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Kushinagar News: पोस्टमार्टम में हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि, विसरा जांच से खुलेगा राज
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कप्तानगंज। सीएचसी में बुधवार को प्रसव के दौरान महिला की मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। हालांकि, महिला को दी गई दवा और इंजेक्शन की जानकारी के लिए विसरा सुरक्षित कर फोरेंसिक लैब भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। सीएमओ के निर्देश पर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनी है।
रामकोला थाना क्षेत्र के दिउलिया मनिया छपरा के भरवलिया टोला निवासी गामा राजभर की 27 वर्षीय पत्नी अंजू देवी की बुधवार को सीएचसी कप्तानगंज में प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स पर लापरवाही और धनउगाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने महिला की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। वहीं, विसरा सुरक्षित रखा गया है।
चिकित्सकों के अनुसार फोरेंसिक लैब में विसरा की जांच से यह पता चल सकेगा कि महिला को इलाज के दौरान कौन-कौन सी दवाएं और इंजेक्शन दिए गए थे। रिपोर्ट आने के बाद मामले में स्थिति और साफ होने की उम्मीद है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सूर्यभान कुशवाहा ने बताया कि महिला को भर्ती करने वाली स्टाफ नर्स से स्पष्टीकरण मांगा गया है। लेबर रूम के भर्ती रजिस्टर और प्रसव रजिस्टर में महिला का नाम दर्ज नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि स्टाफ नर्स का स्पष्टीकरण मिलने के बाद मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने यह भी बताया कि महिला के मामले में स्टाफ नर्स की ओर से किसी डॉक्टर से सलाह लिए जाने की जानकारी नहीं मिली है।
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जांच के लिए तीन डॉक्टरों की टीम गठित
सीएमओ डॉ. चंद्र प्रकाश ने बताया कि कप्तानगंज सीएचसी में प्रसव के दौरान महिला की मौत के मामले की जांच के लिए एसीएमओ डॉ. एसएन त्रिपाठी के नेतृत्व में तीन डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। टीम पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेगी।
हंगामे के बाद ओपीडी में घटे मरीज
बुधवार को सीएचसी में हुए हंगामे का असर बृहस्पतिवार को भी देखने को मिला। सामान्य दिनों की अपेक्षा अस्पताल में मरीजों की संख्या कम रही। करीब 300 मरीज ही ओपीडी में पहुंचे। अस्पताल परिसर में भी अपेक्षाकृत सन्नाटा रहा।
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रामकोला थाना क्षेत्र के दिउलिया मनिया छपरा के भरवलिया टोला निवासी गामा राजभर की 27 वर्षीय पत्नी अंजू देवी की बुधवार को सीएचसी कप्तानगंज में प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स पर लापरवाही और धनउगाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने महिला की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। वहीं, विसरा सुरक्षित रखा गया है।
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चिकित्सकों के अनुसार फोरेंसिक लैब में विसरा की जांच से यह पता चल सकेगा कि महिला को इलाज के दौरान कौन-कौन सी दवाएं और इंजेक्शन दिए गए थे। रिपोर्ट आने के बाद मामले में स्थिति और साफ होने की उम्मीद है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सूर्यभान कुशवाहा ने बताया कि महिला को भर्ती करने वाली स्टाफ नर्स से स्पष्टीकरण मांगा गया है। लेबर रूम के भर्ती रजिस्टर और प्रसव रजिस्टर में महिला का नाम दर्ज नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि स्टाफ नर्स का स्पष्टीकरण मिलने के बाद मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने यह भी बताया कि महिला के मामले में स्टाफ नर्स की ओर से किसी डॉक्टर से सलाह लिए जाने की जानकारी नहीं मिली है।
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जांच के लिए तीन डॉक्टरों की टीम गठित
सीएमओ डॉ. चंद्र प्रकाश ने बताया कि कप्तानगंज सीएचसी में प्रसव के दौरान महिला की मौत के मामले की जांच के लिए एसीएमओ डॉ. एसएन त्रिपाठी के नेतृत्व में तीन डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। टीम पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेगी।
हंगामे के बाद ओपीडी में घटे मरीज
बुधवार को सीएचसी में हुए हंगामे का असर बृहस्पतिवार को भी देखने को मिला। सामान्य दिनों की अपेक्षा अस्पताल में मरीजों की संख्या कम रही। करीब 300 मरीज ही ओपीडी में पहुंचे। अस्पताल परिसर में भी अपेक्षाकृत सन्नाटा रहा।