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Kushinagar News: लेखपालों ने समाधान दिवस में किया प्रदर्शन तब दर्ज हुआ केस
Sun, 09 Jun 2024 03:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 09 Jun 2024 03:47 AM IST
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पडरौना। पैमाइश करने गए लेखपाल को धक्का देने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में केस दर्ज नहीं होने से नाराज लेखपालों ने थाना समाधान दिवस में काली पट्टी बांधकर शनिवार को प्रदर्शन किया। मामला बढ़ता देख रामकोला थानाध्यक्ष ने केस दर्ज कर एफआईआर की कॉपी उपलब्ध कराई। इसके बाद लेखपालों का विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ। केस दर्ज करने में देरी की वजह तहरीर से सपा नेता का नाम निकालने के लिए थानाध्यक्ष का दबाव बनाना बताया जा रहा है।
रामकोला थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर बड़हरा गांव निवासी रामप्यारे अपने घर के पास दीवार का निर्माण करा रहे थे। किसी ने लेखपाल गौरव प्रताप सिंह को सूचना दी कि ग्रामसभा और हरिजन आबादी की जमीन रामप्यारे कब्जा कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को लेखपाल लक्ष्मीपुर बड़हरा गांव में पहुंचे और ग्रामसभा की जमीन में निर्माण होने की बात कहते हुए रामप्यारे से निर्माण कार्य रोकने को कहा। इससे रामप्यारे नाराज हो गए और लेखपाल से उलझ गए। शोर सुनकर गांव वालों की भीड़ जुट गई। लेखपाल ने पैमाइश के लिए जरीब निकाली तो रामप्यारे और इनके घर की महिलाओं ने जरीब को फेंक दिया। वहां मौजूद गांव के सपा नेता सुनील चंद ने लेखपाल को जान से मारने की धमकी देते हुए खदेड़ दिया। लेखपाल ने घटना के दिन ही रामकोला पुलिस ने रामप्यारे, सुनील चंद्र, राजन, मीना के खिलाफ तहरीर दी। आरोप है कि थानाध्यक्ष ने सुनील चंद्र का नाम तहरीर से हटाने के लिए दबाव बनाने लगे। इसकी जानकारी होने पर जिलाध्यक्ष निलेश रंजन राय की मौजूदगी में कसया तहसील के अध्यक्ष राधेश्याम सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को लेखपालों की बैठक हुई और केस दर्ज नहीं करने पर आंदोलन की रणनीति बनी। शनिवार को थाना दिवस में मौजूद लेखपालों ने काली पट्टी बांध कर रामकोला थानाध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया। लेखपालों ने थानाध्यक्ष और सिपाहियों पर कार्रवाई और केस दर्ज करने की मांग कर रहे थे। मामला बढ़ता देख पुलिस ने लक्ष्मीपुर बड़हरा निवासी रामप्यारे, सुनील चंद्र मीना, राजन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कर लिया। इसके बाद लेखपाल शांत हुए। थानाध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर से नाम निकालने की कोई बात नहीं थी। मामला संदिग्ध था। जांच के बाद केस दर्ज किया गया है।
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रामकोला थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर बड़हरा गांव निवासी रामप्यारे अपने घर के पास दीवार का निर्माण करा रहे थे। किसी ने लेखपाल गौरव प्रताप सिंह को सूचना दी कि ग्रामसभा और हरिजन आबादी की जमीन रामप्यारे कब्जा कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को लेखपाल लक्ष्मीपुर बड़हरा गांव में पहुंचे और ग्रामसभा की जमीन में निर्माण होने की बात कहते हुए रामप्यारे से निर्माण कार्य रोकने को कहा। इससे रामप्यारे नाराज हो गए और लेखपाल से उलझ गए। शोर सुनकर गांव वालों की भीड़ जुट गई। लेखपाल ने पैमाइश के लिए जरीब निकाली तो रामप्यारे और इनके घर की महिलाओं ने जरीब को फेंक दिया। वहां मौजूद गांव के सपा नेता सुनील चंद ने लेखपाल को जान से मारने की धमकी देते हुए खदेड़ दिया। लेखपाल ने घटना के दिन ही रामकोला पुलिस ने रामप्यारे, सुनील चंद्र, राजन, मीना के खिलाफ तहरीर दी। आरोप है कि थानाध्यक्ष ने सुनील चंद्र का नाम तहरीर से हटाने के लिए दबाव बनाने लगे। इसकी जानकारी होने पर जिलाध्यक्ष निलेश रंजन राय की मौजूदगी में कसया तहसील के अध्यक्ष राधेश्याम सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को लेखपालों की बैठक हुई और केस दर्ज नहीं करने पर आंदोलन की रणनीति बनी। शनिवार को थाना दिवस में मौजूद लेखपालों ने काली पट्टी बांध कर रामकोला थानाध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया। लेखपालों ने थानाध्यक्ष और सिपाहियों पर कार्रवाई और केस दर्ज करने की मांग कर रहे थे। मामला बढ़ता देख पुलिस ने लक्ष्मीपुर बड़हरा निवासी रामप्यारे, सुनील चंद्र मीना, राजन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कर लिया। इसके बाद लेखपाल शांत हुए। थानाध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर से नाम निकालने की कोई बात नहीं थी। मामला संदिग्ध था। जांच के बाद केस दर्ज किया गया है।
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