{"_id":"70-76139","slug":"Kushinagar-76139-70","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन भी हड़ताल, दफ्तरों से निराश लौटे लोग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन भी हड़ताल, दफ्तरों से निराश लौटे लोग
Kushinagar
Updated Fri, 15 Nov 2013 05:41 AM IST
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पडरौना। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर चल रही राज्य कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। विकास भवन के परिसर में कर्मचारियों ने अपनी मांगाें के समर्थन में धरना दिया। उधर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी अपने-अपने कक्ष में ताला जड़कर हड़ताल में शामिल हो गए। कई विभागों में तो कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से अधिकारी भी अपने कक्ष में नहीं बैठे। विभिन्न जरूरतों से इन विभागों में पहुंचे लोगों को कामकाज न होने से वापस लौटना पड़ा। डीएम रिग्जियान सैंफिल ने कर्मचारियों की हड़ताल की पुष्टि की, लेकिन किसी भी कर्मचारी या संगठन के खिलाफ कार्रवाई से इंकार किया।
अपनी लंबित मामलों का समाधान होने से नाराज राज्य कर्मचारी प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार से ही हड़ताल पर हैं। इन कर्मचारियों का कहना है कि वार्ता के समय मुख्य सचिव की ओर से आश्वासन तो दिया जाता है लेकिन उसे पूरा नहीं किया जाता। कई बार धरना-प्रदर्शन और हड़ताल के बाद भी जब कोई निष्कर्ष नहीं निकला तो संगठन एक बार फिर हड़ताल पर आमादा है। लोक निर्माण विभाग, विकास भवन, सिंचाई विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, स्वास्थ्य विभाग, श्रम, वन, उद्योग, कृषि, राजस्व, एआरटीओ, समाज कल्याण, डीपीआरओ, अल्पसंख्यक कल्याण आदि विभागों के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कर्मचारी बुधवार को विकास भवन परिसर में एकत्र हुए तथा धरने पर बैठ गए। धरना की अध्यक्षता राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के अध्यक्ष वीपी पाल ने की। परिषद के अध्यक्ष योगेंद्र द्विवेदी ने कहा कि सरकार राज्य कर्मचारियों को गुमराह कर रही है। इस लिए सभी कर्मचारी इस हड़ताल को सफल बनाने में अपना सहयोग करें। इस धरना और हड़ताल में रवींद्र मिश्र, दुर्गावती देवी, अरविंद तिवारी, दीनबंधु मद्धेशिया, विजय प्रकाश पांडेय, भगवंत राजभर, दिनेश कुशवाहा, मारकंडेय मल्ल, कृष्ण कुमार मिश्र, मुहम्मद जाने आलम, उग्रसेन सिंह, राजीव कुमार, निमेश कुमार मिश्र सहित कई कर्मचारी शामिल थे।
लैब टेक्निशियन संघ भी हड़ताल में शामिल
पडरौना। राज्य कर्मचारियों की हड़ताल में लैब टेकिभनशियन संघ भी शामिल हो गया है। इस संगठन के लोगों ने अपने-अपने चिकित्सालय के लैब पर ताला बंद कर हड़ताल को अपना समर्थन दिया। जिलाध्यक्ष प्रभुनंद उपाध्याय ने बताया कि जब तक राज्य कर्मचारियों की मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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दफ्तर बंद होने से परेशान हुए लोग
पडरौना। राज्य कर्मचारियों की हड़ताल के कारण दूसरे दिन भी फरियादियों और विभिन्न जरूरतों से जिला मुख्यालय पहुंचे लोगों को वापस लौटना पड़ा। उनके समय और किराया दोनों का नुकसान हुआ। कर्मचारियों की बार-बार हड़ताल से लोग काफी नाराज दिखे।
रामपुर सोहरौना गांव से आए विजय कुमार ने बताया कि डीएल बनवाने के लिए एआरटीओ विभाग में आया था। लेकिन ताला बंद करके सभी लोग चले गए हैं।
खड्डा के मनोज और कुशीनगर के सुधीर भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ही आए थे। इन लोगों ने बताया कि एआरटीओ विभाग के कर्मचारियों के दफ्तर बंद करके हड़ताल पर चले जाने से उनका किराया और समय दोनों की बर्बादी हुई है।
