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Kushinagar News: आठ करोड़ में बना कॉमन फैसिलिटी सेंटर, एक साल से उद्घाटन का इंतजार

Fri, 21 Aug 2026 02:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Fri, 21 Aug 2026 02:34 AM IST
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A common facility center built for eight crore rupees has been awaiting inauguration for a year.
सपहा। कुशीनगर के हस्तशिल्प कारीगरों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से तैयार कॉमन फैसिलिटी सेंटर करीब एक साल से उद्घाटन की राह देख रहा है। भवन निर्माण पूरा होने के बावजूद केंद्र का संचालन शुरू नहीं हो सका है। कार्यदायी संस्था और संबंधित विभाग के बीच हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से परियोजना अटकी हुई है।
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कसया-सपहा मार्ग स्थित वार्ड नंबर एक, रानी लक्ष्मीबाईपुरम में स्थापित इस केंद्र को जिले के हस्तशिल्प कारीगरों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। भवन का निर्माण करीब एक साल पहले पूरा हो गया था। उस समय उम्मीद थी कि जल्द उद्घाटन कर कारीगरों को आधुनिक मशीन, प्रशिक्षण और गुणवत्ता जांच जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगी। लेकिन समय बीतने के बाद भी केंद्र शुरू नहीं हो पाया। कॉमन फैसिलिटी सेंटर के भवन में कारीगरों की जरूरत के अनुसार चार हॉल बनाए गए हैं। कच्चा माल रखने के लिए अलग कमरा और तैयार उत्पादों के भंडारण की भी व्यवस्था है। इसके अलावा दो गेस्ट रूम, कार्यालय, वाशिंग एरिया और कर्मचारियों के रहने के लिए कमरे बनाए गए हैं। केंद्र का उद्देश्य कारीगरों को एक ही परिसर में उत्पादन, डिजाइन, प्रशिक्षण और गुणवत्ता जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके शुरू होने के बाद कारीगरों को महंगी मशीनों और अन्य संसाधनों के लिए दूसरे स्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
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आधुनिक मशीन और प्रशिक्षण से बढ़ेगी उत्पादों की गुणवत्ता
-हस्तशिल्प उत्पादों की बदलती बाजार मांग के बीच डिजाइन और गुणवत्ता का महत्व बढ़ गया है। ऐसे में आधुनिक मशीनों और तकनीकी प्रशिक्षण की सुविधा कारीगरों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण और गुणवत्ता जांच की सुविधा मिलने से पारंपरिक कारीगर आधुनिक तकनीक से जुड़ सकेंगे। इससे उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ बाजार में उनकी मांग बढ़ने और रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
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कारीगरों को नहीं मिल रहा लाभ
कारीगरों को उम्मीद थी कि केंद्र शुरू होने के बाद उन्हें अपने उत्पाद तैयार करने और उन्हें बेहतर बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। लेकिन भवन तैयार होने के करीब एक साल बाद भी संचालन शुरू नहीं होने से उनकी उम्मीदें इंतजार में बदल गई हैं। कारीगरों का कहना है कि यदि समय से हैंडओवर और मशीनों की व्यवस्था पूरी हो जाती तो अब तक उन्हें इसका लाभ मिलना शुरू हो गया होता।
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कोट:::
विभाग को हैंडओवर करने के लिए कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निर्माण लिमिटेड को पत्र भेजा गया है। जल्द ही केंद्र विभाग को हैंडओवर होने की संभावना है। इसके बाद केंद्र के संचालन की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। -वीरेंद्र प्रसाद, प्राचार्य, काॅमन फैसिलिटी सेंटर

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जल्द शुरू हो केंद्र, तभी पूरा होगा उद्देश्य
करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से तैयार परियोजना का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब इसका संचालन शुरू हो। हैंडओवर की प्रक्रिया में देरी के कारण कारीगरों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में कार्यदायी संस्था और विभाग के बीच समन्वय कर जल्द हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी कराने की जरूरत है, ताकि केंद्र का उद्घाटन कर इसे कारीगरों के लिए शुरू किया जा सके।
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