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Kushinagar News: गंडक नदी के भैंसहा घाट पर बनेगा पुल, विकास को लगेंगे पंख
Sun, 25 Jan 2026 01:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 25 Jan 2026 01:27 AM IST
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प्रस्तावित पक्का पुल।संवाद
पडरौना/खड्डा। गंडक नदी पर भैंसहा घाट के पास पक्का पुल निर्माण का सपना अब साकार होने जा रहा है। शासन की ओर से 716 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। साढ़े चार किलोमीटर लंबा यह पुल क्षेत्र के विकास को नई गति देगा और बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
पुल निर्माण से कुशीनगर, महराजगंज, बिहार और नेपाल के बीच आवागमन सुगम होगा। वर्षों से नदी के कारण कटे हुए इस क्षेत्र के एक लाख से अधिक लोगों को अब शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के लिए आसान रास्ता मिलेगा। बाढ़ के समय जो इलाका अलग-थलग पड़ जाता था, अब वहां साल भर संपर्क बना रहेगा।
पुल बनने के बाद नदी के उस पार स्थित करीब छह हजार एकड़ जमीन खेती के लिए पूरी तरह उपयोग में आ सकेगी। हर साल बाढ़ से होने वाला नुकसान कम होगा और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इसके साथ ही बिजली, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का रास्ता भी खुलेगा। खड्डा बाजार और आसपास के इलाकों में व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी। नेपाल और बिहार से सीधा संपर्क बनने से सीमावर्ती व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
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साथ ही सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे इस क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं भी मजबूत होंगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। गौरतलब है कि गंडक नदी पर भैंसहा घाट के पास पक्का पुल और दोनों ओर एप्रोच मार्ग की मांग लंबे समय से की जा रही थी। मुख्यमंत्री ने खड्डा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इसकी घोषणा की थी। इसके बाद सेतु निगम द्वारा डीपीआर तैयार कर भेजी गई, जिसे वर्ष 2024-25 में व्यय वित्त समिति ने स्वीकृति प्रदान की। अब फरवरी माह में कैबिनेट से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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पुल निर्माण से कुशीनगर, महराजगंज, बिहार और नेपाल के बीच आवागमन सुगम होगा। वर्षों से नदी के कारण कटे हुए इस क्षेत्र के एक लाख से अधिक लोगों को अब शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के लिए आसान रास्ता मिलेगा। बाढ़ के समय जो इलाका अलग-थलग पड़ जाता था, अब वहां साल भर संपर्क बना रहेगा।
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पुल बनने के बाद नदी के उस पार स्थित करीब छह हजार एकड़ जमीन खेती के लिए पूरी तरह उपयोग में आ सकेगी। हर साल बाढ़ से होने वाला नुकसान कम होगा और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इसके साथ ही बिजली, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का रास्ता भी खुलेगा। खड्डा बाजार और आसपास के इलाकों में व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी। नेपाल और बिहार से सीधा संपर्क बनने से सीमावर्ती व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
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साथ ही सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे इस क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं भी मजबूत होंगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। गौरतलब है कि गंडक नदी पर भैंसहा घाट के पास पक्का पुल और दोनों ओर एप्रोच मार्ग की मांग लंबे समय से की जा रही थी। मुख्यमंत्री ने खड्डा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इसकी घोषणा की थी। इसके बाद सेतु निगम द्वारा डीपीआर तैयार कर भेजी गई, जिसे वर्ष 2024-25 में व्यय वित्त समिति ने स्वीकृति प्रदान की। अब फरवरी माह में कैबिनेट से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।