{"_id":"70-77680","slug":"Kushinagar-77680-70","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में मारपीट के बाद सेवा ठप ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में मारपीट के बाद सेवा ठप
Kushinagar
Updated Sat, 07 Dec 2013 05:42 AM IST
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पडरौना। जिला चिकित्सालय में मरीजों, तीमारदारों और यहां तक कि चिकित्सकीय स्टाफ के लिए भी सुरक्षित रहना मुश्किल हो गया है। बृहस्पतिवार की रात एक बार फिर इस अस्पताल में आए तीमारदारों की रूपक राय नामक व्यक्ति ने पिटाई कर दी। समझाने पर एक नर्स और दाई को भी उसने पीटा।
घटना से नाराज नर्सों से शुक्रवार को जिला अस्पताल का गेट बंद कर धरना दिया। इनके समर्थन में चिकित्सक, फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ भी काम-काज ठप कर दिए। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक में सेवाएं ठप हो गईं। ये लोग आरोपी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे। दोपहर में एसडीएम सदर और सीओ मौके पर पहुंचे, इन अफसरों ने आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। उसके बाद मरीजों का इलाज शुरू हो सका। इस सिलसिले में पडरौना कोतवाली में मुकदमा भी पंजीकृत हो गया है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव खिरकिया टोला सोहरौना की एक महिला का इलाज कराने के लिए उसके परिवारवाले गुरुवार को जिला अस्पताल लाए थे। रात के करीब साढे़ दस बजे इस महिला की छोटी बहन नजमा खातून और उसका भाई नसीरूद्दीन अंसारी गेट के पास खड़ी अपनी मोटरसाइकिल देखने चले आए। तभी वहां रूपक राय मिला। नसीरूद्दीन ने पूछा कि क्या यहां गाड़ी खड़ी की जा सकती है। आरोप है कि इस पर उसने नसीरूद्दीन की पिटाई कर दी। उसकी बहन ने विरोध किया तो उसे भी पीटा। सूचना पाकर स्टाफ नर्स राबड़ी देवी और दाई सुखली भी पहुंचीं। समझाने पर इन्हें भी मारा-पीटा। थोड़ी ही देर में अस्पताल के लोग जुट गए। सूचना मिलने पर सीएमएस ने डीएम और एसपी को फोन करके घटना की जानकारी दी। थोड़ी देर में कोतवाल और रवींद्रनगर पुलिस चौकी इंचार्ज भी पहुंच गए। उस समय तो मामला शांत हो गया लेकिन सुबह अस्पताल की नर्सों ने काम-काज ठप कर दिया और वे अस्पताल गेट पर ही धरना देने लगीं। उनके समर्थन में चिकित्सक, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय समेत पूरा चिकित्सकीय स्टाफ काम बंद कर दिया। पर्ची, शुल्क और दवा काउंटर, ओपीडी, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे सेंटर, पैथालॉजी और यहां तक कि इमरजेंसी कक्ष तक खाली हो गया।
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दोपहर करीब 12 बजे एसडीएम सदर सचिन कुमार सिंह और सीओ सदर जेपी सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। उन्हाेंने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दो दिन के अंदर गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी। सुरक्षा के लिहाज से दो होमगार्ड पहले से ही थे, एक कांस्टेबल भी तैनात कर दिया जाएगा। इस पर समस्त चिकित्सकीय स्टाफ काम शुरू कर दिया। इस संबंध में सीएमएस डॉ. सीपी दुबे ने बताया कि । रूपक राय ने लेबर रूम में जाकर स्टाफ नर्स और दाई की पिटाई की थी, जिसकी सूचना डीएम और एसपी को दी गई थी। पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं। कोतवाली प्रभारी डीपी सिंह ने कहा कि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और मारने-पीटने का केस दर्ज हुआ है।
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घटना से नाराज नर्सों से शुक्रवार को जिला अस्पताल का गेट बंद कर धरना दिया। इनके समर्थन में चिकित्सक, फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ भी काम-काज ठप कर दिए। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक में सेवाएं ठप हो गईं। ये लोग आरोपी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे। दोपहर में एसडीएम सदर और सीओ मौके पर पहुंचे, इन अफसरों ने आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। उसके बाद मरीजों का इलाज शुरू हो सका। इस सिलसिले में पडरौना कोतवाली में मुकदमा भी पंजीकृत हो गया है।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव खिरकिया टोला सोहरौना की एक महिला का इलाज कराने के लिए उसके परिवारवाले गुरुवार को जिला अस्पताल लाए थे। रात के करीब साढे़ दस बजे इस महिला की छोटी बहन नजमा खातून और उसका भाई नसीरूद्दीन अंसारी गेट के पास खड़ी अपनी मोटरसाइकिल देखने चले आए। तभी वहां रूपक राय मिला। नसीरूद्दीन ने पूछा कि क्या यहां गाड़ी खड़ी की जा सकती है। आरोप है कि इस पर उसने नसीरूद्दीन की पिटाई कर दी। उसकी बहन ने विरोध किया तो उसे भी पीटा। सूचना पाकर स्टाफ नर्स राबड़ी देवी और दाई सुखली भी पहुंचीं। समझाने पर इन्हें भी मारा-पीटा। थोड़ी ही देर में अस्पताल के लोग जुट गए। सूचना मिलने पर सीएमएस ने डीएम और एसपी को फोन करके घटना की जानकारी दी। थोड़ी देर में कोतवाल और रवींद्रनगर पुलिस चौकी इंचार्ज भी पहुंच गए। उस समय तो मामला शांत हो गया लेकिन सुबह अस्पताल की नर्सों ने काम-काज ठप कर दिया और वे अस्पताल गेट पर ही धरना देने लगीं। उनके समर्थन में चिकित्सक, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय समेत पूरा चिकित्सकीय स्टाफ काम बंद कर दिया। पर्ची, शुल्क और दवा काउंटर, ओपीडी, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे सेंटर, पैथालॉजी और यहां तक कि इमरजेंसी कक्ष तक खाली हो गया।
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दोपहर करीब 12 बजे एसडीएम सदर सचिन कुमार सिंह और सीओ सदर जेपी सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। उन्हाेंने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दो दिन के अंदर गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी। सुरक्षा के लिहाज से दो होमगार्ड पहले से ही थे, एक कांस्टेबल भी तैनात कर दिया जाएगा। इस पर समस्त चिकित्सकीय स्टाफ काम शुरू कर दिया। इस संबंध में सीएमएस डॉ. सीपी दुबे ने बताया कि । रूपक राय ने लेबर रूम में जाकर स्टाफ नर्स और दाई की पिटाई की थी, जिसकी सूचना डीएम और एसपी को दी गई थी। पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं। कोतवाली प्रभारी डीपी सिंह ने कहा कि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और मारने-पीटने का केस दर्ज हुआ है।