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एक मां ऐसी भी : नौ माह तक गर्भ में पाला, दुनिया में आते ही फेंक दिया
Sun, 08 Oct 2023 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 08 Oct 2023 11:41 PM IST
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- बांस की कोठ में मिला नवजात, चाइल्ड लाइन को सुपुर्द किया गया
- बरवापट्टी थाना क्षेत्र के अमवादीगर गांव के भरपटिया टोले के पास मिला
- जिला अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात भर्ती
-आशा की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज
पडरौना। बरवापट्टी थाना क्षेत्र के अमवादीगर गांव के भरपटिया टोले पर बांस की कोठ में एक नवजात को किसी ने फेंक दिया था। नवजात की रोने की आवाज सुनकर लोगों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आशा कार्यकर्ता के साथ नवजात को जिला अस्पताल भिजवाया। जहां नवजात को एसएनसीयू में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी सेहत ठीक है। इसे लेकर गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
बांस की कोठ में नवजात की रोने की आवाज सुनकर उधर से गुजर रही गांव की शांति देवी के कदम रुक गए।जब पास गई तो कपड़े में लिपटा नवजात बच्चे को देखकर शोर मचाया तो गांववालों की भीड़ जुट गई। इसकी सूचना लोगों ने पुलिस को दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने गांव की आशा कार्यकर्ता धन्नो देवी को बुलाया। उसने बांस की कोठ से बच्चे को बाहर निकाला और गांव की महिलाओं की मदद से बच्चे का नाल काटा। इसके बाद पुलिस उसे लेेकर जिला अस्पताल पहुंची। जहां एसएनसीयू में नवजात को भर्ती कर इलाज शुरू किया।
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गांववालों की माने तो भोर में नवजात का जन्म हुआ है। गांव में चर्चा है कि बिन ब्याही एक युवती मां बन गई। लोक लाज की वजह से उसने नवजात को बांस की कोठ में लाकर फेंक दिया है। आशा की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है।
थानाध्यक्ष सुमन सिंह ने बताया कि केस दर्ज किया गया है। साथ ही नवजात को जिला अस्पताल भेजा गया। चाइल्ड लाइन टीम की देखरेख में नवजात बच्चे का इलाज चल रहा है।
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- बरवापट्टी थाना क्षेत्र के अमवादीगर गांव के भरपटिया टोले के पास मिला
- जिला अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात भर्ती
-आशा की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज
पडरौना। बरवापट्टी थाना क्षेत्र के अमवादीगर गांव के भरपटिया टोले पर बांस की कोठ में एक नवजात को किसी ने फेंक दिया था। नवजात की रोने की आवाज सुनकर लोगों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आशा कार्यकर्ता के साथ नवजात को जिला अस्पताल भिजवाया। जहां नवजात को एसएनसीयू में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी सेहत ठीक है। इसे लेकर गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
बांस की कोठ में नवजात की रोने की आवाज सुनकर उधर से गुजर रही गांव की शांति देवी के कदम रुक गए।जब पास गई तो कपड़े में लिपटा नवजात बच्चे को देखकर शोर मचाया तो गांववालों की भीड़ जुट गई। इसकी सूचना लोगों ने पुलिस को दी।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने गांव की आशा कार्यकर्ता धन्नो देवी को बुलाया। उसने बांस की कोठ से बच्चे को बाहर निकाला और गांव की महिलाओं की मदद से बच्चे का नाल काटा। इसके बाद पुलिस उसे लेेकर जिला अस्पताल पहुंची। जहां एसएनसीयू में नवजात को भर्ती कर इलाज शुरू किया।
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गांववालों की माने तो भोर में नवजात का जन्म हुआ है। गांव में चर्चा है कि बिन ब्याही एक युवती मां बन गई। लोक लाज की वजह से उसने नवजात को बांस की कोठ में लाकर फेंक दिया है। आशा की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है।
थानाध्यक्ष सुमन सिंह ने बताया कि केस दर्ज किया गया है। साथ ही नवजात को जिला अस्पताल भेजा गया। चाइल्ड लाइन टीम की देखरेख में नवजात बच्चे का इलाज चल रहा है।