खैरटवा निवासी एनएन चौबे विकास भवन में अपने एक जरूरी कार्य से आए थे। हड़ताल की वजह से इनका काम भी नहीं हो सका।
देवतहां के रवींद्र और झपसी समाज कल्याण विभाग में आए थे। इन दोनों ने बताया कि वृद्धा पेंशन बनवाना था लेकिन काम नहीं हो सका। बार-बार की हड़ताल से काफी नुकसान होता है।
रावतपार के नन्हे शेरा ने बताया कि वे क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में अपने एक आवश्यक कार्यवश आया था। दफ्तर बंद होने की वजह से घर जाना पड़ रहा है।
हड़ताल के समर्थन में भरी हुंकार
हाटा। राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के आह्वान पर हड़ताल के दूसरे दिन भी हाटा तहसील सहित अन्य कई कार्यालयों में कामकाज नहीं हो सके। इस अवसर पर कर्मचारियों ने सभाएं कर अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। हाटा के तहसील सभागार में अमीन संघ के अध्यक्ष रामसेवक प्रसाद की अध्यक्षता में एक सभा का आयोजन हुआ। इस सभा में लेखपाल संघ ने भी हिस्सा लिया। दोनों संगठनों ने एक स्वर से राज्य कर्मचारी अधिकार मंच की मांगों को जायज बताते हुए इसे जल्द पूरा करने की मांग की। यहां पर कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि जब तक शासन उनकी मांगों को नहीं मानता है, तब तक अनिश्चित कालिन हड़ताल चलती रहेगी। इस दौरान प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, दिनेश लाल श्रीवास्तव, अशोक कुमार त्रिपाठी, प्रदीप गुप्ता, बनारसी यादव, मैनेजर सिंह, हरिशंकर सिंह आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
फोटो है
दूसरे दिन भी काम काज ठप
रामकोला। बुधवार को दूसरे दिन भी स्थानीय ब्लॉक के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। इस कारण अपने कार्यों के लिए आए फरियादियों को निराश होकर वापस जाना पड़ा। स्थानीय ब्लाक के कर्मचारियों ने मंगलवार को कार्यालय में ताला जड़ दिया था। बुधवार को भी कर्मचारी हड़ताल पर रहे तथा विकास खंड कार्यालय में ताला लटक रहा था। इस आंदोलन में ब्लाक के अखिलेश सिंह, त्रिपुरेश मल्ल, सत्यवीर गोविंद राव, रामसजीवन, मजरुल हक, पवन राव आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
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अपनी लंबित मामलों का समाधान होने से नाराज राज्य कर्मचारी प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार से ही हड़ताल पर हैं। इन कर्मचारियों का कहना है कि वार्ता के समय मुख्य सचिव की ओर से आश्वासन तो दिया जाता है लेकिन उसे पूरा नहीं किया जाता। कई बार धरना-प्रदर्शन और हड़ताल के बाद भी जब कोई निष्कर्ष नहीं निकला तो संगठन एक बार फिर हड़ताल पर आमादा है। लोक निर्माण विभाग, विकास भवन, सिंचाई विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, स्वास्थ्य विभाग, श्रम, वन, उद्योग, कृषि, राजस्व, एआरटीओ, समाज कल्याण, डीपीआरओ, अल्पसंख्यक कल्याण आदि विभागों के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कर्मचारी बुधवार को विकास भवन परिसर में एकत्र हुए तथा धरने पर बैठ गए। धरना की अध्यक्षता राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के अध्यक्ष वीपी पाल ने की। परिषद के अध्यक्ष योगेंद्र द्विवेदी ने कहा कि सरकार राज्य कर्मचारियों को गुमराह कर रही है। इस लिए सभी कर्मचारी इस हड़ताल को सफल बनाने में अपना सहयोग करें। इस धरना और हड़ताल में रवींद्र मिश्र, दुर्गावती देवी, अरविंद तिवारी, दीनबंधु मद्धेशिया, विजय प्रकाश पांडेय, भगवंत राजभर, दिनेश कुशवाहा, मारकंडेय मल्ल, कृष्ण कुमार मिश्र, मुहम्मद जाने आलम, उग्रसेन सिंह, राजीव कुमार, निमेश कुमार मिश्र सहित कई कर्मचारी शामिल थे।
