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Kushinagar News: डीएम को पत्र सौंपकर रिकॉर्ड ऑर्डर समाप्त करने की मांग
Tue, 13 Jan 2026 02:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 13 Jan 2026 02:12 AM IST
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मंसाछापर। खड्डा तहसील क्षेत्र के कटाई भरपुरवा में 25 वर्षों से लागू रिकॉर्ड ऑर्डर ग्रामीणों के लिए विकास में सबसे बड़ी बाधा बन गया है। सड़क, खेल का मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास नहीं हो पा रहा है। रिकॉर्ड ऑर्डर को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार को डीएम को प्रार्थना पत्र सौंपा।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2000 में लागू किया गया रिकॉर्ड ऑर्डर आज तक समाप्त नहीं हो सका, जिससे गांव में चकबंदी की प्रक्रिया ठप पड़ी है। चकबंदी नहीं होने के कारण न तो गांव की सड़कों का समुचित विकास हो पा रहा है और न ही खेल मैदान, सार्वजनिक स्थल और अन्य विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकता है।
रिकॉर्ड ऑर्डर के चलते गांव में कई स्थानों पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। इससे आए दिन आपसी विवाद की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते रिकॉर्ड ऑर्डर हटाकर चकबंदी कराई जाती तो जमीन से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान निकल सकता था।
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युवाओं से लेकर किसान तक परेशान हैं। युवाओं को खेलने के लिए मैदान तक नहीं हैं, वहीं किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए पक्के रास्तों का अभाव झेलना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने डीएम से मांग की है कि रिकॉर्ड ऑर्डर समाप्त कर चकबंदी प्रक्रिया शुरू कराई जाए, जिससे गांव में विकास कार्यों को गति मिल सके और वर्षों से चली आ रही परेशानियों से ग्रामीणों को राहत मिले।
प्रार्थना पत्र देने वालों में ताराचंद कुशवाहा, पंकज कुमार सिंह, सुनील यादव, रंजीत पाण्डेय, राजेश, महेन्द्र, बलराम, राकेश, पवन, विनोद, गोविंद, दिनेश, कमल यादव आदि शामिल रहे।
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ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2000 में लागू किया गया रिकॉर्ड ऑर्डर आज तक समाप्त नहीं हो सका, जिससे गांव में चकबंदी की प्रक्रिया ठप पड़ी है। चकबंदी नहीं होने के कारण न तो गांव की सड़कों का समुचित विकास हो पा रहा है और न ही खेल मैदान, सार्वजनिक स्थल और अन्य विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकता है।
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रिकॉर्ड ऑर्डर के चलते गांव में कई स्थानों पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। इससे आए दिन आपसी विवाद की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते रिकॉर्ड ऑर्डर हटाकर चकबंदी कराई जाती तो जमीन से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान निकल सकता था।
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युवाओं से लेकर किसान तक परेशान हैं। युवाओं को खेलने के लिए मैदान तक नहीं हैं, वहीं किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए पक्के रास्तों का अभाव झेलना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने डीएम से मांग की है कि रिकॉर्ड ऑर्डर समाप्त कर चकबंदी प्रक्रिया शुरू कराई जाए, जिससे गांव में विकास कार्यों को गति मिल सके और वर्षों से चली आ रही परेशानियों से ग्रामीणों को राहत मिले।
प्रार्थना पत्र देने वालों में ताराचंद कुशवाहा, पंकज कुमार सिंह, सुनील यादव, रंजीत पाण्डेय, राजेश, महेन्द्र, बलराम, राकेश, पवन, विनोद, गोविंद, दिनेश, कमल यादव आदि शामिल रहे।