{"_id":"6ae260164767fd4a350e759f","slug":"a-scene-of-pain-and-helplessness-unfolded-at-the-medical-college-the-day-after-the-accident-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-171140-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: हादसे के दूसरे दिन मेडिकल कॉलेज में दिखा दर्द और बेबसी का मंजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: हादसे के दूसरे दिन मेडिकल कॉलेज में दिखा दर्द और बेबसी का मंजर
विज्ञापन
बस की टक्कर से महिला की मौत और 17 लोग हो गए थे घायल
पडरौना। मंगलवार शाम हुए बस हादसे के दूसरे दिन बुधवार को मेडिकल कॉलेज में दर्द और बेबसी का मंजर दिखा। कोई घायल बिस्तर पर दर्द से कराह रहा था तो कोई परिजन अपनों की सलामती की दुआ मांग रहा था। हादसे में नर्स की मौत और 17 लोगों के घायल होने के बाद सांसद विजय दुबे ने घायलों से मिलकर उनका हाल जाना।
नशे में अनुबंधित बस लेकर पडरौना से कसया चालक अजीत तेज गति में बहुत तेज गति से बस चला रहा था। अनियंत्रित बस की चपेट में आने से कसया की रहने वाली नर्स नेहा मिश्र की मौत हो गई थी जबकि 17 राहगीर घायल हो गए। दूसरे दिन भी इस हादसे की चर्चा के बीच लोगों के मन में यही सवाल था कि आखिर सड़क पर चल रहे निर्दोष लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
हादसे में घायल हुए कसया थाना परसौना गांव निवासी 15 वर्षीय अनुष्का, इसकी मां 40 वर्षीय गिरिजा देवी, धरमपुर निवासी ऑटो चालक अरविंद सिंह, सुगही निवासी रघुई, इनका बेटा कौशल के परिवारों के लिए बुधवार का दिन चिंता और इंतजार के बीच गुजरा। अपनों को चोटिल देखकर परिजन परेशान हैं। हादसे की भयावहता ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया है। वहीं, नर्स की मौत से एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
विज्ञापन
यह सभी घायल ऑटो में सवार थे, घायलों का कहना है कि पीछे से अचानक बस ने टक्कर मार दिया और टेम्पो पलट गई। टैम्पो के अंदर करीब पांच मिनट तक सभी लोग फंसे रहे हैं, लगा कि जीवन का अंतिम दिन है। पुलिस ने मशीन से जांच किया तो आरोपी चालक के नशे में होने की पुष्टि हुई। घटना ने बस संचालन की निगरानी और चालक की जांच व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। यदि चालक नशे में था तो ड्यूटी से पहले उसकी जांच हुई थी या नहीं? बस को सड़क पर उतारने से पहले जिम्मेदारों ने जरूरी सावधानियां बरती थीं या नहीं? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायलों से मिलकर सांसद विजय दुबे ने ढाढ़स बढ़ाया, उन्होंने ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केपी गौड़ से बेहतर इलाज की सुविधा मुहैया कराने को कहा। सांसद ने कहा कि एक की मौत और 17 लोगों के घायल होने की घटना महज सड़क हादसा नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही के गंभीर परिणामों की याद दिलाती है। घायलों का इलाज, पीड़ित परिवारों को मदद और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होगी।
विज्ञापन
पडरौना। मंगलवार शाम हुए बस हादसे के दूसरे दिन बुधवार को मेडिकल कॉलेज में दर्द और बेबसी का मंजर दिखा। कोई घायल बिस्तर पर दर्द से कराह रहा था तो कोई परिजन अपनों की सलामती की दुआ मांग रहा था। हादसे में नर्स की मौत और 17 लोगों के घायल होने के बाद सांसद विजय दुबे ने घायलों से मिलकर उनका हाल जाना।
नशे में अनुबंधित बस लेकर पडरौना से कसया चालक अजीत तेज गति में बहुत तेज गति से बस चला रहा था। अनियंत्रित बस की चपेट में आने से कसया की रहने वाली नर्स नेहा मिश्र की मौत हो गई थी जबकि 17 राहगीर घायल हो गए। दूसरे दिन भी इस हादसे की चर्चा के बीच लोगों के मन में यही सवाल था कि आखिर सड़क पर चल रहे निर्दोष लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
विज्ञापन
हादसे में घायल हुए कसया थाना परसौना गांव निवासी 15 वर्षीय अनुष्का, इसकी मां 40 वर्षीय गिरिजा देवी, धरमपुर निवासी ऑटो चालक अरविंद सिंह, सुगही निवासी रघुई, इनका बेटा कौशल के परिवारों के लिए बुधवार का दिन चिंता और इंतजार के बीच गुजरा। अपनों को चोटिल देखकर परिजन परेशान हैं। हादसे की भयावहता ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया है। वहीं, नर्स की मौत से एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
विज्ञापन
यह सभी घायल ऑटो में सवार थे, घायलों का कहना है कि पीछे से अचानक बस ने टक्कर मार दिया और टेम्पो पलट गई। टैम्पो के अंदर करीब पांच मिनट तक सभी लोग फंसे रहे हैं, लगा कि जीवन का अंतिम दिन है। पुलिस ने मशीन से जांच किया तो आरोपी चालक के नशे में होने की पुष्टि हुई। घटना ने बस संचालन की निगरानी और चालक की जांच व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। यदि चालक नशे में था तो ड्यूटी से पहले उसकी जांच हुई थी या नहीं? बस को सड़क पर उतारने से पहले जिम्मेदारों ने जरूरी सावधानियां बरती थीं या नहीं? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायलों से मिलकर सांसद विजय दुबे ने ढाढ़स बढ़ाया, उन्होंने ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केपी गौड़ से बेहतर इलाज की सुविधा मुहैया कराने को कहा। सांसद ने कहा कि एक की मौत और 17 लोगों के घायल होने की घटना महज सड़क हादसा नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही के गंभीर परिणामों की याद दिलाती है। घायलों का इलाज, पीड़ित परिवारों को मदद और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होगी।