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लैब टेक्निशियन संघ भी हड़ताल में शामिल
पडरौना। राज्य कर्मचारियों की हड़ताल में लैब टेकिभनशियन संघ भी शामिल हो गया है। इस संगठन के लोगों ने अपने-अपने चिकित्सालय के लैब पर ताला बंद कर हड़ताल को अपना समर्थन दिया। जिलाध्यक्ष प्रभुनंद उपाध्याय ने बताया कि जब तक राज्य कर्मचारियों की मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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दफ्तर बंद होने से परेशान हुए लोग
पडरौना। राज्य कर्मचारियों की हड़ताल के कारण दूसरे दिन भी फरियादियों और विभिन्न जरूरतों से जिला मुख्यालय पहुंचे लोगों को वापस लौटना पड़ा। उनके समय और किराया दोनों का नुकसान हुआ। कर्मचारियों की बार-बार हड़ताल से लोग काफी नाराज दिखे।
रामपुर सोहरौना गांव से आए विजय कुमार ने बताया कि डीएल बनवाने के लिए एआरटीओ विभाग में आया था। लेकिन ताला बंद करके सभी लोग चले गए हैं।
खड्डा के मनोज और कुशीनगर के सुधीर भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ही आए थे। इन लोगों ने बताया कि एआरटीओ विभाग के कर्मचारियों के दफ्तर बंद करके हड़ताल पर चले जाने से उनका किराया और समय दोनों की बर्बादी हुई है।
खैरटवा निवासी एनएन चौबे विकास भवन में अपने एक जरूरी कार्य से आए थे। हड़ताल की वजह से इनका काम भी नहीं हो सका।
देवतहां के रवींद्र और झपसी समाज कल्याण विभाग में आए थे। इन दोनों ने बताया कि वृद्धा पेंशन बनवाना था लेकिन काम नहीं हो सका। बार-बार की हड़ताल से काफी नुकसान होता है।
रावतपार के नन्हे शेरा ने बताया कि वे क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में अपने एक आवश्यक कार्यवश आया था। दफ्तर बंद होने की वजह से घर जाना पड़ रहा है।
हड़ताल के समर्थन में भरी हुंकार
हाटा। राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के आह्वान पर हड़ताल के दूसरे दिन भी हाटा तहसील सहित अन्य कई कार्यालयों में कामकाज नहीं हो सके। इस अवसर पर कर्मचारियों ने सभाएं कर अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। हाटा के तहसील सभागार में अमीन संघ के अध्यक्ष रामसेवक प्रसाद की अध्यक्षता में एक सभा का आयोजन हुआ। इस सभा में लेखपाल संघ ने भी हिस्सा लिया। दोनों संगठनों ने एक स्वर से राज्य कर्मचारी अधिकार मंच की मांगों को जायज बताते हुए इसे जल्द पूरा करने की मांग की। यहां पर कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि जब तक शासन उनकी मांगों को नहीं मानता है, तब तक अनिश्चित कालिन हड़ताल चलती रहेगी। इस दौरान प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, दिनेश लाल श्रीवास्तव, अशोक कुमार त्रिपाठी, प्रदीप गुप्ता, बनारसी यादव, मैनेजर सिंह, हरिशंकर सिंह आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
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दूसरे दिन भी काम काज ठप
रामकोला। बुधवार को दूसरे दिन भी स्थानीय ब्लॉक के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। इस कारण अपने कार्यों के लिए आए फरियादियों को निराश होकर वापस जाना पड़ा। स्थानीय ब्लाक के कर्मचारियों ने मंगलवार को कार्यालय में ताला जड़ दिया था। बुधवार को भी कर्मचारी हड़ताल पर रहे तथा विकास खंड कार्यालय में ताला लटक रहा था। इस आंदोलन में ब्लाक के अखिलेश सिंह, त्रिपुरेश मल्ल, सत्यवीर गोविंद राव, रामसजीवन, मजरुल हक, पवन राव आदि कर्मचारी मौजूद रहे।