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शैक्षणिक टूर से विद्यार्थी वंचित

Thu, 27 Feb 2014 05:30 AM IST
Kushinagar
Kushinagar Updated Thu, 27 Feb 2014 05:30 AM IST
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कसया। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इंस्पायर इंटर्नशिप कैंप के माध्यम से भविष्य के लिए वैज्ञानिक तैयार किए जाने की योजना इस बार पूरी तरह अमल में नहीं लाई जा सकी। कैंप में प्रतिभाग कर रहे 150 मेधावी विद्यार्थियों को आयोजकों ने शैक्षणिक टूर से ही वंचित कर दिया।
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विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंस्पायर इंटर्न्शिप कैंप के पांच दिवसीय आयोजन के लिए कुशीनगर के बुद्ध पीजी कॉलेज को बजट मुहैया कराया था। तीन वर्षों के दौरान कॉलेज में यह चौथा कैंप था। मंगलवार को कैंप का समापन हो गया। बीते तीन कैंप में प्रतिभाग किए छात्र शैक्षणिक टूर पर नक्षत्रशाला गोरखपुर, ढाड़ा चीनी मिल और एमपी इंजीनियरिंग कॉलेज गोरखपुर के वर्कशाप का भ्रमण कर विज्ञान और तकनीक से रू-ब-रू हुए। पर इस बार आयोजकों ने प्रतिभागी छात्रों को शैक्षणिक टूर पर ले जाना ही मुनासिब नहीं समझा। इससे आयोजन के औचित्य पर सवाल खड़ा हो ही रहा है। इसको लेकर कॉलेज में तरह-तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। आयोजन में जिले के विभिन्न इंटर कॉलेजों के विज्ञान विषय से हाईस्कूल टॉपर और इंटरमीडिएट प्रथम वर्ष में अध्ययन कर रहे 150 विद्यार्थियों का चयन किया गया था। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इंस्पायर इंटर्नशिप कैंप की योजना प्रतिभागी विद्यार्थियों को भविष्य में भी विज्ञान विषय की पढ़ाई जारी रखने और वैज्ञानिक बनाने के लिए प्रोत्साहन स्वरूप चलाई जाती है।
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प्राचार्य डॉ. एनपी राय ने शैक्षणिक टूर के सवाल पर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि बजट आयोजन समिति को दे दिया जाता है। कैंप की देखरेख, बजट के सही सदुपयोग के सवाल पर प्राचार्य ने कहा कि इसके लिए उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। जबकि कैंप के आयोजन समिति के सचिव डॉ. आमोद कुमार राय ने बताया कि कैंप के इस सत्र में भी शैक्षणिक टूर का कार्यक्रम तय था। पर कुलपति का कार्यक्रम आ जाने के कारण टूर को टाल दिया गया।
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शैक्षणिक टूर का जीवन में बहुत महत्व है। कक्षा में पढ़ाए गए विषयों को छात्र नजदीक से देखते हैं। कला, संस्कृति, भूगोल, विज्ञान और तकनीक की दुनिया विविधताओं से भरी हुई है। छात्र पढ़ने के बाद नजदीक से चीजों को जब महसूस करते हैं तो उनमें एक नई जागृति, उर्जा और जोश का संचार होता है।
डॉ. सीबी सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर उदित नारायण पीजी कॉलेज।
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