 01:47 AM IST
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Action regarding 100 acres of government land in Pattan intensifies; notices being prepared.
सुकरौली (कुशीनगर)। हाटा तहसील क्षेत्र के पट्टन गांव में करीब 100 एकड़ सरकारी भूमि का मामला एक बार फिर गरमा गया है। राजस्व अभिलेखों के आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जमीन पर काबिज लोगों को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद वर्षों से मकान बनाकर रह रहे और खेती कर रहे परिवारों में बेदखली की चिंता बढ़ गई है।
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ग्रामीणों का कहना है कि वे तीन पीढ़ियों से इसी भूमि पर रह रहे हैं। यदि उन्हें अतिक्रमणकारी घोषित किया गया तो उनके सामने सिर छिपाने के लिए छत का संकट खड़ा हो जाएगा।
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पट्टन गांव में करीब 100 एकड़ भूमि पर राजस्व अभिलेखों में फर्जी तरीके से नाम दर्ज कराने का मामला जिलाधिकारी की जांच में सामने आया था। चकबंदी विभाग के एसओसी कार्यालय में जमीन से जुड़ी कई फाइलें भी मिली थीं।
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राजस्व अभिलेखों के अनुसार प्लॉट संख्या 59, 108 और 156 की करीब 100 एकड़ भूमि सरकारी दर्ज है। इसमें करीब 30 एकड़ क्षेत्र में बिजली पावर हाउस, पावर प्लांट और सरकारी गोदाम बने हुए हैं। शेष करीब 70 एकड़ भूमि में लगभग 10 एकड़ पर लोगों के मकान और खेती होने का दावा किया जा रहा है जबकि करीब 60 एकड़ भूमि खाली बताई जा रही है।
मामला सामने आने के बाद डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी केशव कुमार ने गांव पहुंचकर राजस्व टीम को भूमि की पैमाइश कराने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों के निर्देश पर पैमाइश कराई गई। इसके बाद जिन लोगों के नाम राजस्व अभिलेखों में गलत तरीके से दर्ज पाए गए, उन्हें नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कार्रवाई की सूचना से गांव में बढ़ी बेचैनी
प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी मिलते ही गांव में हलचल बढ़ गई है। जमीन पर मकान बनाकर रह रहे परिवार अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। गांव के ठगई, रामसवारी, चंपा देवी, दशरथ, दीनानाथ, सोमनाथ, ठगनी आदि ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने वर्षों पहले रजिस्ट्री के माध्यम से जमीन खरीदी थी। कई परिवार तीन पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं और खेती कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि भूमि सरकारी है तो इसके लिए संबंधित विभागों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाना उचित नहीं होगा।


पूर्व मंत्री ने डीएम से मिलकर उठाया ग्रामीणों का मुद्दा

समाजवादी पार्टी सरकार में पूर्व मंत्री रहे राधेश्याम सिंह ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर प्रभावित परिवारों की समस्या उठाई है। उन्होंने मांग की कि जो परिवार वर्षों से वहां रह रहे हैं और खेती कर रहे हैं, उनके मानवीय पक्ष को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन पहले ऐसे परिवारों की स्थिति का परीक्षण करे और उनके हितों की रक्षा सुनिश्चित करे। सरकारी भूमि के संबंध में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए, लेकिन आबादी वाले हिस्से में रह रहे लोगों को बिना उचित समाधान के बेदखल न किया जाए।



विभागीय स्तर पर नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में चकबंदी विभाग से भी रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद राजस्व अभिलेखों और शासन के नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- जया सिंह, तहसीलदार हाटा
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